सिंचाई विभाग का एसई रिश्वत लेता काबू

Yamuna Nagar Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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जगाधरी। विजिलेंस विभाग की टीम ने वीरवार को सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार गर्ग को उसके कार्यालय से 1,72,000 रुपये की रिश्वत के साथ काबू किया है। विजिलेंस ने यह कार्रवाई यमुना के तटबंध बना रहे ठेकेदार पानीपत निवासी बलराज की शिकायत पर की है। विजिलेंस टीम ने सिंचाई विभाग के अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही पैसों से भरा बैग कब्जे में ले लिया है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पानीपत निवासी ठेकेदार बलराज ने बताया कि जून, 2011 से यमुना के तटबंधों की मरम्मत करने के लिए उसका काम चला हुआ है। उसे बुर्जी नंबर-4270 से लेकर 5920 तक तटबंध की मरम्मत करने का काम मिला हुआ है जो साढ़े नौ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। तटबंध की मरम्मत करने का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बलराज ने बताया कि दिवाली के आसपास वह डेढ़ करोड़ रुपये की पेमेंट के सिलसिले में सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव गर्ग से उनके कार्यालय में मिला था और अधिकारी ने पेमेंट में से दो प्रतिशत हिस्सा देने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि फिलहाल उसकी 98 लाख रुपये की पेमेंट करवा दी जाएगी। बलराज की मानें तो अगर उसने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर को पेमेंट में से दो प्रतिशत का हिस्सा नहीं दिया तो वह उसे तंग करना शुरू कर देगा और आगे से पेमेंट भी नहीं होने देगा। इसके बाद उसने इसकी जानकारी विजिलेंस विभाग के आईजी केके मिश्रा को दी। जब सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार गर्ग ने उसकी 98 लाख रुपये की पेमेंट कर दी तो उसने अपने हिस्से की मांग की। इसके बाद दोबारा से मामला विजिलेंस विभाग के आईजी के संज्ञान में लाया गया।

ऐसे बिछाया जाल
वीरवार को आईजी ने विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इस दौरान डीआरओ राजकुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम सदस्यों ने बलराज को 1,72,000 रुपये की की राशि के एक-एक हजार के नोट बैग में डालकर दिए जिन पर टीम सदस्यों ने पहले से हस्ताक्षर कर रखे थे। इसके बाद बलराज रुपयों से भरा बैग लेकर सिंचाई विभाग के कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार गर्ग को देने पहुंच गया। विजिलेंस टीम में शामिल इंस्पेक्टर राजेश शर्मा, पंचकूला से आए इंस्पेक्टर राजपाल, ईएससी रामेश्वर, सिपाही परमीत, ईएससी श्याम लाल, एससी संजय कुमार तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजकुमार कुछ दूरी पर खडे़ हो गए। बलराज ने जब उसने रुपयों से भरा बैग संजीव गर्ग को दिया तो उसने बैग को अपनी दराज में रख लिया। इसके बाद बलराज ने कार्यालय से बाहर निकलकर विजिलेंस टीम को इशारा कर दिया। टीम सदस्यों ने अंदर पहुंच कर संजीव गर्ग को दबोच लिया तथा उसकी दराज से रुपयों से भरा बैग बरामद कर कार्रवाई शुरू कर दी।
हस्ताक्षर किए पैसे मिले
विजिलेंस इंस्पेक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि जब बैग की जांच की गई तो उसमें वही राशि मिली जो उन्होंने ठेकेदार बलराज को दी थी। शर्मा ने बताया कि सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार गर्ग के खिलाफ 7 पीसी एक्ट के तहत भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
बातचीत की रिकार्डिंग सौंपी
विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता ठेकेदार बलराज ने उन्हें सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर संजीव कुमार गर्ग के साथ हुई बातचीत की रिकार्डिंग भी सौंपी है जिसे सुनकर पता चलता है कि इंजीनियर ठेकेदार से 1,72,000 रुपये की रिश्वत देने की मांग कर रहा था। रिकार्डिंग के अनुसार इंजीनियर बाद में ठेकेदार को और भी पैसे देने की बात कह रहा था जिसकी जांच की जा रही है।

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