बगैर मंजूरी लिए ही बना दीं 40 सड़कें

Chamba Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
चंबा। लोक निर्माण विभाग ने जिले में क रीब 40 सड़कें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के बिना ही बना डाली हैं। पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इन सड़कों में से 25 का कार्य वन विभाग ने रुकवा दिया है। पीडब्ल्यूडी ने सरकारी महकमा होने का लाभ उठाते हुए न केवल इन सड़कों पर अवैध कटाई की, बल्कि यहां की वन संपदा को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान कई पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है और वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। बिना फॉरेस्ट क्लीयरेंस के बनाई गई सड़कों में जहां लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं, वहीं विभाग को करोड़ों रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। नियमों की अनदेखी करने वाले पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सस्पेंड तक हो सकते हैं। वन विभाग ने पिछले करीब दो माह में करीब 25 सड़कों की इंस्पेक्शन की है। इनमें मंगला-तपून, सुलतानपुर-द्रमण, घरमाणी-थल्ला, पल्यूर-सुंगल, लिंक रोड सुनारा, अप्पर लेच और दुनाली-बतोट सहित अन्य कई सड़कें शामिल हैं। इंस्पेक्शन के बाद इन सड़कों का निर्माण कार्य भी बंद करवा दिया गया है। अन्य सड़कों की जल्द इंस्पेक्शन करने के बाद इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। वन विभाग के डीएफओ किरपा शंकर ने बताया कि सड़कों की इंस्पेक्शन की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक विभाग द्वारा करीब 25 सड़कों की इंस्पेक्शन करने के बाद काम रुकवा दिया है। उन्होंने कहा कि अन्य सड़कों की जल्द इंस्पेक्शन की जाएगी और नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई सड़कों की रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए भारत सरकार को भेजी जाएगी।
विज्ञापन


सड़कें बनती रहीं, अधिकारी सोये रहे
विभाग ने सड़क निर्माण के लिए निर्धारित छह मीटर की जगह आठ-आठ मीटर जगह ले ली है। इससे वन विभाग की कई हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। वन भूमि पर सड़कें बनाने के मामले में वन विभाग के तत्कालीन अधिकारी भी उतने ही दोषी कहे जा सकते हैं, जितने पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिकारी रहे हैं। हैरानी की बात है कि जब पीडब्ल्यूडी ने बिना फारेस्ट क्लीयरेंस के दर्जनों सड़कें बनाने के लिए वन विभाग की भूमि पर जेसीबी चलाई, तब वन विभाग के अधिकारी कहां सोये हुए थे। अब जब मामला केंद्र में अटका तो वन विभाग के अधिकारी खाल बचाने के लिए रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us