शर्मसार प्रदेश, महीने में दुराचार के 12 मामले

Rohtak Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
रोहतक। प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों से लगातार हो रही दुराचार के घटनाओं ने आम लोगों को झकझोर दिया है। लेकिन सरकार के कानून-व्यवस्था के दावे भी बदस्तूर जारी हैं। नौ सितंबर से छह अक्तूबर तक एक माह के दौरान प्रदेश में लड़कियों और महिलाओं के दुराचार के 12 मामलों ने पुलिस की रणनीति और सरकार के दावों की पोल खोल कर रख दी है। कई मामलों पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया, परंतु पीड़िताओं के पुनर्वास को लेकर प्रदेश सरकार अब तक कोई कदम नहीं उठा सकी है।
प्रदेश में नौ सितंबर को गांव डाबरा में एक दलित युवती के साथ बारह आरोपियों ने सामूहिक दुराचार किया। इस मामले में पीड़िता के पिता ने शर्मसार होकर आत्महत्या कर ली। इस मामले गूंज केंद्र तक पहुंची और महिला आयोग व अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार को कार्रवाई के आदेश दिए। आयोग ने सरकार को लिखा था कि मामले में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी सरकार ने किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि 21 सितंबर को जींद के गांव पिल्लूूखेड़ा में एक विवाहिता से सामूहिक दुराचार कर एमएमएस बनाने के मामला सामने आ गया। इस घटना में आरोपियों ने महिला की मासूम बच्ची के सामने बंदूक की नोक पर दुराचार किया।
26 सितंबर को गोहाना में चार युवकों ने ग्यारहवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ दुराचार किया। 29 सितंबर को भिवानी के गांव सांडवा में आठवीं की एक छात्रा को अगवा कर तीन युवकों ने उसके साथ दुराचार किया। दो अक्तूबर को रोहतक के कच्ची गढ़ी मोहल्ले में एक 15 वर्षीय किशोरी को अगवा कर दुराचार किया गया। इसी दिन नरवाना में दलित महिला के साथ दुराचार किया गया। अगले दिन तीन अक्तूबर को रोहतक में ग्यारह साल की बच्ची को हवस का शिकार बनाया गया तो गोहाना के बनवासा गांव में एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुराचार किया गया। यमुनानगर के बिलासपुर में खेतों से लौट रही एक युवती और घरौंडा में एक महिला के साथ दुराचार हुआ। पांच अक्तूबर को पानीपत में महिला के साथ दुराचार हुआ। छह अक्तूबर को नरवाना के गांव सच्चा खेडा में दलित युवती के साथ दो युवकों ने दुराचार किया, जिससे युवती ने आहत होकर आग लगा ली और देर शाम उपचार के दौरान पीजीआई में मौत हो गई।


आला अधिकारी तक दुराचार के मामले में आरोपी : चौटाला
इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला का कहना है कि प्रदेश में प्रशासन तो है ही नहीं। मुख्यमंत्री को रुपए कमाने के अलावा कोई ध्यान नहीं है। कानून व्यवस्था का पूरी तरह जनाजा निकल चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस के आला अधिकारियों तक पर दुराचार के आरोप लगे हैं, उनकी जांच तक नहीं की गई। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब आला अधिकारी ही आरोपी हैं तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा। आज प्रदेश में महिलाएं पूरी तरह से असुरक्षित है। मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं : गुर्जर
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर का कहना है कि प्रदेश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। महिलाओं को भय व दहशत में जीना पड़ रहा है। रोज-रोज हो रहे दुराचार के मामले व अन्य अपराधिक वारदातें रोकने में सरकार पूरी तरह से विफल है और सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। गुर्जर ने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ सरकार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम रही है।

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