प्राइवेट स्कूल संचालकों का तीन घंटे धरना

Yamuna Nagar Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
कुरुक्षेत्र। तीन दिनों के बंद के बाद बुधवार को फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के तहत जिला के 180 प्राइवेट स्कूल बंद रहे। एसोसिएशन के सदस्य स्कूल संचालकों ने यह बंद 134 ए के विरोध में किया। इसके बाद स्कूल संचालकों ने लघु सचिवालय के सामने तीन घंटे तक धरना देकर अपना रोष प्रकट किया। धरने के बाद स्कूल संचालकों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम डीसी मंदीप सिंह बराड़ को एक मांगपत्र भी सौंपा।
विभिन्न प्राइवेट स्कूल के संचालकों ने तीन दिनों तक स्कूल बंद के बाद बुधवार को लघु सचिवालय के सामने धरना दिया। धरने के बाद प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार से 134 ए धारा को वापस लेने की मांग की और डीसी मंदीप सिंह बराड़ को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम एक मांगपत्र भी सौंपा। मांग पत्र में सीधे-सीधे धारा 134 ए को वापस लिए जाने के बारे में लिखा गया है। इसके अलावा अन्य कईं मांगे भी रखीं गई। वहीं, 2003 के बाद शर्तें पूरी करने के बाद मान्यता प्राप्त करने वाले स्कूलों को दोबारा से मान्यता लेने को लेकर भी स्कूल संचालकों में भारी रोष दिखा।
एसोसिएशन की ये हैं मांगें
धारा 134 ए को खत्म किया जाए, अगर सरकार इसे प्राइवेट स्कूलों पर लगाती है तो इसकी भरपाई स्वयं करें।
2. स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को फार्म नंबर-1 भरने में छूट दी जाए और जो स्कूल मान्यता की शर्तें पूरी करते हैं उन्हें मान्यता दी जाए
3. 2007 से पहले लंबित अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थायी मान्यता दी जाए।

ये रहे धरने में मौजूद
धरने में विभिन्न स्कूलों के संचालक मुख्य रूप से बाल किशन, बीडी गाबा, राजीव चावला, विनोद शर्मा, प्यारा सिंह, बलजीत सिंह, सरला शर्मा, संतोष रानी, शिव कुमार, बालकृष्ण, हीरा लाल, ओम गोपाल शर्मा, ईश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।

यह है 134 ए धारा
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कर्म सिंह बैंस ने बताया कि 134 ए धारा के अनुसार मान्यता प्राप्त सभी प्राइवेट स्कूलों को गरीब वर्ग के 25 प्रतिशत बच्चों को पहली से बारहवीं तक निशुल्क दाखिला देना होगा।

75 प्रतिशत अभिभावकों पर पड़ेगा बोझ
फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कर्म सिंह बैंस ने बताया कि 134 ए धारा के पश्चात छूट दिए गए बच्चों की भरपाई अन्य 75 प्रतिशत अभिभावकों से करनी पड़ेगी, जो गलत होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि 25 प्रतिशत बच्चों के पढ़ाई का खर्चा स्वयं सरकार प्राइवेट स्कूलों को उपलब्ध करवाए।

बच्चों की पढ़ाई का हुआ नुकसान
तीन दिनों तक बंद के बाद गुरुवार को प्राइवेट स्कूल खुलेंगे। स्कूल प्रबंधकों ने भले ही अपने हित को लेकर भले ही स्कूल बंद कर 134 ए का विरोध किया हो, लेकिन इस बंद का असर कहीं न कहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा। सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद स्कूलों पर पहले से ही पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने का दबाव रहता है। इस तरह के बंद के बाद पढ़ाई का दबाव बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों पर भी बढ़ जाएगा।

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