खुफिया तंत्र को चकमा देकर किसानों ने अशोक चक्र के सामने फूंका प्रधानमंत्री का पुतला

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 12:47 AM IST
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pradarsan - फोटो : Yamuna Nagar

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प्रशासन के तमाम पाबंदियों के बाद भाकियू ने खुफिया तंत्र को भी चकमा देकर प्रधानमंत्री का पुतला फूंक दिया। यही नहीं पुतले पर प्रदेश के दसों सांसदों की फोटो लगाकर दस सिर वाला पुतला बनाकर फूंका गया। प्रशासन की ओर से इसके लिए आनन फानन में धारा 144 लगाई गई, लेकिन सभी तरकीबे नाकाम रहीं और भारतीय किसान यूनियन ने पुतला फूंक ही दिया।
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भाकियू ने दशहरा पर पीएम का पुतला फूंकने की घोषणा की थी। भाकियू ऐसा न कर सके इसके लिए प्रशासन की ओर से सभी कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे, ताकि कोई भी किसान जिला सचिवालय तक ना पहुंच पाए। इस दौरान कई किसान नेताओं की गिरफ्तारियां भी हुई। लेकिन किसानों ने गांव टोपरा कला स्थित अशोक चक्र के पास नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। प्रदेश के सभी 10 सांसदों की फोटो लगाकर पुतले के दस सिर बनाए गए थे। किसान नेताओं का कहना है कि उन्होंने अहंकारी रूपी नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया है। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन प्रधान संजू गुंदियाना व हरपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन ने पूरे इंतजाम किए थे, कि किसान मोदी का पुतला न जला सके। इस दौरान कई किसानों को गिरफ्तार भी किया गया। उन्होंने कहा कि अब 29 अक्टूबर को प्रदेश के किसान अंबाला के मोहडा में एकत्र होंगे। जहां किसानों पर 302 के दर्ज मामले वापिस लिए जाने व कृषि कानून रद्द किए जाने की मांग करेंगे।
नये कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने दशहरा पर प्रधानमंत्री का पुतला जगाधरी अनाज मंडी गेट पर जलाने की घोषणा की थी। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। रविवार तड़के पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कई नेताओं को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद बहुत से किसान यूनियन से जुड़े नेता मोबाइल फोन बंद करके भूमिगत हो गए हैं। पुलिस ने तड़के चार बजे गांव संधाला से किसान नेता व अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन जिला प्रधान शिवकुमार संधाला, मोनू धानुपुरा, कृष्णपाल सुढ़ल व अन्य किसानों को गिरफ्तार किया। उन्हें गिरफ्तार करके पुलिस अपने साथ थाने ले गई। इसके अलावा सीआईए स्टाफ ने भारतीय किसान यूनियन निदेशक मंदीप रोड छप्पर के घर पर सुबह पांच बजे दबिश दी, लेकिन वे गिरफ्तार होने से पहले ही वहां से निकले। पुलिस किसान नेताओं के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार करने में लगी रहीं। यही नहीं किसान पुतला न फूंक सके इसके लिए किसानों को लघु सचिवालय न पहुंचने दिया।
अल सुबह ही जिला पुलिस किसान नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए इधर से उधर दौड़ती रही। इस काम में सभी थाना प्रभारी सहित सीआईए, वन, टू, डिटेक्टिव वन और टू व तमाम अधिकारी लगे रहे। कुछ नेताओं को तो गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन बाकी बच गए। फिर प्रशासन व पुलिस लघु सचिवालय के पास सुरक्षा प्रबंध और कड़े कर दिए। ताकि किसान पुतला फूंकने न आ सके। लेकिन सभी किसान टोपराकलां में एकत्र हुए और पुतला फूंक दिया। पुलिस व खुफिया तंत्र यहां बिल्कुल फेल हो गया। किसानों के प्रदर्शन की खबर जब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, तब प्रशासन को इसका पता चला। लेकिन तब तक भाकियू अपनी घोषणा पूरी कर चुकी थी।
जैसे ही पुलिस को भनक लगी कि किसान गांव टोपराकलां में मेें अशोक चक्र के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सहित प्रदेश के सभी 10 सांसदों की फोटो लगाकर पुतला जला रहे हैं, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएसपी थाना प्रभारी व पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस बल डीएसपी रादौर रणधीर सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंचा। जैसे ही पुलिस पहुंची किसानों ने उनके सामने ही पीएम के पुतले को आग लगा दी। पुलिस प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बनकर देखते रह गए। यही इतना नहीं किसान पुतला फूंक पुलिस के सामने ही अपने घरों को लौट गए।

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