विज्ञापन

कुण लहरां जो गिणदा रहो, कुण धारां जो...

Bilaspur Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
बिलासपुर। ‘कुण लहरां जो गिणदा रहो, कुण धारां जो मिणदा रहो, अपणिया चाला चलदे रैहणा, कुण लोकां री सुणदा रहो।’ दिवंगत साहित्यकार, कवि एवं पत्रकार शबीर कुरैशी की छठी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी में जब उनकी उक्त रचना सुनाई गई तो ऐसा लगा मानो स्व. कुरैशी स्वयं वहां मौजूद हों। कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर व पूर्व सांसद सुरेश चंदेल के साथ ही स्व. कुरैशी की धर्मपत्नी आशा कुरैशी तथा पुत्रों अजहर शबीर व असद शबीर ने शिरकत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को उप शिक्षा निदेशक कार्यालय के सभागार में प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष कुलदीप चंदेल व जिला भाषा अधिकारी डा. अनिता शर्मा के मंच संचालन में स्व. शबीर कुरैशी की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी हुई। इसका आगाज युवा पत्रकार एवं कलाकार कुलभूषण चब्बा ने स्व. कुरैशी का गीत ‘कुण लहरां जो गिणदा रहो’ सुनाकर किया। उन्होंने स्वरचित ‘था जिसका मन सुंदर सबसे प्यारा’ गीत भी प्रस्तुत किया। कुलदीप चंदेल ने पत्र वाचन किया। बीच-बीच में वह ‘वो सूरते इलाही किस देश में बसती है’ जैसी शायरी भी करते रहे। अपने विचार रखने मंच पर पहुंचे गोपाल शर्मा भावुक होकर रो पड़े। इससे सभागार में मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गई। कर्नल अंबा प्रसाद गौतम व रविंद्र भट्टा ने शबीर कुरैशी के साथ बिताए गए पलों को याद करते हुए कई किस्से सांझा किए।
अध्यापिका संदेश शर्मा ने अपनी रचनाओं ‘इक ऐसा शख्स था वो’ व ‘दो कदम ही चले थे और डगमगा गए, मेरी आस का घरौंदा पल भर में गिरा गए’ से खूब वाहवाही बटोरी। प्रदीप गुप्ता ने ‘धन्न हो बिलासपुरे री धरती’, सीताराम शर्मा ने ‘जिंदगी की कोई मकम्मल राह नहीं’, प्रेम टेसू ने ‘तुम बिन सूना पड़ा कहलूर सारा है’, रतन चंद निर्झर ने ‘घर से घर सटे हैं, फिर भी हमारे दिल बंटे हैं’, हुसैन अली ने ‘कैसा अजीम शख्स था, हर दिल को भा गया’, रवि सांख्यान ने ‘शायरां री महफिल थे कुरैशी’, सुखराम आजाद ने ‘जानी ते बी प्यारा मेरा उंदला बजार था’, संजय शर्मा ने ‘खेल तमाशा चौराहे पर’, अरुण डोगरा ने ‘आकाश में मंडराते गिद्ध, कर रहे हैं सिद्ध’, डा. बीआर शर्मा ने ‘मैं मंदिर में जाप भी कर लेता हूं’, डा. अनिता शर्मा ने ‘जब तक सृष्टि है’ व कमांडेंट सुरेंद्र शर्मा ने ‘यादों की कीमत उनसे पूछो’ रचनाएं प्रस्तुत की। ‘सांसों की डोर में बंधी, सतरंगी यादों से सजी’ रचना प्रस्तुत करते समय आशा कुरैशी की आंखें नम हो गई। रामलाल ठाकुर व सुरेश चंदेल ने कहा कि शबीर कुरैशी के चले जाने से साहित्य, लेखन व कविता के क्षेत्र में कमी महसूस हो रही है, जो हमेशा खलती रहेगी। संगोष्ठी में कई अन्य लोगों ने भी भाग लिया।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पाएं हमारे अनुभवी ज्योतिषाचार्य से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bilaspur

सड़क हादसे में कश्मीर के छात्र की मौत

सड़क हादसे में कश्मीर के छात्र की मौत

25 मार्च 2019

विज्ञापन

हिमाचल में बारिश और बर्फबारी ने मचाया कहर, अभी है फिलहाल ये हालात

हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी से दूसरे दिन भी जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। कुल्लू, लाहौल, किन्नौर, शिमला, मंडी और चंबा में बर्फबारी और अन्य इलाकों में बारिश के चलते हालात खराब हैं। हिमाचल प्रदेश में मौसम की पूरी जानकारी देखिए इस रिपोर्ट में।

22 फरवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election