इलाज के अभाव में मासूम ने तोड़ा दम

Chamba Updated Wed, 23 Oct 2013 05:42 AM IST
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चुवाड़ी (चंबा)। स्थानीय अस्पताल में ढुलमुल स्वास्थ्य सेवाओं का खमियाजा डेढ़ वर्षीय बच्चे को भुगतना पड़ा है। मंगलवार को सही तरीके से इलाज न हो पाने से इस बच्चे की मौत हो गई।
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उधर, समय पर सही इलाज न होने के चलते बच्चे के मां-बाप के साथ-साथ ग्रामीणों में खासा रोष है। बलदेव राज पुत्र प्रवीण कुमार गांव चनोड़ पंचायत परिसियारा ने बताया कि वह अपने डेढ़ वर्षीय पुत्र को 20 अक्तूबर को चुवाड़ी अस्पताल लेकर आया था। जब वह बच्चे को अस्पताल में लाया तो तब चिकित्सक ने बच्चों को महज बुखार, ठंड व खासी होना बताकर सर्दी-जुकाम की दवाई लिखकर घर भेज दिया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चे को अस्पताल में दाखिल करने की गुहार भी लगाई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को अस्पताल में दाखिल करने के बजाय घर भेज दिया। दो दिन बाद 22 अक्तूबर को बच्चे की तबियत काफी बिगड़ गई। वे बच्चे को 108 एंबुलेंस में फिर से चुवाड़ी अस्पताल लेकर आए तो यहां के डाक्टर कैंप में व्यस्त दिखे। डाक्टर ने उन्हें बच्चे को नुरपुर अस्पताल ले जाने को कहा। बलदेव राज ने बताया कि उनके बेटे ने नूरपुर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अगर डाक्टर बच्चे को दो दिन पूर्व ही कहीं दूसरे अस्पताल में ले जाने को कह देते तो उनके मासूम बच्चे की जान नहीं जाती। वहीं बच्चे की मृत्यु की घटना से पूरा परिवार सदमे में है। बच्चे की मां चुवाड़ी बस स्टैड पर विलख कर बच्चे को हाथ में लिए विलाप कर रही थी। बलदेव राज ने बताया कि चुवाड़ी अस्पताल में एक तो चिकित्सकों की कमी है, उपर से अस्पताल के चिकित्सक मरीजों का इलाज करने के बजाय दूसरे कार्यों में लगे रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब बच्चे को लेकर अस्पताल प्रशासन से इलाज करने की गुहार लगा रहे थे तो डाक्टर यहां लगाए गए शिविर के आयोजन को सफल बनाने में लगे रहे और बच्चे की हालत की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। डाक्टरों ने बिस्तर खाली न होने की बात कह कर उन्हें नूरपुर जाने को कह दिया। उधर, परिसियारा के बीडीसी सदस्य नारायण सिंह ने इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मंगलवार को वह भी बलदेव राज के बीमार बच्चे को देखने आए तो उन्होंने यहां तैनात डाक्टर को खुद बीमार बच्चे के परिजनों का डांटते देखा। वहीं चुवाड़ी अस्पताल के एसएमओ डा. संजय ने बताया कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए बच्चे को नुरपुर अस्पताल ले जाने को कहा गया होगा।
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