शहर या गांव में मोबाइल टावर लगाना आसान नहीं

Panipat Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
पानीपत। हरियाणा पंचायती राज संचार टावर विनियमन नियम 2012 के तहत अब सभी टावर कंपनियों को शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों में टावर लगाने के लिए उक्त अधिनियम से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करके ही टावर लगाना होगा। यही नहीं गांवों में पहले से लगाए मोबाइल टावरों को भी उक्त अधिनियम के तहत पास कराना होगा।
ये आदेश डीसी मोना श्रीनिवास ने वीरवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक उपस्थित मोबाइल टावर कंपनियों के प्रतिनिधियों को दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की इस अधिनियम की अधिसूचना के अनुसार टावर लगाने के लिए जिला परिषद के सीईओ के पास आवेदन करना होगा। इसके साथ-साथ जिस गांव में टावर लगाया जा रहा है, उसकी पंचायत से भी यह प्रस्ताव पास कराना जरूरी होगा। कंपनी को घर में लगने वाले टावर के लिए उस घर के मालिक से 11 साल का पट्टा या स्वामित्व दस्तावेज और उसके आसपास के घरों से भी यह लिखाना होगा कि इस टावर के लगने से हमें कोई भी समस्या नहीं है। संचार टावर आबादी क्षेत्र के बाहर या विस्तारित आबादी क्षेत्र, गांव के उक्त क्षेत्र से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर लगाए जाएंगे। संचार टावर कम से कम 20 फुट चौड़े पहुंचने लायक मार्ग पर लगाए जाएंगे। भूमि तल से संचार टावर की अधिकतम ऊंचाई 30 मीटर से अधिक नहीं होगी।
इस नियम के लागू हो जाने से पंचायती राज संस्थाओं के संसाधनों में वृद्धि होगी और वे अपने क्षेत्र में अधिक विकास कार्य करा सकेंगे। संचार टावर के लाइसेंस की अवधि एक साल की होगी। पानीपत जिला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने से यह मध्यम पोटेंशियल जोन में आने के कारण यहां 1.5 लाख रुपये और यदि स्थल में हिस्सा किया जाता है तो 75 हजार रुपये प्रति हिस्सा की अतिरिक्त नॉन-रिफंडेबल फीस ली जाएगी।
सक्षम अधिकारी रद कर सकेगा लाइसेंस
जो संचार टावर पहले से ही स्थापित हैं, वे तभी नियमित समझे जाएंगे जब वे उक्त नियमों के तहत सभी शर्तों को पूरा करेंगे। अगर कोई भी मोबाइल कंपनी लाइसेंस फीस और नवीनीकरण फीस देने के बाद भी नियम तोड़ती है तो उसका लाइसेंस रद होगा।
एक माह के अंदर करें आवेदन
डीसी ने कहा कि सभी कंपनियां एक माह में अपना आवेदन जिला परिषद के सीईओ के पास करना होगा। टावर कंपनी को जहां पर टावर लगा है, वहां पर एक वर्किंग बोर्ड पर टावर की फ्रीक्वेंसी और रेडिएशन की जानकारी भी देनी होगी। साथ ही वहां पर एक आदमी की भी तैनाती करनी होगी, जो टावर का तकनीकी रूप से संचालन कर सकें।
शहरी क्षेत्र में एक सप्ताह में करें आवेदन
मोबाइल टावर कंपनी को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र से टावर का निरीक्षण कराकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। उन्होेंने कहा कि शहरी क्षेत्र में लगे टावरों को भी एक सप्ताह के अंदर उक्त अधिनियम के तहत दोबारा आवेदन कर सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होगी। उन्होंने डीडीपीओ सुरेंद्र सिंह को आदेश दिए कि वे संबंधित बीडीपीओ के माध्यम से सभी ग्राम सचिवों से टावरों की कुल संख्या की रिपोर्ट भी लेकर उसे जिला प्रशासन को सौंपी जाए।

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