सोनीपत के लिंगानुपात में पहली बार बेटियों ने बेटों को पछाड़ा

Rohtak Bureau Updated Thu, 15 Feb 2018 12:24 AM IST
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सोनीपत के लिंगानुपात में पहली बार बेटियों ने बेटों को पछाड़ा
-जिले में पहली बार एक हजार के पार पहुंचा लिंगानुपात
जनवरी में 1005 लिंगानुपात हुआ, पिछले चार सालों में किसी भी महीने में नहीं पहुंच सका एक हजार के पार
-स्वास्थ्य विभाग मन रहा बेहतर परिणाम, आगे भी इस तरह लिंगानुपात को जारी रखने का प्रयास
प्रदीप कौशिक
सोनीपत। लिंगानुपात के मामले में कभी पिछड़े जिलों में माना जाने वाले सोनीपत में पहली बार बेटियों ने बेटों को पछाड़ दिया। इस साल के पहले माह जनवरी में लिंगानुपात एक हजार के पार पहुंचकर 1005 हो गया। पिछले चार सालों में यह आंकड़ा एक हजार से पार नहीं पहुंचा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस परिणाम को बेहतर मान रहे हैं और आगे भी इस तरह लिंगानुपात को जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
पिछले चार सालों के लिंगानुपात की बात करें तो सोनीपत जिला वर्ष 2014 तक प्रदेश के सबसे फिसड्डी जिलों में शामिल था। वर्ष 2014 में जिले का लिंगानुपात एक हजार लड़कों के सापेक्ष 830 था। स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाई तो यह लिंगानुपात वर्ष 2015 में 867, वर्ष 2016 में 902 और वर्ष 2017 में बढ़कर 937 पर पहुंच गया। इसके बाद भी यह माना जा रहा था कि जिले में अभी लड़कों के मुकाबले 63 लड़कियों का कम जन्म हुआ है। लेकिन 2018 के पहले ही महीने में स्वास्थ्य विभाग को लिंगानुपात में बड़ी बढ़ोतरी मिली और यहां का लिंगानुपात 1005 हो गया। एक हजार के पार लिंगानुपात पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे बेहतर मान रहे हैं, लेकिन इसे आगे भी इस तरह जारी रखने के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों, गर्भपात करने वालों पर शिकंजा कसते रहने की बात कही जा रही है।
चार साल में एक भी महीने हजार के पार नहीं पहुंच सके
पिछले चार सालों में लिंगानुपात एक हजार के आंकड़े को कभी नहीं छू सका। वर्ष 2014 में सबसे ज्यादा लिंगानुपात फरवरी में 917 तक पहुंच सका था। वहीं 2015 में दिसंबर में सबसे ज्यादा 942 तक लिंगानुपात पहुंचा। 2016 में अक्टूबर में 947 तक लिंगानुपात पहुंचा तो 2017 में जनवरी में 974 तक पहुंचा था।
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बेटियां भी बेटों से काम नहीं है। मेरी पहले भी बेटी है और अब फिर से बेटी ने जन्म लिया है। बेटों की तरह बेटियों को भी मान सम्मान देना चाहिए और उनकी शिक्षा दिलाकर आगे बढ़ाने चाहिए।
-आशा, निवासी मशद मोहल्ला।
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नागरिक अस्पताल में पहला बच्चा हुआ है और वह भी बेटी है। बेटी होने पर काफी खुशी है और परिवार के सभी लोग खुुुश है। क्योंकि बेटी भी बेटों से कम नहीं होती है।
-प्रीति, निवासी कोट मोहल्ला
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किस माह कितनी लड़कियों ने लिया जन्म
माह वर्ष 2014 वर्ष 2015 वर्ष 2016 वर्ष 2017
जनवरी 845 815 921 974
फरवरी 917 886 930 928
मार्च 761 847 915 934
अप्रैल 781 811 859 961
मई 802 836 900 906
जून 783 887 882 924
जुलाई 789 825 843 914
अगस्त 887 861 918 984
सितंबर 854 881 888 890
अक्टूबर 900 881 947 959
नवंबर 832 923 888 936
दिसंबर 787 942 894 930
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वर्जन
इस साल जनवरी माह में लिंगानुपात 1000 के पार पहुंचकर 1005 हो गया है। जिले में पहली बार लिंगानुपात एक हजार के पार पहुंचा है। भविष्य में भी इसी तरह लिंगानुपात जारी रखने का प्रयास रहेगा, जिसके लिए अल्ट्रासाउंड सेंटरों व गर्भपात करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन।

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