गुस्सा : हाईवे के बीच खड़ी कीं धान से लदी ट्रालियां

Yamuna Nagar Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। धान में नमी के नाम पर की जा रही कटौती पर गुस्साए किसानों ने शुक्रवार को एचएच-73 सहारनपुर-चंडीगढ़ मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगाया। किसानों ने धान से भरी ट्रालियां हाईवे के बीच में खड़ी कर दीं जिससे रोड के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। किसानों ने ट्रैफिक पुलिस डीएसपी अशोक सब्बरवाल के आश्वासन पर जाम खोला।
शनिवार को सुढैल गांव के किसान अजय सुढैल, संदीप, जयसिंह नंबरदार, अर्जुन सिंह धान से भरी ट्रालियां लेकर जगाधरी अनाज मंडी पहुंचे। यहां पर आढ़ती ने धान में 33 प्रतिशत नमी बताकर कटौती करने की बात कही, जबकि किसानों का कहना था कि धान में नमी नहीं है लेकिन आढ़ती बिना कटौती के धान को खरीदने पर राजी नहीं हुए। इससे गुस्साए किसानों ने बाईपास के पास नेशनल हाईवे के बीच धान से भरी ट्रालियां खड़ी कर सहारनपुर-चंड़ीगढ़ मार्ग को बंद कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस के एसआई अमरीक सिंह ने किसानों की डीएसपी अशोक सब्बरवाल से फोन पर बात करवाई। डीएसपी के आश्वासन के बाद किसानों ने ट्रालियां हटाकर जाम खोला। किसान अब सोमवार को डीसी अशोक सांगवान से मिलेंगे।

33 प्रतिशत पर 16 किलो की कटौती
किसानों ने बताया कि मंडी में आढ़ती ने उनकी धान में 33 प्रतिशत की नमी बताई जिस पर 16 किलोग्राम प्रति क्विंटल के हिसाब से कटौती की जाएगी। किसानों ने बताया कि उनकी दस ट्रालियां धान की हैं। अभी ओर भी लगभग 150 एकड़ की धान आना बाकी है। यदि नमी के नाम पर इसी तरह कटौती की गई तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान होगा।

नमी के नाम लाखों का घाटा
किसानों का कहना था कि नमी के नाम पर किसानों से भारी मात्रा में धान की कटौती की जा रही है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का घाटा हो रहा है। धान में 17 प्रतिशत नमी के बाद प्रति क्विंटल प्रति प्रतिशत नमी बढ़ने के एक किलोग्राम प्रति क्विंटल के हिसाब से धान की कटौती की जाती है।

कटौती नहीं देने पर दो दिन तक मंडी में
यदि थोड़ी बहुत नमी भी होती है तो भी किसानों को नमी के नाम पर भारी मात्रा में धान की कटौती करवानी पड़ती है। मंडी में धान सुखाने के लिए जगह नहीं है। यदि कटौती नहीं देनी है तो किसान को दो दिन मंडी में काटने पड़ते हैं। मंडी की खस्ताहाल सड़कों पर भी धान सुखाने के लिए जग नहीं बची है।

यमुनानगर अनाज मंडी में भी यही हाल
गांव मंडौली से यमुनानगर अनाज मंडी में धान लेकर किसान रघुवीर सिंह, दुसानी निवासी परमाल सिंह, परमजीत सिंह और ज्ञान चंद ने बताया कि मंडी में धान डालने के लिए जगह नहीं है। धान सुखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। उसके बाद भी नमी बताकर कटौती की जा रही है। मंडी में पीने के पानी, शौचालय, फड़ की कमी जैसी कई अन्य समस्याएं हैं।

किसानों का शोषण
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विजय मेहता का कहना कि धान में नमी के नाम पर कटौती कर सरकार किसानों का शोषण कर रही है। महंगाई के कारण पहले ही किसान परेशान है, अब नमी के नाम पर उनका शोषण किया जा रहा है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

छेड़छाड़ रोकने गए पुलिस कर्मियों की इन लोगों ने फाड़ दी वर्दी

लोग कानून के रखवालो पर भी हमला करने से नही चूकते। ताज़ा मामला हरियाणा के नन्दा कॉलोनी का है जहां लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले की सूचना मिलने पर पहुंचे पीसीआर के पुलिसकर्मियों पर लोगों ने हमला बोल दिया। यही नहीं उनकी वर्दी तक फाड़ डाली।  

17 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper