नप के पास नहीं कामर्शियल भवनों का रिकार्ड, सरकार को लग रहा राजस्व का चूना

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Fri, 28 Sep 2018 04:08 AM IST
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रेवाड़ी। नगर परिषद रिहायशी मकानों, होटलों, अस्पताल, बैंक्वेट हाल और अन्य तरह के भवनों से प्रापर्टी टैक्स तो वसूल कर रही है, लेकिन उनके पास रिहायशी मकानों को छोड़कर किसी भी तरह के कामर्शियल जोन का कोई रिकार्ड नहीं है। यही कारण है कि करीब दो लाख की आबादी वाले इस शहर से नगर परिषद को टैक्स के रूप में प्रतिमाह केवल चार से पांच लाख रुपये ही मिल रहे हैं। सभी का रिकार्ड बनें तो राजस्व की राशि लाखों तक पहुंच सकती है। नप अधिकारियों की यह लापरवाही और सुस्ती से सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है।
नगर निकाय विभाग ने 4 अप्रैल 2013 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके जरिये रिहायशी और वाणिज्यिक भवनों के टैक्स का ब्योरा दिया था। नगर परिषद द्वारा नोटिफिकेशन में दिए टैक्स के विवरण के हिसाब से लोगों से राजस्व तो वसूल कर रही है, लेकिन आज तक कामर्शियल भवनों का रिकार्ड तक नहीं बना पाई है। नगर परिषद प्रशासन को आज तक यह नहीं मालूम है कि उसके क्षेत्र में कितने अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, होटल, बैंक, मैरिज पैलेस और अन्य तरह के कामर्शियल भवन हैं। जानकारी के अभाव के चलते नगर परिषद को प्रति माह लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। अधिकारियों की इस लापरवाही की वजह कुछ भी हो लेकिन इससे शहर के विकास के लिए जो पैसा मिलता उससे वंचित होना पड़ रहा है।
कैसे भवन के लिए क्या है निर्धारित
सरकार द्वारा वर्ष 2013 में जारी किए नोटिस में टैक्स वसूल करने के लिए स्लैब बनाया हुआ है। इस स्लैब के हिसाब से रिहायशी भवनों पर 300 वर्ग गज की जगह पर 50 पैसे प्रति वर्ग गज का टैक्स है। प्रथम तल बनाने पर इसमें 40 प्रतिशत और बेसमेंट बनाने पर 50 प्रतिशत टैक्स जोड़ा हुआ है। यही टैक्स वर्ग गज के हिसाब से बढ़ जाता है। इसी प्रकार 50 गज तक के कामर्शियल भवन पर 12 रुपये प्रति वर्ग गज टैक्स रखा गया है, जो प्रथम तल, बेसमेंट व द्वितीय तल तक बनाने पर रिहायशी भवन की तरह बढ़ाया जाता है। औद्योगिक प्रापर्टी के मामले में ढाई हजार गज तक टैक्स ढाई रुपये प्रति वर्ग गज रखा हुआ है। इंस्टीट्यूशनल के लिए 2500 गज तक 6 रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित किया हुआ है। नोटिफिकेशन में 50 गज में बने अस्पताल के लिए डेढ़ रुपये प्रति गज, 100 वर्ग गज वाले के लिए तीन रुपये, मैरिज पैलेस, सिनेमा हॉल, क्लब और हॉस्टल के लिए 3.75 रुपये और बैंक व मल्टीप्लैक्स के लिए 7.50 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से निर्धारित किया गया है।
सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे होने के बाद सभी रिहायशी और कामर्शियल भवनों का विवरण उनके पास आ जाएगा। इसके बाद नोटिफिकेश में दिए स्लैब के अनुसार सख्ती से वसूली अभियान चलाया जाएगा। - नरेंद्र यादव, लेखा अधिकारी
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