आखिर क्यों नहीं चलाई थी बस

Chamba Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
चंबा। चंबा-धुलाड़ा मार्ग पर हुए बस हादसे का दंश झेल रहे ग्रामीणों ने एक बार फिर से हादसे का कारण एचआरटीसी की बस बंद करने को बताया है। आज भी ग्रामीणों को इस बात की टीस है कि अगर एचआरटीसी की बस बंद न हुई होती तो आज दर्जनों परिवारों में मातम का माहौल न होता। उन्होंने ढांढस बंधाने पहुंचे परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह के समक्ष भी यह बात रखी और बस बंद होने और इसे शुरू न किए जाने के लिए जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर परिवहन मंत्री ने मामले की विभागीय जांच करवाने और दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से वे तत्कालीन आरएम से चंबा-धुलाड़ा रूट पर निगम की बस चालने की मांग कर रहे थे। इतना ही नहीं हादसे से दो दिन पहले भी ग्रामीणों ने उपायुक्त से मिलकर बस चलाने की मांग रखी थी। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पूर्व जब वे बस चलाने को लेकर तत्कालीन आरएम से मिले थे, तो उन्होंने इसके पीछे राजनीतिक दबाव का हवाला देते हुए कहा था कि यह काम उनके बस में नहीं है, इससे तो उनका तबादला ही करवा दें। इस कारण ग्रामीणों को प्राइवेट बस में सफर करना पड़ रहा था। परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह के सामने भी ग्रामीण गुस्से में दिखे। ग्रामीण एक स्वर से एचआरटीसी के तत्कालीन आरएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग कर थे। ग्राम पंचायत कुठेहड़ के प्रधान गुलशन, मल्याणा के उपप्रधान राकेश कुमार, ग्रामीणों अनिल कुमार, दिनेश कुमार, भुवनेश कुमार, पवन कुमार, प्रवीण कुमार, संजय कुमार, ओंकार सिंह, काकू राम, प्रदीप कुमार, बजरो राम, विनोद कुमार, विक्रम जीत, पवन कुमार, लक्की और दीनू राम ने कहा कि वे आरएम से कई बार मिले थे। इसके अलावा वे स्थानीय विधायक बीके चौहान और उपायुक्त से भी गुहार लगा चुके थे। परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि इस बारे आरएम से जवाब मांगा जाएगा।
विज्ञापन

इंसेट.........
निजी बस नेेे किया था रूट फेल
चंबा। चंबा-धुलाड़ा मार्ग पर चल रही निजी बस के साथ समय में कम अंतर के चलते निगम की बस का रूट फेल होने की बात की जा रही है। परिवहन मंत्री के दौरे के दौरान यह बात भी सामने आई है कि सवारियां भी पैसे बचाने के चक्कर में प्राइवेट बस में सफर कर रही थीं। निजी बस से आधा घंटा पहले निगम की बस चलती थी तो इस बस में सवारियां काफी कम बैठती थीं। इस कारण निगम को घाटा हो रहा था। इसके बाद निगम ने बस रूट पर भेजना बंद कर दिया। लिहाजा, निजी बस में ओवरलोडिंग होने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us