न कुदरत रहम दिल निकली और न लोग

Chamba Updated Mon, 01 Dec 2014 05:30 AM IST
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चंबा। भीषण अग्निकांड पीड़ित परिवार पर कुदरत ने तो रहम नहीं दिखाया पर जिन लोगों से रहम की उम्मीद थी वे भी बहाने से एक दिन टाल गए। अग्निकांड पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री खरीदने के लिए नायब तहसीलदार धरवाला समेत राजस्व विभाग की पूरी टीम सुबह से चंबा बाजार में डटी थी लेकिन दुकानदारों ने छुट्टी की बात कहकर दुकानें ही नहीं खोली। कई बार संपर्क करने के बाद कुछ दुकानदारों को रहम आया भी तो तब तक इतनी देर हो चुकी थी कि राहत सामग्री को प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया ही नहीं जा सका।
शाम चार बजे तक राजस्व विभाग की पूरी टीम चंबा शहर में दुकानें खुलने का इंतजार करती रही और उधर कुदरत की मार झेल रहे परिवार के लोग राख में सपने ढूंढते रहे। कुदरत के दिए जख्मों पर मरहम लगाने की उम्मीद पर रविवार की छुट्टी ज्यादा भारी नजर आई। दरअसल, पियुहरा पंचायत के कुठेड़ गांव में शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे आग लगी थी और इसकी सूचना प्रशासन व राजस्व विभाग तक पहुंचते ही उपायुक्त एम सुधा देवी ने नायब तहसीलदार धरवाला को मौके पर जाकर लोगों को राहत सामग्री वितरित करने के निर्देश जारी किए। सब कुछ प्रशासन के निर्देश पर अंजाम दिया गया।
मौके पर पहुंच नायब तहसीलदार ने प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत दी और अन्य सामग्री रविवार को उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को उम्मीद जताई कि रविवार की रात उन्हें खुले आसमान तले नहीं काटनी पड़ेगी और इसी प्रयास के तहत राजस्व विभाग की पूरी टीम चंबा पहुंच गई लेकिन यहां दुकानें बंद होने की वजह से उन्हें मायूस होना पड़ा। बहरहाल, रविवार की एक छुट्टी ने प्रभावित परिवार के जख्म पर मरहम लगाने के प्रयास बाधा पहुंचाकर परिवार को खुले आसमान तले एक और रात गुजारने पर मजबूर कर दिया है।
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सुबह से आए हैं पर सामान नहीं मिला : नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार धरवाला बाल कृष्ण का कहना है कि वे जरूरी सामान खरीदने के लिए सुबह करीब साढ़े नौ बजे चंबा आ गए थे, लेकिन यहां पहुंचने के बाद पता चला कि बाजार बंद है। इसके बाद व्यक्तिगत रूप से कुछ दुकानदारों के साथ संपर्क किया लेकिन जरूरत की सारी चीजें शाम चार बजे तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। अब सोमवार को ही राहत सामग्री वितरित हो सकेगी।
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पंचायत कर रही है प्रयास : प्रधान
वहीं, पंचायत प्रधान पियुहरा जोगेंद्र सिंह का कहना कि पीड़ित परिवार को पंचायत हर संभव मदद उपलब्ध करवाने का प्रयास करेगी। फिलहाल, परिवार पड़ोस के एक घर में रह रहा है। प्रशासन की तरफ से रविवार को राहत मिलने की उम्मीद थी लेकिन अभी तक कोई नहीं पहुंचा है। उम्मीद है जल्द मदद मिल जाएगी।

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इस सामान की होनी थी खरीद
पियुहरा पंचायत के कुठेड़ में अग्निकांड की घटना में बेघर हुए परिवारों के कुल सदस्य ग्यारह हैं। ऐसे में प्रशासन ने सभी सदस्यों को एक-एक बिस्तर जिसमें कंबल, गद्दा, रजाई एवं तकिया शामिल है। जबकि बर्तन में दो प्रेशर कूकर, प्लेट, गिलास व राशन उपलब्ध करवाया जाना है।

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