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लोकल बस सेवा शुरू हो तो बात बने

Yamuna Nagar Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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यमुनानगर। शहर में लोकल बस सेवा न होने के कारण हर रोज 20 हजार से अधिक लोगों को आटोरिक्शा में सफर करना पड़ता है। यदि लोकल बस सेवा शुरू हो जाए तो एक ओर जहां लाखों रुपये सरकार के खजाने में जाएंगे वहीं शहरवासियों को भी सुविधा मिलेगी। जो सफर आटोरिक्शा में सात रुपये से लेकर दस रुपये तक में पूरा होता है लोकल बस सेवा शुरू होने पर दो से पांच रुपये तक में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा लोगों को निजी वाहनों की मनमानी का भी शिकार नहीं होना पड़ेगा।
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शहर में विभिन्न शिक्षण संस्थान, औद्योगिक इकाइयां, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और थोक बाजार है। यहां पर रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। कुछ लोग अपने निजी वाहनों से आते हैं। 20 हजार से अधिक लोग आटोरिक्शा का सहारा लेते हैं। कई बार किराए और अन्य बातों को लेकर यात्री और आटो चालकों में बहस भी हो जाती है। यात्री रमेश, राहुल शर्मा, कुलभूषण सैनी, बलवंत सिंह और नर्मता वर्मा ने बताया कि कई बार आटो चालक किराए और खुले पैसे के लिए मनमानी करते हैं। यदि शहर में लोकल बस शुरू हो जाए तो इन निजी वाहन चालकों की मनमानी से छुटकारा मिल जाएगा।
चार हजार से अधिक कर्मचारी
शहर में शुगर मिल, पेपर मिल, मोदी मिल, बल्लारपुर इंडस्ट्रीज, इज्जक, रेलवे वर्कशाप और अन्य औद्योगिक इकाइयां हैं जिनमें काम करने वाले लगभग 17 हजार कर्मचारियों में से करीब चार हजार कर्मचारियों को आने-जाने के लिए आटोरिक्शा का सहारा लेना पड़ता है। कर्मचारी श्यामलाल, मेहर दास और बृजपाल ने बताया कि फैक्टरी तक पहुंचने के लिए महीने भर में लगभग सात सौ रुपये तक किराया खर्च करना पड़ा है।
विद्यार्थी हो रहे परेशान
शहर में चार मुख्य कालेज गुरु नानक खालसा कालेज, गुर नानक गर्ल्स कालेज, मुकंदलाल नेशनल कालेज और डीएवी कालेज है। यहां पर शहर के अलावा जिले के विभिन्न गांवों, यूपी और अन्य स्थानों से लगभग दस हजार से अधिक विद्यार्थी आते हैं। इसके अलावा एक दर्जन के आसपास स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी हजारों स्टूडेंट्स आते हैं। लोकल बस सुविधा न होने से इनमें से करीब 60 प्रतिशत छात्रों को कालेज आने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों को भी बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन से कालेज तक पहुंचने में आटोरिक्शा, पैदल और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
अस्पतालों में आने वाले भी परेशान
शहर में एक सिविल अस्पताल, एक दर्जन से अधिक निजी अस्पताल और इतने ही अल्ट्रासाउंड तथा एक्सरे केंद्र हैं। यहां पर रोजाना पांच हजार से अधिक लोग चेकअप और अस्पताल में भरती रोगियों से मिलने के लिए आते हैं। लोक बस सुविधा न होने के कारण इन लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एक हजार रुपये मासिक किराया
शहजादपुर निवासी सुमित ने बताया कि कालेज आने-जाने के लिए रोजाना आटो का सहारा लेना पड़ता है। गांव से बुड़िया चौक तक 14 रुपये, बुड़िया चौक से कालेज तक सात रुपये लगते हैं। एक दिन में आने-जाने का कुल 42 रुपये खर्च आता है।
आटो चालकों की मनमानी
तेजली रोड निवासी कामिनी ने बताया कि लोकल बस न होने से आटो चालकों की मनमानी सहन करनी पड़ती है। आटो में एक किलोमीटर का सफर करने पर भी सात रुपये देने पड़ते हैं।
सुबह, दोपहर और शाम चले बस
कैंप निवासी भारती ने कहा कि शहर में सुबह के समय अधिकतर विद्यार्थी, कर्मचारी और अन्य स्थानों पर जाने के लिए लोग आवागमन करते हैं। इसके अलावा दोपहर और शाम को वापसी करते हैं। प्रशासन को चाहिए कि यदि फुल टाइम बस नहीं चला सकते तो सुबह, दोपहर और शाम को ही बस सेवा शुरू की जाए।

विचार करेंगे
हरियाणा रोडवेज यमुनानगर के जीएम प्रेमचंद गागल ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सड़कों पर वाहनों की संख्या अधिक होने से हादसा होने की अधिक संभावना रहती है। फिर भी लोकल बस सुविधा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र का दौरा करेंगे यदि जरूरी हुआ तो बस सेवा शुरू करने के बारे में विचार किया जाएगा।

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