घटिया मानसिकता वालों को मुुंहतोड़ दे जवाब

Yamuna Nagar Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। दिन प्रतिदिन लड़कियों से बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षण संस्थानों, समाज और अभिभावकों को भी सहयोग करना चाहिए। अगर ऐसी कोई घटना होती है तो तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए, वहीं लड़कियों को परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने का हौसला देना चाहिए। अगर पहले के रूढ़ीवादी समाज में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई अपने हक और आत्म सम्मान के लिए तलवार उठा सकती है तो आज की महिला अपने पीछे क्यों रहे। घटिया मानसिकता वाले लोगों से किस प्रकार निपटना चाहिए, यह जानने की कोशिश ‘अमर उजाला’ ने कुछ छात्राओं से बात कर की।


बिलासपुर से शहर में पढ़ाई के लिए आने वाली छात्रा रेनू अरोड़ा का कहना है कि वह हर रोज बस से आती है। सुबह के समय छात्रों की भीड़ अधिक होती है। लड़के जल्दी-जल्दी बस में चढ़कर सीट पर बैठ जाते हैं जिसके वजह से लड़कियों को खड़ा रहना पड़ता है। लड़के भीड़ का फायदा उठाकर लड़कियों के साथ छेड़खानी करते हैं। ऐसे मनचलों लड़कों की शिकायत के लिए अलग से हेल्प लाइन नंबर होना चाहिए।
अंबाला शहर की रहने वाली छात्रा ईशा वासन कहना है कि वह रोजाना ट्रेन से यमुनानगर आती है। ट्रेन में सफर करने वाले लड़के आपस में गंदी गालियां देते हैं। कभी-कभी छेड़छाड़ कर लड़कियों को परेशान करते हैं। ईशा ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक दिन कुछ मनचले लड़कों ने एक छात्रा के साथ छेड़खानी कर दी। शोर मचाने पर ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने छेड़खानी करने वाले लड़कों को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसका कहना है कि रेलवे विभाग को रोजाना सफर करने वाली छात्राओं के लिए लोकल ट्रेन में भी अलग से महिला बोगी लगानी चाहिए।

यमुनानगर की रहने वाली छात्रा रिमा भट्ट का कहना है कि आजकल सार्वजनिक स्थान पर भी लड़कियों का जाना मुश्किल हो गया है। शरारती लोग हर जगह लड़कियों को तंग करते नजर आते हैं। आजकल शिक्षण संस्थानों में भी लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती रहती है। शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाकर ऐसे लड़कों पर नजर रखी जा सकती है।

जगाधरी की रहने वाली शिवानी शर्मा का कहना है कि बस और आटो में छेड़छाड़ की घटनाएं तो होती रहती है। आजकल तो स्कूटी और निजी वाहन से चलने वाली छात्राओं के साथ भी छेड़खानी की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने बताया कि स्कूटी से सफर के दौरान पीछे से कुछ बाइक सवार लड़के लड़कियों का पीछा कर परेशान करते हैं। बाइक को स्पीड में चलाकर कभी आगे रोक देते हैं तो कभी शोर मचाकर लड़कियों को परेशान करते हैं। स्पीड में बाइक चलाकर लड़कियों को परेशान करने वाले युवकों को ट्रैफिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर उन पर जुर्माना लगाना चाहिए।

घबराएं नहीं, परिजनों और संस्थान को करें सूचित
महाराजा अग्रसेन प्रबंध एवं तकनीकी संस्थान के डायरेक्टर डा. राजकुमार का कहना है कि किसी छात्रा को कोई युवक परेशान करता है तो उसकी सूचना पुलिस या संस्थान के डायरेक्टर को देनी चाहिए। छात्राओं को परेशान करने वाले अधिकतर मामले गांव से आने वाली छात्राओं के साथ होते हैं। छेड़छाड़ करने वाले युवा छात्रा के गांव के या आसपास के ही होते हैं। ऐसे परिचित युवक अगर किसी छात्रा के साथ छेड़छाड़ करते हैं तो छात्राओं को इसकी सूचना तुरंत घर वालों को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ की घटना में कमी लाने के लिए हर शिक्षण संस्थान में छात्रों को लड़कियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करने के प्रति जागरूक करना चाहिए। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए हर शिक्षण संस्थान में छात्राओं के लिए शिकायत डिपार्टमेंट होनी चाहिए, तभी शिक्षण संस्थान में छेड़छाड़ की घटनाएं कम होंगी।

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