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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को आर्थिक तंगी से उभारने के लिए सरकार से मिला 1 हजार करोड़ का टारगेट, विभाग बेचेगा 1050.

Amar Ujala Bureauअमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 16 Feb 2020 01:48 AM IST
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सरकार ने प्रदेश भर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वो जल्द से जल्द राजस्व एकत्रित कर विभाग को आर्थिक तंगी से उभारे। विभाग के मुख्य प्रशासक पंकज यादव से सभी जिलों से उनकी भूमि की रिपोर्ट मांगी है। जिसमें हर जिले के विभाग को अपने रिहायशी और कॉमर्शियल प्लॉटों और उनकी कीमत की जानकारी देनी है। पानीपत को सरकार की ओर से 1 हजार करोड़ रुपये राजस्व एकत्रित करने का टारगेट मिला है। विभाग ने अपनी भूमि की कैलकुलेशन करते हुए 1050.88 करोड़ रुपये के प्लॉटों की रिपोर्ट मुख्यालय में भेजी है। 11 सेक्टरों में 1611 कॉमर्शियल व रिहायशी प्लॉटों की ई बोली मार्च माह में होगी। इस सब प्लॉटों की कीमत भी तय कर दी गई है। प्लॉटों की बोली कलेक्टर रेट पर होगी, ताकि लोग अपनी क्षमता के अनुसार प्लॉट खरीद सकें। इससे आर्थिक तंगी से गुजर रहा विभाग तंगी से उभरेगा। खाली पड़े प्लॉट बिकेंगे और सेक्टर आबाद होंगे।
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पिछले 10 साल से एचएसवीपी विभाग आर्थिक मंगी से जूझ रहा है। विभाग के पास आय के साधन सिर्फ प्लॉटों की बिक्री ही है। लोगों का रूझान सेक्टरों में प्लॉट खरीदने के लिए लगातार कम हुआ। इसलिए पानीपत का सेक्टर 18, 6, 7, 8, 40 व 13-17 पूरी तरह आबाद नहीं हो पाया। इनमें लगभग 450 प्लॉट खाली पड़े हैं। सेक्टरों के समय पर आबाद न होने से एचएसवीपी लगातार घाटे में जा रहा था। मुख्य प्रशासक के बदले ही प्रदेश भर में विभागों को ये आदेश जारी कर दिए गए हैं कि सेक्टरों को जल्द आबाद करें प्लॉटों की बिक्री कर राजस्व एकत्रित किया जाए।
निवेश के इच्छुक से भी संपर्क करेगा विभाग
विभाग बाहरी उद्यमियों और व्यापारियों से भी संपर्क करेगा। उद्यमियों को निवेश के लिए पानीपत लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जल्द कॉमर्शियल प्लॉटों की ब्रिकी हो और औद्योगिक सेक्टर आबाद हो।
सेक्टरों को आबाद करने के लिए एक्सटेंशन पॉलिसी में किया बदलाव
निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लोग सेक्टरों में खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य करने से कतरा रहे हैं। इसलिए खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। अब एचएसवीपी ने लोगों की इस समस्या को देखते हुए अपनी एक्सटेंशन पॉलिसी में बदलाव किया है। विभाग ने एक्सटेंशन फीस यानि जुर्माने में 80 प्रतिशत तक की कमी कर दी है। शहर के 6 रिहायशी सेक्टरों में 12 साल से लगभग 1900 प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। प्लॉट पर तय समय सीमा में निर्माण कार्य न करने पर भारी भरकम एक्सटेंशन फीस अर्थात जुर्माना लगाया जाता है। एक जनवरी 2020 से जो एक्सटेंशन फीस प्लॉट पर लगेगी, वह पहले के मुकाबले 80 प्रतिशत तक कम हो गई है। प्लॉट अलॉट होने के बाद निर्माण नहीं होने पर 12 साल बाद अगले तीन साल के ब्लॉक ईयर पर काफी राहत मिलेगी।
तीसरे साल से लगनी शुरू होती है एक्सटेंशन फीस
पानीपत शहर हाई पोटेंशियल जोन में शामिल हैं। एचएसवीपी प्लॉट अलॉटी को दो साल तक निर्माण कार्य करने की छूट देता है। यदि दो साल तक वह निर्माण कार्य नहीं करता है तो तीसरे साल से एक्सटेंशन फीस लगनी शुरू हो जाती है। फीस के लिए तीन-तीन साल के चार ब्लॉक ईयर बना रखे थे। अब ब्लॉक की संख्या पांच यानि 15 साल तक कर दी है।
हमने अपने प्लॉट और कीमत का ब्योरा मुख्यालय में दे दिया है : रंगा
हमने 1050.88 करोड़ रुपये के प्लॉटों का ब्योरा मुख्यालय में दे दिया है। कितने रिहायशी और कॉमर्शियल प्लॉटों की बोली होगी ये पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द प्लॉटों की बोली भी होगी।
- योगेश रंगा, एस्टेट ऑफिसर एचएसवीपी
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