छोटे तबके के कर्मियों की हो रही अनदेखी

Bilaspur Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
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बिलासपुर। राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन (शिक्षा विभाग) ने सरकार पर छोटे तबके के कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि हालांकि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में कर्मचारियों को 4-9-14 का वित्तीय लाभ देने के फैसले के साथ ही मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर सात फीसदी महंगाई भत्ता देने की घोषणा भी की है, लेकिन अत्यधिक कम वेतन पर काम करने वाले मिड-डे मील कर्मियों व ग्रामीण जलवाहकों को दरकिनार कर दिया गया है। इससे इन संगठनों में बेहद रोष है।
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संगठन के प्रदेश प्रधान अमर सिंह चंदेल, जिला प्रधान तारा शर्मा, उप प्रधान चुनीलाल, मिड-डे मील कर्मचारी संघ की प्रधान मीरा जसवाल, महासचिव तृप्ता गुलेरिया, हमीरपुर के जिला प्रधान परमजीत चौधरी तथा संतोष पटियाल, प्रेम सागर ठाकुर तथा फूलां ठाकुर ने कहा कि छोटे तबके के कर्मचारियों के प्रति सरकार का रवैया बेहद नकारात्मक है। कुछ अरसा पहले सरकार ने ग्रामीण जलवाहकों को पूर्णकालिक बनाने के बजाय दैनिक भोगी बनाने का औचित्यहीन फैसला लिया, जिसका शुरू से ही विरोध हो रहा है। अब स्वतंत्रता दिवस और उससे पहले जेसीसी की बैठक में अन्य कर्मचारियों के हित में तो फैसले लिए गए, लेकिन ग्रामीण जलवाहक तथा मिड-डे मील कर्मी एक बार फिर दरकिनार कर दिए गए। उन्होंने सरकार से उनका मानदेय बढ़ाने के साथ ही उनके लिए ठोस व कारगर नीति बनाने की मांग की है।
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