हमीरपुर में पार्कों की हालत खस्ता

Hamirpur Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। हमीरपुर में पार्कों की हालत काफी खस्ता है। प्रशासन द्वारा शहर में पार्कों का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन शायद उनका रख रखाव करना भूल गया है। उचित देखरेख के अभाव में पार्कों की हालत काफी खस्ता है। ऐसे में बच्चे मजबूरन गलियों और सड़कों में खेलने को मजबूर हैं। इससे जहां दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। वहीं राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते बच्चों के अभिभावकों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति रोष है।
अभिभावकों में सुदर्शन गौतम, अनिल कुमार, दीप चंद, अमन राणा, सुमित शर्मा, चंचल रांगड़ा, सुरेश कुमार, संदीप कौशल आदि का कहना है कि प्रशासन द्वारा हमीरपुर में पार्कों के निर्माण पर लाखों रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन पार्कों के रखरखाव के लिए कोई प्रबंध नहीं किए हैं। बीएसएनएल एक्सचेंज के समीप पार्क और हीरानगर पार्क की प्रशासन द्वारा सुध नहीं ली जा रही है। पार्कों में बच्चों के खेलने के उपकरणों का भी अभाव है। वहीं पक्का भरो के समीप बनने वाले पार्क का निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है। इससे स्पष्ट है कि पार्कों की सुध लेने के लिए न तो प्रशासन ने कोई कदम उठाया है, और न ही विभाग इनके रखरखाव के लिए जिम्मेवार हैैै। ऐसे में बच्चे शहर की गलियों और सड़कों पर खेलने को मजबूर हैं। हालांकि इससे कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और विभाग ने पार्कों की दशा को सुधारने की जहमत नहीं उठाई है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पार्कों की दशा में सुधार किया जाए।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि पार्कों की हालत में सुधार किया जाएगा, और इसके लिए प्रशासन से भी सहायता ली जाएगी।

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