फिर किस काम का क्वालिटी कंट्रोल विंग....?

Hamirpur Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। स्वयं सैंपल नहीं ले सकता, संबंधित अधिकारी के कहने पर ही क्वालिटी की जांच की जानी है तो फिर लोक निर्माण विभाग का क्वालिटी कंट्रोल विंग किस काम का? क्यों, अलग से विंग का गठन किया गया है, अधिकारियों की तैनाती की गई है और पैसा खर्च किया जा रहा है? विंग के अधिकारियों के जवाब के बाद सवाल खड़े होना लाजमी है। क्या केवल दिखाने मात्र के लिए क्वालिटी कंट्रोल एंड मानीटरिंग विंग का गठन किया गया है। तो ऐसे में निर्माण कार्य करवाने वाले तथा निर्माण कार्य करने वालों पर कौन नजर रखेगा। कार्य की गुणवत्ता कौन जांचेगा?
हमीरपुर-लंबलू-बस्सी सड़क मार्ग की टारिंग एक माह के भीतर उखड़ने के मामले पर विंग के अधिकारियों से पूछा गया तो कहना था कि अधिशासी अभियंता टौणी देवी (कार्य करवाने वाले) की ओर से लिखित में आने पर ही सैंपल लिए जाएंगे तथा जांच की जाएगी। जबकि नियमानुसार क्वालिटी कंट्रोल विंग में वरिष्ठ अधिकारी तैनात होते हैं, तथा विंग का कार्य ही गुणवत्ता पर नजर रखना है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार विंग औचक रूप से, शिकायत मिलने पर या स्वत: संज्ञान लेकर अधिकार क्षेत्र में किसी भी निर्माण कार्य की जांच कर सकता है। मुख्यमंत्री के गृह जिला में अधिकारियों का ऐसा जवाब कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर देता है। सड़क की टारिंग के लिए करीब एक करोड़ रुपए का टेंडर हुआ था। टारिंग के एक माह के भीतर ही सड़क की टारिंग उखड़ गई और जगह- जगह गड्ढे पड़ गए हैं। सड़क से उखड़ी बजरी सड़क के बीचों बीच पड़ी है, जो वाहन चालकों की परेशानी का कारण बनी हुई है। जनता में रोष बढ़ रहा है और अब सोए हुए विभाग को जगाने के लिए पहले स्वयं जनता को जागना होगा। अन्यथा जनता के पैसे के दुरुपयोग के लिए स्वयं जनता ही जिम्मेवार होगी।

क्वालिटी विंग सड़ निर्माण के सैंपल ले सकता है : चौहान
लोक निर्माण विभाग के क्वालिटी कंट्रोल विंग के कंट्रोलर एवं अधिशासी अभियंता डिजाइन एसके सोनी का कहना है कि मामले से संबंधित जानकारी टौणीदेवी के अधिशासी अभियंता से ही मिल सकती है। जहां तक हमीरपुर लंबलू सड़क मार्ग की टारिंग के सैंपल की बात है तो क्वालिटी कंट्रोल विंग ने सैंपल नहीं लिए हैं। यदि संबंधित अधिकारी सैंपल के लिए कहते हैं तो सड़क टारिंग में प्रयोग हुई निर्माण सामग्री के सैंपल लिए जाएंगे।
उधर लोक निर्माण विभाग मंडल टौणीदेवी के अधिशासी अभियंता एनपीएस चौहान का कहना है कि क्वालिटी कंट्रोल विंग किसी भी सड़क की निर्माण सामग्री के सैंपल ले सकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की अनुमति लेना अनिवार्य नहीं होता है। उन्होंने बताया कि विंग सड़क के सैंपल ले सकता है। अधिकारी जिस सड़क की रिपोर्ट मांगेंगे, उन्हें रिपोर्ट देनी पड़ती है।

सैंपल पास, फिर भी उखड़ गई टारिंग
हमीरपुर बस्सी वाया लंबलू सड़क की उखड़ी टारिंग में एक तथ्य सामने आया है। विभाग की मानें तो टारिंग के दौरान सामग्री के सैंपल लिए गए थे, और सैंपल पास हुए हैं। लोक निर्माण विभाग टौणीदेवी के अधिशासी अभियंता एनपीएस चौहान का कहना है कि सड़क की टारिंग के दौरान निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर भेजे गए थे। सैंपल की रिपोर्ट सही पाई गई थी। इसके बाद सड़क की टारिंग का कार्य शुरू हुआ था। अब सवाल उठता है कि सैंपल ठीक थे, सामग्री ठीक थी तो फिर टारिंग एक माह में ही कैसे उखड़ गई, किन कमियों, खामियों के कारण टारिंग उखड़ी। इन सवालों के जवाब ढूंढ भविष्य में सुधार हो सकता है। परंतु शायद कोई सुधार नहीं करना चाहता, केवल जनता के पैसे को बर्बाद होते देखना जानते हैं।

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