पीटीआई ने दशहरे पर जलाया सरकार का पुतला

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 10:35 PM IST
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रोहतक। दशहरे पर सरकार का पुतला लेकर रोष प्रकट करते पीटीआई।
रोहतक। दशहरे पर सरकार का पुतला लेकर रोष प्रकट करते पीटीआई। - फोटो : Amar Ujala

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रोहतक। बर्खास्त शारीरिक शिक्षकों का क्रमिक अनशन रविवार को 133 वें दिन भी जारी रहा। लघुसचिवालय के बाहर पीटीआई नरेश लकड़ा, रमेश, अशोक, लाभ सिंह क्रमिक अनशन पर रहे। नौकरी बहाली को लेकर पीटीआई ने दशहरे पर सरकार का पुतला फूंक कर रोष प्रकट किया अनशन की अध्य्क्षता राजकुमार राठी ने की। मंच संचालन सुरेंदर ने किया। पीटीआई शिक्षकों ने कहा कि छह अक्तूबर को मुख्यमंत्री के साथ हुई शारीरिक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में 7 से 10 दिन में विभाग में समायोजित करने का आश्वासन दिया था। इस पर सहमति भी बनी थी। इसके साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि मृतक पीटीआई के आश्रितों को एक्सग्रेशिया के तहत मिलने वाले लाभ व विधवा महिला पीटीआई शिक्षिकाओं का 2 से 3 दिन में समाधान करने का आश्वासन दिया था। अब तक उनका भी कोई विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है। इतने दिन बीत जाने के बाद भी पीटीआई शिक्षकों ने रोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। कविता देवी ने सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में रोष प्रदर्शन में कहा कि सरकार हमे दिहाड़ी मजदूरी पर रख रही है। यह शिक्षकों का घोर अपमान है। जिन शिक्षकों ने अपने 10 साल में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किये हैं। उन्हें अब नरेगा सरीखी मजदूरी या दिहाड़ी मजदूरी करने पर सरकार मजबूर कर रही है। सरकार की ओर से दिया गया प्रलोभन हमे मंजूर नहीं है।
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