गश्त पर निकले सिपाही-एसपीओ की हत्या, 17 घंटे बाद एक बदमाश ढेर और एक गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोहाना (सोनीपत) Updated Tue, 30 Jun 2020 10:12 AM IST
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व जमा लोगों की भीड़
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस व जमा लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

सार

  • सोनीपत के गांव बुटाना स्थित चौकी पर तैनात दोनों जवानों के शव मंगलवार तड़के चौकी से 600 मीटर दूर मिले 
  • डीजीपी ने कहा- दोनों जवानों ने ड्यूटी के दौरान जनसुरक्षा के लिए शहादत दी है, शहीद का दर्जा देंगे 

विस्तार

गांव बुटाना में स्थित पुलिस चौकी से देर रात बाइक लेकर गश्त पर निकले सिपाही रविंद्र (30) और एसपीओ कप्तान सिंह (42) की बदमाशों ने तेजधार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। चौकी से करीब 600 मीटर दूर हरियाली सेंटर के निकट तड़के पांच बजे लोगों ने सड़क पर दोनों के शव और पास में राइडर बाइक पड़ी देखी तो पुलिस को अवगत कराया।
विज्ञापन

रविंद्र का शव सड़क पर बाइक के पास पड़ा था और कप्तान का शव उससे आगे सड़क किनारे कच्चे में पड़ा था। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शवों को सोनीपत के सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। चिकित्सकों के बोर्ड से कराए गए पोस्टमार्टम में तेजधार हथियार से वारदात को अंजाम देने की पुष्टि हुई है। मामले में पहले बुटाना चौकी प्रभारी संजय के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन 17 घंटे बाद ही जींद व सोनीपत पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक हमलावर मारा गया है। 
दोनों जवान सोमवार सुबह एक ही बाइक पर घर से आए थे
सिपाही रविंद्र और एसपीओ कप्तान सिंह गोहाना-जींद मार्ग पर स्थित बुटाना चौकी में तैनात थे। रविंद्र जींद के गांव बुढ़ा खेड़ा और कप्तान सिंह जींद के गांव कलावती का रहने वाला था। दोनों सोमवार सुबह ही घर से एक ही बाइक पर चौकी आए थे। इसके बाद रात करीब 12 बजे चौकी से बाइक लेकर गश्त पर निकले थे। मंगलवार तड़के दोनों के शव मिले। 

सूचना मिलने पर एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा, एडीजीपी व आईजी रोहतक रेंज संदीप खिरवार और डीजीपी मनोज यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। डीजीपी ने कहा कि दोनों जवानों ने ड्यूटी के दौरान जनसुरक्षा के लिए अपनी शहादत दी है और उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा।

हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए आठ टीमों का गठन किया गया है। कप्तान परिवार का इकलौता बेटा था और रविंद्र परिवार में अकेला कमाने वाला था। सामान्य अस्पताल पहुंचे जवानों के परिजनों में गुस्सा था। उनका कहना था कि जिस तरह उनके बेटों को मारा गया, उनके हत्यारोपियों को भी इसी तरह मारा जाए।

 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

बदमाशों ने हमलावरों को पकड़ने गई टीम पर भी किया हमला

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us