आत्म सम्मान की रक्षा को खुद भी रहें तैयार

Yamuna Nagar Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
यमुनानगर। लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाएं उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप झकझोर कर रख देती हैं। अगर ऐसी घटनाओं का डटकर मुकाबला न किया जाए तो लड़की जिंदगी भर डरी सी रहती है। लड़कियों को चाहिए कि वे अबला नहीं, सबला बन कर रहें और छेड़छाड़ करने वालों का डटकर मुकाबला करें। हाईवे जाम करना इस समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि छेड़छाड़ करने वाले संकीर्ण मानसिकता के लोगों को उसी समय इसका सही जवाब देना चाहिए। यह कहना है कि बुलंद हौसले वाले ट्विनसिटी की लड़कियों का। लड़कियों का कहना है कि सबसे ज्यादा छेड़छाड़ की घटनाएं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और कालेजों के आसपास होती हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन ने छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने के लिए शहर में महिला पीसीआर तैनात की हुई है। बावजूद इसके स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हो रहा है। ऐसे में लड़कियों को अपने आत्म सम्मान की रक्षा के लिए खुद भी आगे आना होगा।

सहारनपुर की रूप विहार कालोनी निवासी निधि नेगी का कहना है कि वह रोजाना शहर के एक निजी कालेज में शिक्षा ग्रहण करने के लिए ट्रेन से आती है। अक्सर ट्रेन में लड़कों को लड़कियों के साथ बदतमीजी करते देखा जा सकता है। इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सरकार लड़कियों को टोल फ्री नंबर की सुविधा मुहैया करवाए ताकि वे तुरंत छेड़छाड़ से संबंधित शिकायत दर्ज करवा सकें। इसके अलावा एसएमएस के जरिए भी लड़कियों की शिकायत पर कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।

जगाधरी की श्याम सुंदरपुरी निवासी वंदना का कहना है कि लड़कियों से छेड़छाड़ करने वालों से निपटने के लिए पुलिस को शिक्षण संस्थानों के आसपास सिक्योरिटी बढ़ानी चाहिए। वहीं लड़कियों को जागरूक रहना चाहिए कि अगर कोई उनके साथ बदतमीजी करता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को को दें।

जगाधरी वर्कशाप नंदा कालोनी निवासी रूपिका का कहना है कि वह रोजाना आटो से कालेज में पढ़ने के लिए आती हैं। स्टेशन के पास लड़कों को मोबाइल के जरिये लड़कियों की वीडियो बनाने देखा जा सकता है। जब उन्हें ऐसा करने से मना किया जाता है तो वे बदतमीजी पर उतर आते हैं। रूपिका ने कहा कि स्टेशन पर जीआरपी के जवानों को हमेशा अलर्ट रहना चाहिए ताकि छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं सिविल ड्रेस में महिला पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया जाना चाहिए।

मुस्तफाबाद निवासी व्योमिका भारद्वाज का कहना है कि जब तक छेड़छाड़ करने वाले लड़कों को सबक नहीं सिखाया जाएगा, तब तक इस प्रकार की घटनाओं को रोक पाना असंभव है। लड़कियों को चाहिए कि वे छेड़छाड़ करने वाले लड़कों से डरने की बजाए, उनका सामना करें। इसके अलावा अपने परिजनों औदर पुलिस को बताएं ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए लड़कियां कराटे सीख सकती हैं ताकि विकट स्थिति में अपने सम्मान की रक्षा कर सकें।

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