दाह संस्कार को कम पड़ गए श्मशानघाट

Chamba Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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चंबा। जिले के धुलाड़ा मार्ग पर हुए बस हादसे के शिकार लोगों का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशानघाट भी कम पड़ गए। अधिकतर मृतकों का अंतिम संस्कार गावों की खड्डों के किनारे खुले में किया गया। सबसे ज्यादा चिताएं कुठेड़ा पंचायत के श्मशानघाटों में जलाई गईं। रावी के किनारे करीब दो दर्जन मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ कई चिताएं देख ऐसा लग रहा था, मानो रावी भी ठहर सी गई हो। जांघी स्थित रावी नदी के तट किनारे एक साथ 10 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें चंचलो पत्नी मुंशी निवासी गरोंठा, आवतो पत्नी धनिया निवासी टिपरी, कुलदीप कुमार पुत्र रिज्जू राम निवासी मलिण, प्रदीप कुमार पुत्र हंसराज निवासी दल्ली, गिलमों पत्नी देसो निवासी ठेड़ू, कुंता पत्नी छाछो निवासी संवार, किशनो पत्नी हेमराज निवासी संवार, तिलको पुत्र धर्मू निवासी संवार, सुरेखा पत्नी कमल निवासी चनैल, पांजू पुत्र मग्जी निवासी गरोंठा शामिल हैं। इसके अलावा कलसुईं में एक साथ पांच मृतकों पवन पुत्र ध्याना निवासी बग्गा, रिंकू पुत्र रोशन निवासी बग्गा, रीनू पत्नी कालू निवासी बग्गा, धनिया पुत्र चेतू निवासी कुठेड़, लांबी पत्नी गिज्जो निवासी रोह का अंतिम संस्कार किया गया। रजेरा और कुरांह में भी रवी नदी किनारे मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। कुरांह में चार मृतकोें को दफनाया भी गया। बाकी प्रभावित गांवों के मृतकों को भी उनके क्षेत्र के श्मशानघाटों में अंतिम विदाई दी गई। कुठेड़ा की पंचायत प्रधान गुलशन मलियान, पूर्व संसदीय सचिव ठाकुर सिंह भरमौरी, पीसीसी सचिव पवन नैय्यर, भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के संयोजक डा. डीके सोनी और जिप सदस्य राज कुमार ठाकुर मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मौके पर जांघी के पटवारी प्रीतम सिंह और फील्ड कानूनगो फकीर चंद ने मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार रुपये की राहत राशि भी मुहैया करवाई।
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बीबीए का छात्र संजू भी पंचतत्व में विलीन
चंबा कालेज में बीबीए का छात्र संजू पुत्र प्रभदयाल निवासी चरड़ा का अंतिम संस्कार रजेरा स्थित रवी नदी के किनारे किया गया। रविवार शाम को संजू की अंतिम यात्रा लेकर जा रहे उसके परिजन और ग्रामीण घटना स्थल के पास से गुजरे तो वहां खड़े लोगों की आंखें नम हो गईं। एक तरफ बस का मलबा बिखरा हुआ था, दूसरी तरफ संजू कफन में लिपटा जा रहा था। सबके मुंह से यही निकला कि इस मनहूस बस के कारण हंसता खेलता संजू दुनिया से विदा हो गया।
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