किसानों की मेहनत का आज से लगेगा मोल

Yamuna Nagar Updated Mon, 01 Oct 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। जिले की 13 अनाज मंडियों में सोमवार से धान की खरीद शुरू हो रही है। धान की आवक और खरीद ठीक ढंग से हो इसके लिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। मंडियों के शेड और फड़ अभी भी गेहूं से अटे पड़े हैं और जरूरी सुविधाओं का अभाव है। प्रशासन का कहना है कि किसानों, व्यापारियों और मजदूरों को हर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और खरीद में कोई दिक्कत नहीं आएगी। हैफेड, एग्रो, काफेंड, एचडब्ल्यूसी और फूड एंड सप्लाई द्वारा धान की खरीद की जाएगी।

कम धान आने की आशंका
सीजन में बिजली और पानी की किल्लत के कारण फसल प्रभावित हुई है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुताबिक पिछले सीजन में जिले में दो लाख 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बिजाई हुई थी और मंडियों में 32 लाख 900 क्विंटल धान की खरीद हुई थी। इस बार जिले में करीब दो लाख 42 हजार क्विंटल धान की बिजाई हुई है। मंडियों में करीब 30 लाख क्विंटल धान आने का अनुमान है।
इन अधिकारियों को सौंपी मंडियों की कमान
धान की आवक और खरीद ठीक ढंग से हो इसके लिए अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उच्चाधिकारियों को अलग-अलग मंडियों का ओवरआल इंचार्ज बनाया गया है। छछरौली और खिजराबाद अनाज मंडी में सुविधाओं और प्रबंधों की देखरेख करने के लिए तहसीलदार छछरौली को नियुक्त किया गया है। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को ओवरआल इंचार्ज बनाया गया है। खारवन और लेदी की अनाज मंडियों में उप तहसीलदार छछरौली को इंचार्ज बनाया गया है। बिलासपुर मंडी के लिए तहसीलदार बिलासपुर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साढौरा और रसूलपुर मंडी में उप तहसीलदार साढौरा की नियुक्ति की गई है। बिलासपुर के उपमंडलाधीश उक्त सभी मंडियों के ओवरआल इंचार्ज होंगे। यमुनानगर अनाज मंडी की जिम्मेदारी उप तहसीलदार जगाधरी को दी गई है, जबकि रादौर, जठलाना और गुमथला राव मंडियों का जिम्मा उप तहसीलदार रादौर को सौंपा गया है। उक्त मंडियों के ओवरआल इंचार्ज जिला राजस्व अधिकारी यमुनानगर होंगे। इसी प्रकार जगाधरी की अनाज मंडी की देखरेख तहसीलदार जगाधरी और मुस्तफाबाद मंडी की देखरेख की जिम्मेदारी उप तहसीलदार मुस्तफाबाद को सौंपी गई है। जगाधरी के उपमंडलाधीश इन मंडियों के ओवरआल इंचार्ज होंगे।

मंडियों का करेंगे औचक निरीक्षण : डीसी
डीसी अशोक सांगवान ने बताया कि मंडियों में किसानों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, सड़काें की मरम्मत, बिजली का प्रबंध, बोरियों का प्रबंध, धान की लदाई तथा उठान, गोदामों की व्यवस्था, धान की खरीद व भुगतान आदि के लिए अलग-अलग अधिकारियों और एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडियों में अचानक चेकिंग भी की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंडियों में धान खरीद का सही तरीका अपनाया जाए।

नमी के नाम पर न हो लूट
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विजय मेहता का कहना है कि हर बार मंडियों में धान में नमी होने के नाम पर धान का मूल्य कम कर दिया जाता है। खरीद एजेंसियां और आढ़ती मिलकर किसान को लूटने में लग जाते हैं। यूनियन ने किसानों से अपील की है कि वे धान को सुखाने के बाद ही मंडी में लाएं।
धान सुखाकर लाएं किसान
हैफेड के सेक्शन अधिकारी रमेश चंद का कहना है कि धान में नमी की मात्रा 16 प्रतिशत निर्धारित की गई है। खरीद एजेंसियां 18 प्रतिशत नमी वाला धान भी खरीद लेती हैं लेकिन इससे अधिक नमी होने पर धान खरीदना मुश्किल हो जाता है। किसानों के धान में 25 से 30 प्रतिशत तक नमी होती है। किसान धान को सुखाकर ही मंडी में लाएं।

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