पौधारोपण पर जोर, संरक्षण में कमजोर

Rohtak Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
पर्यावरण संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। इसके बावजूद अभी तक इसमें सुधार की तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। वन विभाग की तरफ से जिले भर में पौधारोपण करने के बाद उनकी सुरक्षा का अभाव व विभाग की नीति पर्यावरण पर भारी पड़ रही है। इससे पौधों को शत-प्रतिशत जीवित रखना नामुमकिन है। वहीं लोगों में पर्यावरण को लेकर अभी तक जागरूकता का अभाव भी परेशानी बढ़ा रहा है। इसके चलते जिले का हरित क्षेत्र बढ़ नहीं पा रहा है।
जिले में लोगों को स्वच्छ वायु प्रदान करने के लिए कुल भू-भाग में कम से कम 19 फीसदी हरित क्षेत्र होना आवश्यक है। इसके विपरीत वर्तमान में जिले की स्थिति बेहद खराब है। पिछली गणना में हरित क्षेत्र मात्र तीन फीसदी ही था। जिले में वन विभाग के पास भूमि की कमी है। साथ ही लगातार विकास के नाम पर पेड़ों की बलि देने से भी हरित क्षेत्र कम हुआ है। वन विभाग द्वारा जिले में प्रतिवर्ष लाखों पौधे रोपे जाते हैं, लेकिन उनको जीवित बचाए रखने के लिए विभाग के सामने सबसे बड़ी कमी सुरक्षा के प्रबंध करने की है। वन विभाग के कर्मचारियों को पौधे को सुरक्षित रखने के लिए ट्री-गार्ड तक उपलब्ध नहीं करवाए जाते।
हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए लगाए जा रहे लाखों पौधों को जीवित रखने के लिए विभाग की वर्षों पुरानी नीति व जमीन की कमी भी बड़ी बाधा बनकर सामने खड़ी है। पौधा रोपण के बाद उसमें एक वर्ष के दौरान मात्र तीन बार ही पानी देने की नीति किसी सूरत में सही नहीं है। इससे पौधे को बचाए रखना असंभव सा है। जिले में वन विभाग के पास करीब 7.5 हजार हेक्टेयर हरित क्षेत्र है। विभाग अपने पूरे क्षेत्र पर भी पौधा रोपण कर दे तो भी जिले का हरित क्षेत्र सात से आठ फीसदी तक ही पहुंच सकता है, जो 19 फीसदी के मुकाबले काफी कम है। विभाग के पास कर्मचारियों की भी भारी कमी है। इसके अलावा, विकास के नाम पर हजारों पेड़ काट दिए जाते हैं। इस वर्ष जीटी रोड की चौड़ाई बढ़ाने को ही 7000 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई।

ये हैं प्रमुख अड़चनें
पुरानी विभागीय नीति से पौधों का बच पाना असंभव
विभाग के पास अपनी जमीन की कमी बन रही बाधा
सुरक्षा के लिए विभाग के पास ट्री-गार्ड का भी अभाव
कर्मचारियों व संसाधन तक नहीं उपलब्ध
जागरूकता की कमी भी पड़ती है भारी
विकास के नाम पर काट दिए जाते है हजारों पेड़

इन योजनाओं पर टिकी है निगाह
हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को उनकी जमीन पर बाग लगाने के लिए पौधे उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

किस वर्ष कितने पौधे रोपे गए
वर्ष पौधे रोपे
2007-08 8 लाख 38 हजार 670
2008-09 7 लाख 6 हजार 544
2009-10 9 लाख 46 हजार 681
2010-11 8 लाख 84 हजार 718
2011-12 5 लाख 99 हजार 560
2012-13 7 लाख 10 हजार 779
2013-14 4 लाख 96 हजार 750
2014-15 6 लाख 54 हजार 40
2015-16 5 लाख 52 हजार 400
2016-17 3 लाख 64 हजार 100

पौधारोपण को लेकर विभाग काफी सजग है। विभाग की ओर से पांच वर्ष के अंतराल में करवाई गई गणना में वृक्षों की संख्या में काफी इजाफा होगा। हालांकि, विभाग के पास ट्री-गार्ड की कमी है। इस समस्या को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
राजेश आर्य, जिला वन अधिकारी

पौधारोपण पर जोर, संरक्षण में कमजोर
पौधे को सुरक्षित रखने के लिए ट्री-गार्ड तक उपलब्ध नहीं
पर्यावरण को लेकर लोगों में अभी जागरूकता का अभाव
प्रतिवर्ष लाखों पौधों का रोपण करता है विभाग

फोटो : 38 : सोनीपत के एटलस रोड पर ट्री-गार्ड के अंदर सूखा पड़ा पेड़।

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