बोरवेल करने से पहले लेनी होगी अनुमति

Yamuna Nagar Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। खुले बोरवेल से होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब बोरिंग मशीन संचालकों को कोई भी बोरवेल अथवा ट्यूबवेल खोदने से पहले अपने क्षेत्र से संबंधित जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता अथवा उच्च अधिकारी से कम से कम 15 दिन पहले अनुमति लेनी होगी। यदि खुले बोरवेल के कारण कोई दुर्घटना होती है तो जिस क्षेत्र में घटना होगी उस क्षेत्र के संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इसी कड़ी में जिले में पंजीकृत सभी बोरिंग कंपनियों के संचालकाें के लिए भी गाइड लाइन तय की गई है। जिले में जो भी कंपनी अथवा एजेंसी बोरिंग का कार्य आरंभ करेगी, उसे अपना पंजीकरण जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के पास करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के यदि कोई बोरिंग करता है तो बोरिंग कंपनी अथवा एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ये बंदोबस्त जरूरी
बोरिंग मशीन में कंपनी का पूरा नाम, पता लिखा होना जरूरी है। बोर करते समय कार्य स्थल पर बारेवेल से बचने से संबंधित सुरक्षा उपायाें का बोर्ड लगा हुआ होना अनिवार्य है। बोर वाले स्थान पर चारों तरफ तीन-तीन मीटर की दूरी तक तार अथवा रस्सी से फैसिंग होनी चाहिए। बोर को चलाने से पहले की अवधि के दौरान पाइप के ऊपर अच्छी तरह से फिक्स किया गया ढक्कन लगाना जरूरी है। ट्यूबवेल की मरम्मत के समय भी ट्यूबवेल को अच्छी प्रकार से ढका होना चाहिए। बोर का कार्य पूरा होने के उपरांत मिट्टी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गड्ढे और दूसरे चैनलों को भी पूरी तरह से मिट्टी से भरना होगा। खराब बोरवेल को संबंधित किसान, विभाग अथवा एजेंसी द्वारा मिट्टी, रेत या अन्य किसी तरीके से पूरी तरह भरकर बंद करना होगा।

विभागों की जिम्मेदारियां तय
प्रशासन ने बोरिंग के संबंध में जन स्वास्थ्य, नगर निगम, विकास एवं पंचायत, सिंचाई विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारियों की भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसके तहत सभी संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र में किए जाने वाले बोर, खराब बोरों के गड्ढों को बंद करने की कार्रवाई तथा बोर करते समय बोरिंग मशीनों के संचालकों द्वारा अपनाई जाने वाली सावधानियों पर निरंतर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को सरपंचाें तथा नंबरदारों से संपर्क बनाकर नए किए जाने वाले बोरों तथा खराब बोरों, कुओं का पूरा ब्योरा रखना होगा। इसके लिए जिलास्तर पर राजस्व अधिकारी को नोडल अधिकारी मनोनीत किया गया है। सभी संबंधित विभाग और एजेंसियां बोरवेल, ट्यूबवेल और कुएं आदि से संबंधित पूरी सूचना उनके कार्यालय में उपलब्ध करवाएंगे। शहरी क्षेत्रों में इस तरह की जानकारी और निरीक्षण का कार्य नगर निगम के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

कुओं के लिए भी दिशा-निर्देश जारी
जो कुएं इस्तेमाल में नहीं हैं उन्हें बंद करवाना होगा।
जो कुएं इस्तेमाल किए जा रहे हैं उन पर तीन-तीन फुट उंची मुंडेर बनवानी होगी।

इस तरह रुकेंगी दुर्घटनाएं : डीसी
डीसी अशोक सांगवान ने बताया कि खुले बोरवेल के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित व्यक्तियों, एजेंसियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके। इसके बाद भी अगर कोई हादसा होता है तो इस दुर्घटना से संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी।

Spotlight

Most Read

Ballia

अभाविप ने फूंका केरल सरकार का पुतला

कार्यकर्ता की हत्‍या के विरोध में फूटा गुस्सा

21 जनवरी 2018

Related Videos

छेड़छाड़ रोकने गए पुलिस कर्मियों की इन लोगों ने फाड़ दी वर्दी

लोग कानून के रखवालो पर भी हमला करने से नही चूकते। ताज़ा मामला हरियाणा के नन्दा कॉलोनी का है जहां लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले की सूचना मिलने पर पहुंचे पीसीआर के पुलिसकर्मियों पर लोगों ने हमला बोल दिया। यही नहीं उनकी वर्दी तक फाड़ डाली।  

17 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper