पांच वाहनो के रजिस्ट्रेशन नंबर रद

Yamuna Nagar Updated Wed, 05 Dec 2012 05:30 AM IST
जगाधरी। एसडीएम कार्यालय ने चार और आरटीए कार्यालय ने एक वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर रद किया है जो चोरी के थे। एजेंटों ने दोनों कार्यालय के क्लर्कों के साथ मिलीभगत कर फर्जी नंबरों के जरिए उन पर स्थानीय नंबर अलाट करवाए थे। पुलिस इस मामले में अभी तक छह लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चुकी है जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
एंटी व्हीकल थेप्ट सेल इंचार्ज रमेश राणा ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान पांच वाहन ऐसे पाए गए जिन्हें चोरी के उपरांत फर्जी तरीके से स्थानीय कार्यालय से रजिस्ट्रर्ड करवाया गया था। इन वाहनों के कागजात एसडीएम और आरटीए कार्यालय से बने थे। यही वजह है कि चोर गिरोह के सदस्यों को इन्हें बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक इन वाहनों को हिमाचल से चुराया गया था।
एसडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार उनके कार्यालय से जारी एचआर-02 एए 5184, एचआर-02 जेड 7941, एचआर 02 एए 2859 और एचआर 02 वाई 2362 रजिस्ट्रेशन नंबर को रद किया गया है। वहीं आरके सिंह आरटीए यमुनानगर का कहना है कि उनके कार्यालय से जारी एचआर 58 ए 6089 रजिस्ट्रेशन नंबर को रद किया गया है। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। अगर किसी चोरीशुदा वाहन पर फर्जी तरीके से नंबर अलाट मिला तो उसे भी रद किया जाएगा।
यह था मामला
एंटी व्हीकल थेप्ट सेल इंचार्ज रमेश राणा ने 17 जनवरी को चोरी के आरोप में गांव संधाला निवासी राजू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह चोरी के वाहनों के कागजात रादौर निवासी एजेंट राजेश और राजीव से तैयार करवाता है। पुलिस ने जब उक्त दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि एसडीएम और आरटीए कार्यालय के तीन क्लर्कों के साथ उनकी सांठगांठ है जो पैसे लेकर कागजात तैयार करते हैं। इसके बाद पुलिस ने तीनों क्लर्क दिलबाग सिंह, नरेश कुमार और ईश्वर को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कर्मचारी का काम कागजात चेक करना
एसडीएम राजनारायण कौशिक का कहना है कि कर्मचारियों का काम तो कागजात की जांच करना है। उन्होंने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 47 व 48 के तहत वाहनों को दोबारा से रजिस्ट्रर्ड करवाने के लिए एनओसी लाना अनिवार्य है। जिन वाहनों के रजिस्ट्रेशन उनके कार्यालय से हुए हैं उनकी एनओसी रजिस्ट्रर्ड पोस्ट के जरिए मंगवाई गई थी लेकिन वह नहीं आई। जब वाहन को रजिस्ट्रर्ड करवाने वाले ने खुद एनओसी जमा करवा दी तो कर्मचारियों ने एनओसी और अन्य कागजात देखकर उसे रजिस्ट्रर्ड कर दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में फर्जी कागजात की जो बात सामने आ रही है उसमें कर्मचारियों की गलती नहीं है। क्योंकि आवेदनकर्ता ने दस्तावेज फर्जी लगाए है या नहीं इसका कर्मचारी को कैसे पता चला सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यालय से चार वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं।

वर्जन
पुलिस ने पांच वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबरों को रद करवाया है जिसमें चार के नंबर एसडीएम कार्यालय से तथा एक का नंबर आरटीए कार्यालय से जारी हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अगर इस प्रकार के अन्य वाहन सामने आएंगे तो उनके रजिस्ट्रेशन भी रद करवाए जाएंगे।
- रमेश राणा, इंचार्ज, एंटी व्हीकल थेप्ट सेल यमुनानगर।

एक वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर रद किया गया है। जैसे ही मामला विभाग के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई गई।
आरके सिंह, आरटीए, यमुनानगर।

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