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पति के लौटाए मेडल अब वापस लाएंगी गंगा देवी

Panipat Updated Sun, 10 Feb 2013 05:31 AM IST
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सोनीपत। संसद पर आतंकी हमले में शहीद हुए दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर नानक चंद के परिजन अफजल गुरु को फांसी दिए जाने से बहुत खुश हैं। शहीद की पत्नी गंगा देवी का कहना है कि अफजल को फांसी देने से देर से ही सही उनके पति की आत्मा को शांति मिली है । 11 साल के लंबे इंतजार के बाद अब उन्हें इंसाफ मिला है। उन्होंने कहा कि अब वे दिल्ली में अपने पति के रखे मेडल वापस लाएंगी। शहीद पत्नी ने अफजल को फंसी न दिए जाने के विरोध में पति नानकचंद को पूरे कार्यकाल के दौरान वीरता के लिए मिले मेडल वापस लौटा दिए थे। उनका कहना था कि जब तक अफजल को फांसी नहीं होगी वे मेडल नहीं लेंगी।
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संसद पर 11 वर्ष पहले हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए इंस्पेक्टर नानक चंद के पैतृक गांव राठधना में शनिवार को अफजल गुरु को फांसी दिए जाने की खबर मिलते ही खुशी छा गई। परिजनों ने इंसाफ के लिए सरकार का आभार जताया। सभी ने कहा कि सरकार ने आतंकी अफजल गुरु को फांसी देकर शहीदों के साथ न्याय किया है।


पिता की प्रेरणा से पुलिस में आए थे नानकचंद
नानकचंद का जन्म 1958 में सोनीपत के राठधना गांव में हुआ था। देश सेवा और पुलिस में भर्ती होने की प्ररेणा उन्हें अपने पिता मांगेराम से मिली थी, जो दिल्ली पुलिस में हवलदार थे। नानकचंद नवंबर 1971 में दिल्ली पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। दिसंबर 2001 में नानकचंद दिल्ली पुलिस में एएसआई थे और संसद की सिक्योरिटी में उनकी तैनाती थी। 13 दिसंबर 2001 को पांच हथियारों से लैस आतंकवादियों ने संसद में घुसकर हमला कर दिया था। आतंकवादियों का सामना करते हुए नानकचंद और उनके छह साथी शहीद हो गए थे। हमले में एक सिक्योरिटी गार्ड सहित पांच पुलिस कर्मी शहीद हुए और वहीं पर काम कर रहा एक माली भी हमले में मौत का ग्रास बना था। इस दौरान 18 अन्य भी घायल हुए थे। जांबाज सुरक्षा जवानों ने एक भी आतंकवादी को अंदर नहीं जाने दिया था और सभी आतंकियों को मार गिराया था।

परिवार को मिली पूरी मदद
शहीद नानकचंद की पत्नी गंगादेवी क ा कहना है कि सरकार ने संसद पर हमले के सभी शहीदों के परिवारों की हरसंभव सहायता की है और पूरा मान-सम्मान दिया। सरकार की तरफ से परिजनों को पेट्रोल पंप अलॉट हुआ था। उन्होंने कहा कि हालांकि किसी व्यक्ति की कमी पूरी नहीं की जा सकती लेकिन संसद पर हमले के मुख्य दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने से उनके दिवंगत पति की आत्मा को शांती मिली है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में दो बेटे व दो बेटियां है जोकि विवाहित हैं।

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