रात्रि भत्ता बंद करने से भड़के चालक-परिचालक

Bilaspur Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
बिलासपुर। एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन ने रात्रि ड्यूटी के एवज में चालकों व परिचालकों को रात्रि भत्ता न देने संबंधी निगम प्रबंधन के आदेशों की कड़ी आलोचना की है। यूनियन का कहना है कि गलत फैसलों से निगम कर्मियों का मनोबल गिर रहा है। इन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए।
रविवार को यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्यारेलाल कश्यप की अध्यक्षता में बिलासपुर में आयोजित राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कहा गया कि हाल ही में निगम प्रबंधन ने चालकों व परिचालकों को रात्रि की सेवाओं के एवज में रात्रि भत्ता न देने के आदेश पारित किए हैं, जो सरासर गलत हैं। चालक-परिचालक दिन-रात सेवाएं देते हुए एक-एक पैसा एकत्रित करके निगम की झोली में डाल रहे हैं, लेकिन जब अदायगी की बात आती है तो सबसे पहले उन्हीं पर कानून थोपा जाता है। मेहनतकश कर्मचारियों को यह कैसा इनाम दिया जा रहा है।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर निगम के प्रबंध निदेशक से मांग की गई कि उक्त आदेशों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। ऐसा न होने पर चालकों-परिचालकों का मनोबल गिरना स्वभाविक ही है। वे सही ढंग से सेवाएं देने में असमर्थ हो जाएंगे। बैठक में निगम की संयुक्त समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर, यूनियन के प्रदेश महासचिव किशन चंद, सलाहकार नत्थूराम व कार्यालय सचिव भूपेंद्र कंवर के साथ ही विभिन्न जिलों से कमल दास ठाकुर, चंद्रमणी, संसार चंदल, पवन, उधम ठाकुर, प्रकाश चंद, सुरेंद्र, सुरेश, गुरदयाल, युवराज, विश्वनाथ, सरवण कुमार, लालसिंह, सुरेंद्र कुमार, सुभाष, गिरधारी लाल, करतार सिंह व संजीव आदि ने भाग लिया।

Spotlight

Most Read

Dehradun

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

आरटीओ में गोलमाल, जांच शुरू

21 जनवरी 2018

Related Videos

ये वीडियो देखकर आपकी आंखे फटी रह जाएंगी

हिमाचल प्रदेश में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहां एक स्टीमर को पानी में उतारने के लिए लाई गई मशीन ही पानी में गिर गई। देखिए जरा ये तस्वीर।

17 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper