जोड़ों में दर्द, कंपकंपी तो समझो बुखार

Hamirpur Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST
हमीरपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एसके सोनी ने कहा कि बुखार कैसा भी हो। डाक्टर से इसका उपचार अवश्य करवाना चाहिए। रोगी की लापरवाही उस पर भारी पड़ सकती है। तेज बुखार से स्क्रब टायफस भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि विशेष कर बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। रोग एक जीवाणु विशेष (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सु (माईट) के काटने से फैलता है। जो खेतों, झाड़ियों तथा घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। उन्होंने बताया कि यह चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि स्क्रब टायफस के लक्षणों में तेज बुखार 104 से 105 डिग्री तक जा सकता है। जोड़ों में दर्द तथा कंपकंपी के साथ बुखार होता है। शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगता है। अधिक संक्रमण कि स्थिति में बाजुओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो जाती हैं। उन्होंने बचाव एवं रोकथाम के उपायों पर बताया कि खेतों तथा झाड़ियों में काम करते समय पूरा शरीर (खासकर टांगे, पांव और बाजू) ढक कर रखें। शरीर की सफाई का ध्यान रखें। घर तथ आसपास के वातावरण को साफ रखें। घर के चारों ओर घास, खरपतवार पैदा न होने दें। घर के अंदर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।

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