हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट योजना नहीं चढ़ी सिरे

Rohtak Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
नारनौल। वाहनों की चोरी को रोकने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद शुरू किया गया हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की योजना जिले में शुरूआती दौर में ही दम तोड़ती नजर आ रही है। लोगों को एक-एक माह तक नंबर प्लेटें लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, नंबरों की डाई में अक्षरों की खामी है, जिस पर ना तो विभाग और ना ही कंपनी द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। इसे एसडीएम और आरटीए कार्यालय की ढील का परिणाम मान लीजिए या फिर प्लेटें लगाने वाली कंपनी के कारिंदों का मनमर्जी। परेशानी नारनौल के वाहन मालिकों को झेलनी पड़ रही है।
लिंक उत्सव रजिस्ट्र्रेशन प्लेट्स प्राइवेट लि. नामक कंपनी ने हरियाणा में हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने का कार्य संभाला हुआ है। कंपनी द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में इन प्लेटों को लगाने के लिए जिला स्तर पर एक-एक मशीन लगाई हुई है तथा जिले में अलग-अलग स्थानों पर प्लेट लगाने के शुल्क लेने के काउंटर बनाए गए हैं। कंपनी के साथ विभाग द्वारा हुए एग्रीमेंट के अनुसार स्लिप कटने के बाद चार दिनों के अंदर-अंदर कंपनी को वाहन मालिक की प्लेट तैयार करके लगानी होगी और यदि निर्धारित समय में प्लेट नहीं लगाई जाती है तो वाहन मालिक कंपनी से प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये जुर्माना लेने का हकदार होगा। नारनौल में कंपनी द्वारा दो केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें से एक आरटीए तथा दूसरा एसडीएम कार्यालय में बनाया गया है। इन दोनों केंद्रों पर कंपनी द्वारा तीस जुलाई से शुरू किए गए काम में 21 सितंबर तक केवल 764 वाहनों की हाई सिक्योरिटी प्लेट बनाने की स्लिप काटी गई है। इनमें से महज 397 प्लेट ही तैयार करके केवल 260 वाहनों पर लगी है। हैरानी की बात तो यह है कि चार दिन के अंदर-अंदर प्लेट तैयार करके लगाना तो दूर कंपनी के नारनौल केंद्रों पर सिर्फ 28 अगस्त तक काटी गई स्लिप की प्लेटें ही तैयार हो पाई है और इन्हें अभी लगाने में कई दिन और लग जाएंगे। ऐसी स्थिति में जिन लोगों की स्लिप सितंबर माह के दौरान काटी गई उनकी प्लेटें कब तक आएगी, कंपनी के कारिंदों के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
एसडीएम व आरटीए विभाग की ढिलाई के कारण जब नए वाहनों की प्लेटों में तो इतना समय लग रहा है तो जब पुराने वाहनों के मालिक अपने प्लेटें बदलवाने के लिए आएंगे तो हजारों पुराने वाहनों की प्लेटें कितने दिनों में लग पाएगी, यह भी एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
यह है निर्धारित दर
हरियाणा में कार पर नंबर प्लेट लगवाने का खर्चा 365 रुपये, बस और ट्रक पर प्लेट लगवाने का खर्चा 280 तथा दो पहिया वाहनों का खर्चा 122 रुपये निर्धारित किया गया है।

क्या है प्लेट की खासियत
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एल्युमीनियम की बनी होती है। इसे एंबॉस तकनीक से लगाया जाता है। प्लेट को गाड़ियों में इस तरह लगाया जाता है कि ये उखड़ न पाए। इस प्लेट में सात अंकों का एक सिक्योरिटी कोड होता है। इसकी मदद से वाहन के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। इस नंबर प्लेट पर होलोग्राम के साथ-साथ रिफ्लेक्टर भी लगे हुए हैं, जो अंधेरे में लाइट पड़ने पर चमकते हैं। नंबर लिखने का स्टाइल भी एक ही तरह का होता है।
प्लेट के लाभ
नंबर प्लेट में लगी चिप में गाड़ी का इंजन, चेसिस, लेजर और रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद होता है। इससे गाड़ी चोरी होने की स्थिति में इसकी सारी जानकारी हासिल की जा सकती है।
कोट
जिले में यह नई योजना शुरू की गई है। शुरुआत में थोड़ी परेशानी आ रही हैं। इसका मुख्य कारण स्टाफ की कमी व पर्याप्त मशीनों का न होना है। इन दोनों समस्या को जल्द दूर कर दिया जाएगा।
शिव प्रसाद, एसडीएम, नारनौल

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