शहर में 50 लाख रुपये से उपर की 46 इमारतों पर सौ करोड़ से भी ज्यादा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स, भेजे नोटिस

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2020 11:51 PM IST
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शहर की सरकारी व प्राइवेट इमारतों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नगर निगम पानीपत ने बड़े बकायादारों से रिकवरी के लिए उनकी लिस्ट तैयार कर ली है। ज्यादातर इमारत मालिकों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। जिनमें निगम द्वारा बकाया रिकवरी के लिए एक सप्ताह तक का समय दिया जा रहा है। इसके बाद निगम कार्रवाई कर सकता है। बता दें कि 50 लाख रुपये से ज्यादा ऐसी 46 इमारतें हैं, जिन पर निगम का सौ करोड़ रुपये से भी ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इनमें से कुछ इमारतों को निगम पहले भी कई बार रिकवरी को लेकर नोटिस भेज चुका है, लेकिन आज तक किसी भी इमारत पर सीलिंग कार्रवाई नहीं हो पाई। इनमें काफी भवन सरकारी भी हैं, जिनमें कोर्ट कांपलेक्स, बिजली निगम, पावर हाउस, बस स्टैंड रेडक्रॉस भी शामिल हैं। वहीं, बड़े बकायादारों की सूची में शहर के मॉल व फैक्ट्रियां हैं।
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बता दें कि सिर्फ 22 ऐसी इमारतें हैं, जिन पर एक करोड़ से लेकर 18 करोड़ रुपये तक करीब 91 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बनता है। बड़े बकायादारों की सूची में पहले नंबर पर रहेजा मॉल का नाम है, जिस पर 18.40 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं, दूसरे नंबर पर मित्तल मॉल है, जिस पर करीब 15.30 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा एनएफएल पर भी 11 करोड़, कोर्ट कांप्लेक्स पर 6.81 करोड़, एग्रो मॉल पर साढ़े तीन करोड़, नवीन व अश्वनी के नाम से मिक्स प्रॉपर्टी पर भी करीब सवा छह करोड़, बजाज हैंडलूम पर 1.30 करोड़ रुपये बकाया है। वकीलों के चेंबरों पर 3.39 करोड़, बीएसएनएल पर डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है। एक करोड़ से कम देनदारी वालों में टोल प्लाजा पर 97 लाख, रेडक्रॉस पर 79 लाख, शुगर मिल व पावर हाउस पर करीब 56 लाख रुपये बकाया टैक्स है। वहीं, करीब 24 ऐसे भवन हैं जिन पर पचास लाख रुपये से लेकर एक करोड़ तक का टैक्स बकाया है।
सिर्फ 1.78 करोड़ ही आए
पिछले वर्ष निगम ने अपने बजट में करीब 33 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का दावा किया था, जिसमें से निगम करीब साढ़े सात करोड़ रुपये ही वसूल कर पाया। इसके अलावा निगम का करीब 32 करोड़ रुपये सरकारी इमारतों पर बतौर प्रॉपर्टी टैक्स निकलता है। अबकी बार निगम ने 40 करोड़ रुपये की वसूली को बजट में शामिल किया था, लेकिन अब तक केवल 1.78 करोड़ की रिकवरी ही हो पाई है।
निगम अधिकारी रिकार्ड इकट्ठा कर रहे हैं। सभी बकायादारों को नोटिस भेजने का काम किया जा रहा है। जल्द ही रिकवरी के लिए निगम अपनी कार्रवाई शुरू कर देगा। वहीं आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सुशील कुमार, नगर निगम आयुक्त, पानीपत

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