फोरलेन से धार्मिक स्थल के अस्तित्व को खतरा

Bilaspur Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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बिलासपुर। कीरतपुर से नेरचौक तक प्रस्तावित फोरलेन से बैहनाजट्टां पंचायत के कल्लर गांव में स्थित एक प्राचीन गुरुद्वारा का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। चूंकि गुरुद्वारा से लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, ऐसे में उसके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने से उनका चिंतित होना स्वाभाविक है। बुधवार को क्षेत्रवासियों ने उपायुक्त रितेश चौहान से मुलाकात कर उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया।
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कल्लर गांव निवासी रतन सिंह, कर्म सिंह, भगत सिंह, हरनाम सिंह, सर्वजीत सिंह, प्रभुदयाल सिंह, ज्ञान सिंह, प्रेम सिंह, अमरजीत सिंह, केसर सिंह, विमल कौर, भगवंत कौर, नंदलाल, इंद्र सिंह और सलिल कौर, भजवाणी के धनीराम और रघुनाथपुरा के दौलतराम ने कहा कि कीरतपुर से नेरचौक तक फोरलेन के निर्माण के लिए जो सर्वे हुआ है, उसमें कल्लर गांव का खसरा नंबर 31 भी आया है। इस भूमि पर पुराना गुरुद्वारा स्थित है, जो 3-4 पीढ़ियों का आस्था स्थल है। ऐसे में उसके अस्तित्व पर संकट मंडराने से संगत दुखी है।
ग्रामीणों के अनुसार हालांकि विकास के दृष्टिगत फोरलेन का निर्माण स्वागतयोग्य है, लेकिन लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखा जाना भी बेहद जरूरी है। उन्हाेंने उपायुक्त से आग्रह किया कि संबंधित स्थान पर फोरलेन के साथ लगती सरकारी भूमि गुरुद्वारा साहिब के निर्माण के लिए आवंटित की जाए। इससे फोरलेन का निर्माण होने के बावजूद लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होने से बच सकेंगी।
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