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कैमरे लगेंगे तो थमेगी वारदात

Yamuna Nagar Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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यमुनानगर। जल्द ही सिविल अस्पताल और ट्रामा सेंटर की निगरानी क्लोज सर्किट कैमरों से की जाएगी। सिविल अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों के साथ हुई ठगी और अस्पताल परिसर में होने वाली अन्य आपराधिक गतिविधियों के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल तैयार किया है।
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अस्पताल प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रपोजल के अनुसार सिविल अस्पताल के भीतर गैलरी, लेबर रूम, न्यू बोर्न केयर यूनिट, अस्पताल परिसर, वाहन स्टैंड के समीप, ट्रामा सेंटर की पहली व दूसरी मंजिल, ट्रामा सेंटर हाल, ओपीडी के अलावा उन जगहों पर जहां भीड़ भाड़ लगी रहती है, वहां क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में 24 घंटे रिकार्डिंग की सुविधा रहेगी।

सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. एमआर पासी ने बताया कि सिविल अस्पताल और ट्रामा सेेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रपोजल तैयार कर हेड आफिस भेज दिया गया है। इसकी मंजूरी मिलते ही एस्टीमेट तैयार करवाकर सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे लगने से अस्पताल परिसर में होने वाली वारदात पर भी अंकुश लगेगा।

पांच महीने में हुई आधा दर्जन वारदात
सिविल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में पांच महीनों में अस्पताल में भर्ती मरीजाें की महिला तीमारदारों के साथ ठगी की करीब आधा दर्जन वारदात हो चुकी है। इन वारदात को महिलाओं ने ही अंजाम दिया। पिछले महीने एक वृद्ध महिला को लाडली योजना का फार्म दिलवाने के बहाने एक लड़की उसे सिविल अस्पताल से ट्रामा सेंटर की पहली मंजिल पर ले गई और नशीला पदार्थ सुंघाकर कानों में पड़ी बालियां और नगदी लेकर फरार हो गई। इस वृद्धा की बहू ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था। इससे पहले अस्पताल में अलग-अलग वारदात में चार महिलाओं को नशीला पदार्थ पिलाकर उनके जेवर चोरी किए जा चुके हैं।

अस्पताल प्रशासन पर बच्चा बदलने का भी लगा आरोप
पिछले महीने सिविल अस्पताल के न्यू बोर्न केयर यूनिट में एक नवजात बच्ची के पिता ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के स्टाफ ने उसके बच्चे को बदल दिया है। सिविल सर्जन को दी शिकायत में उसने बताया कि जन्म के बाद नर्स ने आकर बताया था कि उसके लड़का हुआ है, लेकिन बाद में उन्हेें लड़की दे दी गई। उसका आरोप है कि अस्पताल के रजिस्टर में जन्म लेने वाले बच्चे के कॉलम में पहले मेल लिखा गया और बाद में उसे फीमेल कर दिया गया। बच्चा बदलने के आरोप की सच्चाई जानने के लिए आरोपी की पत्नी व नवजात का डीएनए टेस्ट करवाया गया है। इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। लेबर रूम और न्यू बोर्न केयर यूनिट में सीसीटीवी कैमरे लगने से बच्चा बदलने के आरोपों की जांच में मदद मिलेगी।

वाहन चोरी और मारपीट के भी कई मामले
सिविल अस्पताल परिसर में मोटरसाइकिल चोरी की भी कई वारदात हो चुकी है। दो दिन पूर्व भी अस्पताल परिसर से एक मोटरसाइकिल चोरी हुई है। इसके अलावा यहां कई बार मारपीट के मामले के दोनों पक्ष अस्पताल परिसर में आपस में भिड़ चुके हैं। अस्पताल परिसर में पुलिस की कोई व्यवस्था न होेने के कारण असामाजिक तत्व यहां काफी समय से सक्रिय हैं।

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