फोटो समेत : आरक्षण आंदोलन के चंदे का दूसरा प्रयोग करने का विरोध

Rohtak Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
नगर की दीनबंधु सर छोटूराम धर्मशाला में शनिवार को समाजसेवियों व जाट आरक्षण आंदोलन से जुड़े लोगों की बैठक हुई। बैठक में एक राय से प्रस्ताव पारित कर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान इकट्ठे हुए चंदे को जाट सेवा संघ के खाते में जमा कराने का विरोध किया गया और इस राशि का सिर्फ जाट आरक्षण आंदोलन के संबंध में ही इस्तेमाल करने की मांग की गई। पहलवान वीरेंद्र बुल्लड़ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि बैठक में आरक्षण आंदोलन के दौरान इकट्ठे हुए चंदे को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में चंदे की शेष बची राशि को जाट सेवा संघ के खाते में जमा न करवाने की मांग की गई।
संघर्ष अभी पूरा नहीं हुआ
वक्ताओं ने कहा कि यह राशि जिस उद्देश्य के लिए इकट्ठी की गई थी, वह संघर्ष अभी पूरा नहीं हुआ है। अगर आरक्षण आंदोलन से जुड़ी तमाम मांगें पूरी न हुई तो संघर्ष दोबारा शुरू करना पड़ सकता है। मुकदमों की लड़ाई लंबी चल सकती है। ऐसी स्थिति में आंदोलन के दौरान इकट्ठे हुए पैसे से कोचिंग सेेंटर या अन्य शिक्षण संस्थान खोलने की जल्दी करना उचित नहीं होगा। इस राशि को अभी सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
छोटूराम धर्मशाला प्रांगण में हुई बैठक में पहलवान वीरेंद्र सिंह बुल्लड़, रामफल मलिक, चंद्र सिंह दलाल, महावीर सिंह, दलबीर चंद्रपाल, हवा सिंह, मास्टर हुकम सिंह, धर्मशाला सोसाइटी के प्रधान सज्जन सिंह दलाल, कृष्ण स्वरूप जून, बलबीर सिंह छिल्लर, वीपी ढुल, रोहताश जून, समे सिंह डागर, सुरजीत सिंह व ईश्वर सिंह कादियान समेत अनेक लोगों ने भाग लिया।

- फोटो 15: बैठक के बाद छोटूराम धर्मशाला में इकट्ठे हुए समाजसेवी।

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