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Rohtak News: विद्यार्थियों के समर्थन में आई पीजीआई की ज्वाइंट एक्शन कमेटी, आज से नहीं देखेंगे मरीज, ऑपरेशन भी बंद

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2022 06:30 AM IST
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में क्रमिक अनशन पर बैठे विद्याथी। अमर उजाला
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में क्रमिक अनशन पर बैठे विद्याथी। अमर उजाला
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रोहतक। एमबीबीएस में प्रवेश के लिए 40 लाख रुपये की बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ विद्यार्थियों का संघर्ष वीरवार रात आंदोलन में तबदील हो गया। शिक्षक, गैर शिक्षक व नर्सिंग एसोसिएशन भी अपनी कॉमन कैडर पॉलिसी को लेकर विद्यार्थियों के समर्थन आ खड़ा हुआ है। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय व पीजीआई के अधिकारियों से लंबी बैठक के बाद विवि की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने 25 नवंबर से ओपीडी में मरीज देखने व इलेक्टिव सर्जरी में ऑपरेशन नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही 26 नवंबर से संस्थान में मरीज भर्ती नहीं किए जाएंगे। इस पर भी सरकार ने सुनवाई नहीं की तो 28 नवंबर से आपात सेवाएं भी पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी है।

इससे पूर्व वीरवार को दिन में आरडीए (रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) ने ओपीडी, वार्ड व इलेक्टिव ओटी की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रखी। एमबीबीएस विद्यार्थियों ने विरोध स्वरूप क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। पहले दिन 24 घंटे के लिए 11 विद्यार्थी क्रमिक अनशन पर बैठे। साथ ही 48 घंटे बाद आमरण अनशन की भी चेतावनी दी है। इधर, शाम को विद्यार्थियों की उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री व एसीएस से बात की जाएगी। वहीं पीजीआई प्रशासन ने इस पूरे मामले में कुछ भी कहने से परहेज कर रहा है।

पीजीआई की ज्वाइंट एक्शन कमेटी एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन उतर आई है। इसमें एचएसएमटीए (हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन), यूएचएस गैर शिक्षक कर्मचारी संघ व नर्सिंग एसोसिएशन शामिल है। इन तीनों संगठनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के करीब 50 से ज्यादा सदस्यों ने वीरवार दोपहर बाद विवि प्रशासन के साथ बैठक की। यहां लंबी बहस के बाद कमेटी ने अपनी कॉमन कैडर पॉलिसी का विरोध करते हुए विद्यार्थियों को अपना समर्थन दिया। कमेटी के चेयरमैन डॉ. आरबी जैन ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को कॉमन कैडर पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसका शुरू से ही विरोध किया जा रहा है। इसके तहत सरकार पीजीआई के स्टाफ को प्रदेश में कहीं भी स्थानांतरित कर सकती है। इससे पीजीआई का शोध कार्य भी प्रभावित होगा। बॉन्ड पॉलिसी भी विद्यार्थी या जनहित में नहीं है। इसलिए यह कदम उठाया गया है।
इससे पूर्व, पीजीआई के विद्यार्थी व आरडीए सदस्य वीरवार सुबह ओपीडी के बाहर पहुंचे। यहां गार्डों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद सभी वहीं बैठ गए और नारेबाजी के जरिये बॉन्ड पॉलिसी पर विरोध जताया। यहीं विद्यार्थियों ने अपना एक्शन प्लान तैयार किया। इसमें भूख हड़ताल करने, भाजपा विधायकों के घरों का घेराव, एचएमटीए (हरियाणा मेडिकल टीचिंग एसोसिएशन) का समर्थन लेने के लिए आम सभा की बैठक, एमडीयू में शुक्रवार से कक्षाओं के निलंबन के बारे में छात्र संगठनों से सहयोग लेने, नर्सिंग एसोसिएशन से हड़ताल का समर्थन लेने के लिए बातचीत करना शामिल रहा। इस एक्शन प्लान को धरनारत विद्यार्थियों ने वीरवार को 11 विद्यार्थियों की क्रमिक अनशन के साथ लागू करना शुरू कर दिया। पहले दिन वैशाली यादव, नेहा यादव, राधा, रविता, अंजलि जिंदल, नितिन, रमन, सागर, आयुष व अंकित अनशन पर रहे। साथ ही विद्यार्थियों ने 48 घंटे में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी।
आरडीए सदस्यों के हड़ताल पर आने से वीरवार को संस्थान की ओपीडी, वार्ड व इलेक्टिव ओटी की सेवाएं बाधित रही। यहां मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों ने कमान संभाली। ओपीडी, वार्ड व इलेक्टिव ओटी में मरीजों को इलाज मुहैया करा कर उन्हें राहत पहुंचाई। वार्डों में वीरवार को नए मरीज नहीं पहुंचे। संस्थान की रोजाना औसतन आठ हजार मरीजों की ओपीडी में हड़ताल के कारण मरीज कम पहुंचे। यहां करीब 1300 नए व करीब इतने ही पुराने मरीज पहुंचे। दोपहर दो बजे के बाद विद्यार्थी ओपीडी के सामने से हट कर निदेशक कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर अन्य विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। यहीं आरडीए के सदस्य भी पहुंचे। इसके लिए विद्यार्थियों ने वार्डों में जाकर आरडीए सदस्यों को अपने साथ आने की अपील भी की। संस्थान की नर्सिंग छात्राओं ने विद्यार्थियों को अपना समर्थन दिया। जबकि एमडीयू के छात्र संगठनों से समर्थन को लेकर संपर्क जारी है।
उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को दिया आश्वासन
शाम को प्रदर्शनकारियों को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आने का पता लगा। इसके चलते सभी ने सर्किट हाउस के घेराव की तैयारी की। इस बारे में प्रशासन को भनक लगी तो 10 विद्यार्थियों की उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कराई गई। यहां विद्यार्थियों ने उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया। समस्या सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री ने इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व अतिरिक्त मुख्य सचिव से बात करने का आश्वासन दिया।
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निदेशक ने जारी किया नोटिस, विद्यार्थी जल्द धरने से उठे नहीं तो एफआईआर नहीं होगी खारिज
अभिभावकों को चिट्ठियां भेजे जाने के बाद अब वीरवार को पीजीआई निदेशक की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसमें धरने पर बैठे सभी विद्यार्थियों को जल्द धरने से उठने की नसीहत दी गई है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया जाएगा। यही नहीं 4 नवंबर की रात सभागार के बाहर इकट्ठा होने पर दर्ज की गई एफआईआर भी खारिज नहीं किए जाने की चेतावनी दी गई है। विद्यार्थियों ने इसकी निंदा की है।

 रोहतक के सर्किट हाउस में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को ज्ञापन सौपने के बाद बात करते एमबीबीएस

रोहतक के सर्किट हाउस में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को ज्ञापन सौपने के बाद बात करते एमबीबीएस

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