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कृषि कानूनों का विरोध: कुंडली बॉर्डर से किसानों का संसद कूच शुरू, हर कदम पर पुलिस का पहरा 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 22 Jul 2021 09:24 AM IST

सार

संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद कूच में केवल 200 किसानों के जाने की बात कही है लेकिन किसान नेताओं को डर है कि संसद के लिए ज्यादा किसान रवाना हो सकते हैं। इसलिए किसान नेता बुधवार को मंच से किसानों से अपील करते रहे कि संसद कूच में केवल वह किसान शामिल होंगे, जिनको पहचान पत्र दिए जाएंगे।  
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किसानों का संसद कूच शुरू
किसानों का संसद कूच शुरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने गुरुवार सुबह कुंडली बॉर्डर से संसद कूच शुरू किया। सोनीपत से करीब 200 किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली में किसान संसद लगाएंगे और कृषि कानूनों पर चर्चा करेंगे।  कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों की बैठक में संसद कूच की कार्ययोजना बनाई गई। किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, रूलदू सिंह मानसा, जगजीत सिंह दल्लेवाल, अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि संसद कूच के लिए गुरुवार सुबह 200 किसान कुंडली बॉर्डर पर कजारिया टाइल्स कार्यालय पर एकत्र होंगे। वहां से वाहनों में बैठकर संसद कूच के लिए रवाना होंगे। 
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किसान किस रूट से दिल्ली में प्रवेश करेंगे, इस बारे में किसान नेताओं ने अभी खुलासा नहीं किया है लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वह कुंडली से नरेला वाले रास्ते से होते हुए दिल्ली में प्रवेश करेंगे। इन्हें रोकने का दिल्ली पुलिस भी प्रयास कर रही है और इसलिए ही किसानों ने पुलिस से बचकर आगे बढ़ने की योजना बनाई है। 

भीड़ रोकने को अपील करते रहे किसान नेता
संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद कूच में केवल 200 किसानों के जाने की बात कही है लेकिन किसान नेताओं को डर है कि संसद के लिए ज्यादा किसान रवाना हो सकते हैं। इसलिए किसान नेता बुधवार को मंच से किसानों से अपील करते रहे कि संसद कूच में केवल वह किसान शामिल होंगे, जिनको पहचान पत्र दिए जाएंगे। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यहां से केवल 200 किसान जाएंगे और इससे ज्यादा किसान जाते हैं तो असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। इसलिए अन्य किसानों को बॉर्डर पर रहकर ही आंदोलन करना है। 

संसद कूच करने वाले किसानों के पहचान पत्र बनाए गए है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि पहले दिन चढूनी गुट के किसान संसद कूच में शामिल नहीं होंगे। क्योंकि चढूनी गुट के किसानों के पहले दिन पहचान पत्र नहीं बने हैं। इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि मिशन पंजाब को लेकर संयुक्त मोर्चा से सस्पेंड किए गए गुरनाम सिंह चढूनी अपने बयान पर अड़े हुए हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को साफ कहा कि वह मिशन पंजाब के बयान से पीछे हटने वाले नहीं है और वह इस पर अड़े रहेंगे।  
 

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