विज्ञापन

अब नए सेशन में बिना मान्यता के नहीं चल सकेंगे प्ले स्कूल, लेनी होगी मान्यता

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 17 Feb 2020 01:33 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अब बिना मान्यता प्राप्त और मनमर्जी से प्ले स्कूल नहीं चल सकेंगे। इनके लिए नई गाइड लाइन जारी हो चुकी है। प्ले स्कूल चलाने से पहले अब महिला एवं बाल विकास विभाग से मान्यता लेनी होगी। स्कूल को अपनी सुविधाओं को पूरा ब्योरा भी अपने परफोर्मे में देना होगा। 2020-21 के सेशन में सभी प्ले स्कूलों को मान्यता लेना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि शहर में लगभग 430 प्ले स्कूल फिलहाल बिना मान्यता के चल रहे हैं। जिन पर आज तक न तो महिला एवं बाल विकास ने कार्रवाई की न ही राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग इन स्कूलों की ओर ध्यान दे रहा है। प्रदेश स्तर की बात करें तो प्रदेश भर में लगभग साढ़े तीन हजार प्ले स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। ऐसे अब राज्य महिला एवं बाल विभाग की ओर से सभी जिलों के प्ले स्कूलों को आदेश दिए गए हैं। स्कूलों को अब पहले मान्यता लेेनी होगी।
अभी तक नहीं था कोई नियम
दरअसल, हरियाणा शिक्षा विभाग नियमों के मुताबिक स्कूलों को पहली से 12वीं कक्षा तक मान्यता देता है। इसमें प्ले स्कूलों का कोई जिक्र नहीं है। इसी वजह से कुछ महीने पहले नर्सरी, केजी और यूकेजी कक्षाओं को बंद करने का फरमान भी मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी कर दिया था, लेकिन बाद में स्कूलों के विरोध के चलते इस नियम को वापस ले लिया गया। राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 2019 में सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को प्राइवेट प्ले स्कूलों के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस जारी की गईं थीं। इसके तहत अधिकारियों को प्ले स्कूलों को मान्यता देने के लिए नोडल अधिकारी भी बनाए गए हैं, लेकिन प्ले स्कूल के रेगुलेटरी गाइडलाइंस से जुड़े कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता नहीं है। ये बिंदु स्कूल की जमीन को लेकर हैं, इनमें प्ले स्कूल कहां और कितनी बड़ी जमीन पर संचालित हो सकते हैं। ये पूर्ण रूप से स्पष्ट होना बाकी है।
पहले से है नियम पर फॉलो नहीं हुआ
प्ले स्कूलों के लिए एनसीपीसीआर (नेशनल कमीशन प्रोटेक्शन चाइल्ड) की ओर से नियम 2018 में तय किए जा चुके हैं। एक लंबे समय तक तो यह भी तय नहीं था कि प्ले स्कूल मौलिक शिक्षा विभाग के तहत आएंगे या फिर महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित होंगे, लेकिन 2019 में ये तय किया गया कि प्ले स्कूलों का पूर्ण संचालन महिला एवं बाल विकास के तहत होगा और मान्यता समेत सभी व्यवस्थाओं को लेकर जिला स्तर पर बाल विकास अधिकारी काम करेगा। वहीं, नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले प्ले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
प्ले स्कूलों के लिए नियम
- 3 से 6 साल तक के बच्चों को ही पढ़ा सकते हैं
- स्कूल के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से अनुमति लेनी होगी
- पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन का गठन होना चाहिए
- 4 घंटे से अधिक नहीं लगा सकते क्लास
- 20 बच्चों पर एक टीचर और एक केयर टेकर होगी
- प्ले स्कूलों की हर साल मान्यता रिन्यू अनिवार्य है
- बच्चों की फीस होगी निर्धारित
- बच्चों के लिए रेस्ट रूम और दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय होंगे
- प्ले ग्राउंड और परिसर में सीसीटीवी, सुरक्षित भवन और फायर सेफ्टी प्रबंध हों
- लाइब्रेरी की व्यवस्था भी की जाए
- मान्यता के लिए न्यूनतम 2 अधिकारियों की कमेटी निरीक्षण करेगी
प्ले स्कूल कर सकेंगे आवेदन
प्ले स्कूलों के लिए मान्यता के लिए जल्द ही स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएगी। जिसके तहत एक परफोर्मा स्कूलों को भरना होगा। इसमें स्कूलों में बच्चों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में अंकित करना होगा। इसके बाद महिला एवं बाल विकास अधिकारी की कमेटी प्ले स्कूलों का निरीक्षण करेगी और परफोर्मा में दी गई सभी चीजें और स्कूल में सभी सुविधाएं मौजूद होती हैं तो स्कूल में सभी सुविधाएं मौजूद होती हैं तो स्कूल को मान्यता दे दी जाएगी। यह प्रफोर्मा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरा जाएगा।
इसलिए उठाया गया कदम
जिले में छोटी छोटी कॉलोनियों में, गांवों में घरों के अंदर ही प्ले स्कूल के नाम पर दुकानें खोल दी गईं थी। न तो बच्चों के लिए कोई सुविधाएं होती थी और न ही कोई फीस का नियम। लोग बच्चों को स्कूल जाने की आदत डालने के लिए बच्चों को प्ले स्कूल में डालते थे। प्ले स्कूलों के लिए कोई नियम तय नहीं थे। इसलिए मनमर्जी से स्कूलों का संचालन हो रहा था। इसलिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने ये बड़ा फैसला लिया है।
2020-21 सेशन में मान्यता हुई अनिवार्य
अभी किसी भी प्ले स्कूल के पास मान्यता नहीं है, लेकिन 2020-21 के सेशन के लिए यह मान्यता अनिवार्य होगी। राज्यस्तर पर गाइडलाइंस को स्पष्ट तौर पर जल्द ही जारी किया जाएगा। शिक्षा विभाग से अभी उन्हें स्कूलों की लिस्ट नहीं मिली है।
- सरला यादव, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us