1 को सप्लाई बंद, 5 को तालाबंदी

Yamuna Nagar Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
यमुनानगर। जगाधरी की अनाजमंडी में सोमवार को हुई प्रदेश स्तरीय महापंचायत में गन्ने के भाव को लेकर किसानों ने सरकार से संघर्ष का ऐलान कर दिया है। सरकार द्वारा दिए जा रहे भाव से नाखुश किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि गन्ने का दाम 354 रुपये प्रति क्विंटल नहीं किया गया तो प्रदेश में 1 जनवरी से गन्ने की छिलाई बंद कर दी जाएगी। इसके बाद भी यदि रेट नहीं बढ़ाए गए तो 5 जनवरी से किसान प्रदेश की सभी मिलों पर ताला लगा देंगे। सरकार द्वारा वर्तमान में गन्ने की साधारण वैरायटी का 235 रुपये, मिड वैरायटी का 240 रुपये और अर्ली वैरायटी के 251 रुपये प्रति क्विंटल दिए जा रहे हैं। यमुनानगर की सरस्वती शुगर मिल सहित प्रदेश में 14 मिलें हैं जिनमें से तीन प्राइवेट और 14 सरकारी हैं।
जगाधरी की अनाजमंडी में सोमवार को हुई महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान संघ और गन्ना संघर्ष समिति से जुड़े किसान शामिल हुए। महापंचायत की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने की। मंच पर उपस्थित सभी किसान नेताओं ने गन्ने के रेट को नाकाफी बताया और गन्ने का रेट 354 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग की। किसान नेताओं ने किसानों का आह्वान किया कि वे चाहे किसी भी पार्टी से हों लेकिन अपनी फसल के वाजिब दाम लेने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें। करीब तीन घंटे तक चली महापंचायत के बाद किसानों ने लघु सचिवालय जाकर डीसी को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।

लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा
गुरनाम सिंह ने कहा कि प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है जिस कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। स्वामी नॉथन आयोग की रिपोर्ट और चार मुख्यमंत्रियों की कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट के मद्देनजर इस वर्ष दिया गया गन्ने का रेट काफी कम है। यदि रिपोर्ट के मुताबिक लागत से 50 प्रतिशत अधिक भाव देना है तो गन्ने का रेट इस वर्ष 354 रुपये प्रति क्विंटल बनता है। किसान नेताओं ने कहा कि खाद, बीज, दवाओं का रेट कई गुना बढ़ चुका है। इस साल गन्ने की मजदूरी लगभग 10 से 15 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ चुकी है जबकि गन्ने का रेट 14 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है।

ये हैं अन्य मांगें
गन्ना खरीद केंद्रों से मिल तक ले जाने वाले गन्ने का खर्च किसान से न काटकर मिल द्वारा दिया जाए।
8436 गन्ने की किस्म को उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अगेती किस्म घोषित किया जाए।
किसानों को गन्ने का तुरंत भुगतान किया जाए क्योंकि किसान पहले ही आर्थिक तंगी में हैं।
गोहाना मिल द्वारा किसानों से काटी गई पेनाल्टी की रकम तुरंत वापस की जाए।
हरियाणा के सभी मिलों के गन्ना खरीद केंद्रों पर कंप्यूराइजड कांटे लगाए जाएं।

ये रहे उपस्थित
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विजय मेहता, मंडल प्रधान बाबूराम, जिला प्रधान संजू गुंदियाना, जगाधरी प्रधान हरपाल सिंह, जिला युवा प्रधान संदीप टोपरा, बिलासपुर प्रधान सुखदेव, साढौरा प्रधान सतपाल, मुस्तफाबाद प्रधान बलिंद्र, छछरौली सचिव संदीप डाकवाला, भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर, जिला प्रधान रामबीर, गन्ना संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष जरनैल सिंह रझूड़ी के अलावा संदीप राणा, ईश्वर सिंह, कृष्ण पाल सुढल, नरेश अमलोहा, गुरदेव सिंह, शिव दयाल सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।

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