बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

पहाड़ी भाषा को बढ़ावा दें साहित्यकार : शर्मा

Bilaspur Updated Mon, 16 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बरठीं (बिलासपुर)। जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रविवार को घंडीर के खबड़ी माता मंदिर में मासिक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डा. लेखराम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में कवियों तथा साहित्यकारों ने अपनी रचनाआें के माध्यम से समां बांध दिया। अपने संबोधन में डा. लेखराम शर्मा ने कहा कि कहलूरी भाषा बेहद समृद्ध है। कहलूरी लोकगीत कानों में जो मिठास घोलते हैं, उसका कोई मुकाबला नहीं है। गंगी गीत भी सुनने में बेहद मधुर लगते हैं। आधुनिकता की दौड़ में युवा पीढ़ी पहाड़ी भाषा से विमुख हो रही है, जो चिंतित करने वाला पहलू है। साहित्यकारों को चाहिए कि वे पहाड़ी भाषा को और अधिक लोकप्रिय बनाने में अपना सहयोग दें। खबड़ी माता मंदिर के महंत रूपेश्वर गिरी ने कहा कि युवाआें को नशे तथा चारित्रिक पतन से बचना चाहिए। सीता, सावित्री, दुर्गा, लक्ष्मीबाई, स्वामी विवेकानंद व स्वामी रामतीर्थ के देश में नशे या अन्य गलत कार्यों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। देश की संस्कृति बेहद गौरवमयी है। प्रत्येक देशवासी को इस पर नाज होना चाहिए। संगोष्ठी में जिला भाषा अधिकारी डा. अनिता शर्मा के साथ ही रोशनलाल शर्मा, ज्ञानचंद बैंस, कन्हैयालाल दबड़ा, सुरेंद्र मिन्हास, प्रदीप गुप्ता, रतन चंद निर्झर, कुलदीप दीपक, ज्ञानचंद गंभीर, संदेश शर्मा, कर्ण चंदेल व अरुण डोगरा आदि ने भाग लिया।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us