बरोदा उपचुनाव ः सभी पार्टियों ने झोंकी ताकत

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 11:45 PM IST
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गोहाना/सोनीपत। बरोदा उपचुनाव में विपक्षियों को मात देने के लिए सभी पार्टियों ने पूरा जोर लगा दिया है। कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा व उनके बेटे राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा कमान संभाल रहे हैं। दोनों ही भाजपा पर निशाना साध रहे हैं, वहीं कांग्रेस सरकार के समय की उपलब्धियां भी गिनाने में लगे हुए हैं।
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पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने शनिवार को गांवों में दौरा करते हुए कहा कि भाजपा की हालत इतनी खराब है कि उसे खुद के काम गिनवाने की जगह विपक्ष से कामों का हिसाब मांगना पड़ रहा है। कांग्रेस सरकार में कराए गए कार्यों की सूची लंबी है तो भाजपा के पास एक भी काम बताने लायक नहीं है। पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों व मजदूरों पर 3 कृषि कानूनों से सबसे ज्यादा संकट मंडरा रहा है। जबकि कांग्रेस सरकार ने उनको हर संकट से उबारा था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नौकरी देने की जगह छीनने में लगी है।
राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब बरोदा उपचुनाव का नतीजा घोषित होगा तो प्रदेश में राजनीतिक भूकंप आएगा और उस भूकंप से सरकार की नींव हिल जाएगी। कहा कि सत्ताधारी नेता यहां के लोगों को सरकार में साझा करने का झांसा दे रहे हैं, लेकिन यहां की जनता भ्रष्टाचार करने वाली सरकार में साझा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को खुद समझाना चाहिए कि उनके नेता ही विरोध में बयानबाजी कर रहे है तो चेयरमैन के पद भी लेने से इंकार कर रहे है। ऐसी सरकार कितने दिन चलने वाली है, यह जनता खुद भी जानती है।
आरक्षण रद्द करने के ट्वीट पर रोष जताया, पुतला भी जलाया
कांग्रेस के अति पिछड़ा वर्ग नेताओं ने आरक्षण रद्द करने को लेकर योगेश्वर दत्त के ट्वीट पर रोष जताया और उनका प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका। पिछड़ा वर्ग के लाल बहादुर खोवाल, योगेंद्र योगी, तेलूराम जांगड़ा, प्रदीप गुलिया, रमेश जोगी, सुरेश जोगी, कमलेश पांचाल, शमशेर कश्यप आदि ने कहा कि इस तरह से आरक्षण को लेकर किया गया ट्वीट दुर्भाग्यपूर्ण है।
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बरोदा में भाजपा-जजपा के नेता मिलकर जनता की नब्ज टटोल रहे, निशाने पर कांग्रेस
गोहाना/सोनीपत। बरोदा उपचुनाव में भाजपा-जजपा के नेताओं का गठजोड़ भी पूरी तरह से उतर चुका है और वह मिलकर जनता की नब्ज टटोल रहे हैं। भाजपा-जजपा के नेताओं के निशाने पर कांग्रेस है और उसमें भी हुड्डा पिता-पुत्र को सबसे ज्यादा निशाने पर रखा जा रहा है।
भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा थाम मेरे, मैं थारा होने का ढोंग करके वोट हथियाना चाहते हैं। अगर वह सच्चे हितैषी हैं तो बताएं कि अपने शासनकाल में बरोदा हलके में एक भी नया प्रोजेक्ट लगाया हो। हुड्डा पर आरोप लगाया कि सारे विकास कार्य व सरकारी नौकरियां किलोई में लगवाई। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि भाजपा व जजपा कहने को अलग अलग पार्टी हैं, लेकिन इनकी विचारधारा समान है। चौधरी देवीलाल व डॉ. मंगलसेन के समय भी सांझी सरकार बनी थी। जजपा के राष्ट्रीय वरीष्ठ उपाध्यक्ष केसी बांगड़ ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा अब बरोदा को अपना घर बताते हैं, लेकिन अपने शासनकाल में उसने बरोदा को घेर भी नहीं समझा।
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कांग्रेस के समय में बरोदा की हालत दिया तले अंधेरा की तरह रही: कैप्टन अभिमन्यु
पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गोहाना में भाजपा कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार 10 साल तक रही, लेकिन बरोदा हलके की हालत दिया तले अंधेरा के समान हो गई। बरोदा के आसपास के हलकों में तो दिया जलता रहा, लेकिन बरोदा हलके में दिया नहीं जल सका और इसके लिए सीधे भूपेंद्र हुड्डा जिम्मेदार है।
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कांग्रेस में हुड्डा का राज खत्म : ओपी धनखड़
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कई गांवों का दौरा करते हुए कहा कि हुड्डा का अस्तित्व कांग्रेस में भी खत्म हो गया है। अब खुद ही देख लो, भूपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस में कौन पूछता है। किसी भी कांग्रेस की लिस्ट में भूपेंद्र हुड्डा का नाम नहीं है और पार्टी में हुड्डा की अब कोई इज्जत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों ने किसानों की आंखों में केवल धूल झोंकने का काम किया है।
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बिजली-पानी नहीं मिल रहा, किसान और व्यापारी भी परेशान : ओपी चौटाला
गोहाना/सोनीपत। इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला ने शनिवार को बरोदा हलके में दौरा किया। उन्होंने कहा कि गरीबों की मदद करना हम अपना धर्म समझते हैं, लेकिन प्रदेश की गठबंधन सरकार कोरोना महामारी के दौरान धार्मिक संगठनों के गरीबों की मदद के लिए दी गई आर्थिक मदद को भी खा गई। कहा कि कृषि कानून किसानों पर थोप दिए गए हैं। मंडियों में जीरी भरी पड़ी है, लेकिन कोई खरीददार नहीं है। गांवों में बिजली नहीं मिल रही, नहरों में पानी नहीं आ रहा, किसानों को उसकी फसल का भाव नहीं मिल रहा, व्यापारी-दुकानदार परेशान हैं और हमारे समय में लगे कारखाने भी बंद हो गए हैं।
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