फीस बढ़ोतरी न रोकी तो प्रदेश में आंदोलन

Kangra Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
धर्मशाला। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने बुधवार को उपायुक्त केआर भारती के माध्यम से राज्यपाल को मांगों के लिए ज्ञापन भेजा। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से मांग की है कि प्रदेश विश्वविद्यालय और स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुई फीस वृद्धि को वापस लिया जाए। क्योंकि प्रदेश में 75 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी निर्धन परिवारों से संबंध रखते हैं। इसके चलते वह इतनी ज्यादा फीस नहीं दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश विवि और स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रशासन अपनी मर्जी से छात्रों से मनमनी फीस वसूल रहे हैं। इस कारण ज्यादातर विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई प्रदेश विवि और स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुई फीस वृद्धि का कड़ा विरोध करती है। साथ ही फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द विवि और स्कूल शिक्षा बोर्ड में फीस वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो एनएसयूआई प्रदेश भर में आंदोलन करेगी। इसका जिम्मेवार विश्वविद्यालय और स्कूल शिक्षा बोर्ड प्रशासन होगा। इस मौके एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रतिनिधि सुरजीत भरमौरी, राज्य प्रवक्ता अर्जुन, सुनील कुमार, प्रदेश महासचिव गौरव कुमार, अमित जसवाल, अमरजीत, मनोज कुमार, गुरजीत कुमार, संजीव और नीरज उपस्थित रहे।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अब ये खास अंडरवियर बचाएगी बहू-बेटियों की आबरू

साल 2016 में देश में सबसे ज्यादा रेप के मामले उत्तर प्रदेश से सामने आए। अब यूपी की ही एक बेटी ने एक महिलाओं की इज्जत-आबरू को बचाने का बेड़ा उठाया है। इस बेटी ने एक ऐसा अंडरवियर बनाया है जो रेप प्रूफ है। देखिए क्या है इसकी खासियत।

11 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper