मंडी में जगह नहीं, सड़कें भी खराब, कहां रखें धान

Yamuna Nagar Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। जगाधरी और यमुनानगर अनाजमंडी में धान की आवक शुरू हो गई है। शहर की इन दोनाें मंडियों में किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। यमुनानगर की मंडी में केवल एक शेड है, उसमें भी व्यापारियों की चीनी गौर गुड़ रखा हुआ है। फड़ पर रेत के ढेर हैं और सड़कें खस्ताहाल। इसी तरह जगाधरी अनाजमंडी के शेड और फड़ में भी गेहूं रखा हुआ है। बचे हुए दो फड़ों पर शेड निर्माण कार्य शुरू किया गया जिससे उन पर सामान पड़ा है। किसानों को धान डालने में अभी से दिक्कतें पेश आ रही हैं। जगाधरी अनाजमंडी के कांटों में से एक कांटा लंबे समय खराब है। यहां पीने के पानी का भी प्रबंध नहीं है। इसके अलावा शौचालय भी नहीं है।

शेड में चार हजार क्विंटल चीनी
यमुनानगर अनाजमंडी की आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विद्यासागर ने बताया कि मंडी में किसानों के लिए शेड है लेकिन उसमें भी व्यापारियों का लगभग 4 हजार क्विंटल चीनी और गुड़ रखा है। आढ़ती को जहां खरीदा हुआ धान रखने में परेशानी होगी, वहीं किसान को धान डालने में दिक्कत आएगी। मंडी में यूपी की सीमा तक के किसान तक अनाज लाते हैं।

चार साल पहले सड़क की मरम्मत
जगाधरी अनाजमंडी की सभी सड़कें खस्ताहाल हैं। जब फड़ भरने के बाद किसान सड़क पर धान डालते हैं तो उसमें कंकरीट, मिट्टी और बजरी मिल जाती है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव कांबोज ने बताया कि इस बारे में उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड पंचकूला और मार्केट कमेटी को कई बार शिकायत की है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा।

फड़ पर रेत के ढेर
यमुनानगर मंडी के आढ़ती ईकबाल सिंह का कहना है मंडी में एक मात्र फड़ है उस पर भी एक कमेटी की रेत पड़ी है। फड़ पर रेत होने से किसानों को धान दुकानों के सामने और सड़क पर डालना पड़ रहा है।

सीसी की हो सड़कें
तेलीपुरा से जगाधरी अनाजमंडी में धान लेकर आए किसान सुलेमान का कहना है कि मंडी में फड़ की कमी होने पर धान सुखाने के लिए अधिकतर सड़कों का ही प्रयोग होता है। यदि मंडी की सड़कें सीसी (सीमेंट से बनी) की बनीं हो तो ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

पानी और शौचालय व्यवस्था जरूरी
मंडी में धान की सफाई के ठेकेदार कमल किशोर का कहना है कि मंडी में प्रशासन की ओर से पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा शौचालय भी नहीं है। सबसे अधिक दिक्कत धान की सफाई करने में लगी महिला मजदूरों को उठानी पड़ती है।

बारिश होने पर बढ़ जाती मुश्किलें
गांव मैहलावाली से धान लेकर आए किसान दलजीत सिंह कहना है कि मंडी के शेड गेहूं से भरे पड़े हैं। ऐसे में यदि बरसात आ जाती है तो किसान अपनी छह माह की मेहनत को कहां छुपाएगा। यदि किसान का धान मंडी में आने के बाद भीग जाता है तो उसकी पूरी मेहनत बेकार हो जाएगी।
कच्चे फड़ पर धान
मुस्तफाबाद अनाजमंडी में आढ़ती की दुकानों के आगे कच्चे फड़ों पर किसान धान डाल रहे हैं। इस कारण धान में मिट्टी और कंकड़ मिल रहे हैं। मंडी में एक भी शेड नहीं है। ऐसे में यदि बारिश हो जाए तो किसानों को भारी दिक्कताें का सामना करना पड़ेगा।न

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

बवाना कांड पर सियासत शुरू, भाजपा मेयर बोलीं- सीएम केजरीवाल को मांगनी चाहिए माफी

दिल्ली के औद्योगिक इलाके बवाना में शनिवार देर शाम अवैध पटाखा गोदाम में आग लगने से 17 लोगों की मौत के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

छेड़छाड़ रोकने गए पुलिस कर्मियों की इन लोगों ने फाड़ दी वर्दी

लोग कानून के रखवालो पर भी हमला करने से नही चूकते। ताज़ा मामला हरियाणा के नन्दा कॉलोनी का है जहां लड़की के साथ छेड़छाड़ के मामले की सूचना मिलने पर पहुंचे पीसीआर के पुलिसकर्मियों पर लोगों ने हमला बोल दिया। यही नहीं उनकी वर्दी तक फाड़ डाली।  

17 अक्टूबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper