अंध विद्यालय से तीन बच्चे लापता

Panipat Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
पानीपत। प्रदेश के एकमात्र राजकीय अंध विद्यालय से दो सगे भाइयों सहित तीन विद्यार्थी संदिग्ध हालात में लापता हो गए। स्टाफ और विद्यार्थी पूरा दिन बच्चों को आसपास की कालोनी, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर तलाशते रहे, लेकिन देर रात तक बच्चे वापस नहीं लौटे। जबकि स्कूल मुख्याध्यापक तीनों बच्चों के अपने-अपने घर जाने की बात कह रहे हैं। विद्यार्थियों के लापता होने स्कूल में सुरक्षा की पोल खुल गई है।
माडल टाउन स्थित राजकीय अंध विद्यालय में गैर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही थीं। शनिवार को पेपर देने के बाद पहली कक्षा का 12 वर्षीय बिट्टू निवासी महम, उसका भाई दूसरी कक्षा का 14 वर्षीय प्रवीण और चौथी कक्षा का 12 वर्षीय हिम्मत संदिग्ध हालात में लापता हो गए। स्कूल स्टाफ बच्चों की हाजिरी लेने लगे तो तीनों नहीं मिले। उनको कक्षा और होस्टल में तलाश किया, लेकिन उनको कोई सुराग नहीं लगा। इससे स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई। स्कूल स्टाफ और कुछ विद्यार्थी तीनों को तलाशने के लिए स्कूल से बाहर निकले। विद्यार्थियों और स्टाफ ने तीनों विद्यार्थियों को आसपास की कालोनियों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित अन्य स्थान पर तलाश किया। विद्यार्थियों को शाम तक कोई सुराग नहीं लगा। विद्यार्थियों 12 बजे मुख्य अध्यापक को सूचित किया। आरोप है कि वे सूचना मिलने के ढाई घंटे बाद स्कूल में पहुंचे।
सुरक्षा प्रबंधों की खुली पोल
प्रदेश का एकमात्र राजकीय अंध विद्यालय कितना सुरक्षित है। इसका हिसाब शनिवार को तीन विद्यार्थियों के लापता होने पर लगाया जा सकता है। स्कूल में पूरे प्रदेश के करीब 125 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा की तरफ कोई भी ध्यान नहीं है। विद्यार्थी कई बार मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।
ये है नियम
राजकीय अंध विद्यालय के विद्यार्थी पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन की देखरेख में होते हैं। बच्चों के अभिभावक स्कूल प्रबंधन को सौंप जाते हैं। इसके बाद उनकी सुरक्षा और शिक्षा के प्रबंध की जिम्मेदारी उनकी होती है। स्कूल की छुट्टी के समय उनके अभिभावकों को सूचित किया जाता है। बच्चों के अभिभावक स्कूल में आकर उनको साथ ले जाते हैं।
दिन में नहीं होता चौकीदार
अंध विद्यालय में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। विद्यार्थी स्टाफ और अन्य सुविधाओं को लेकर कई बार हड़ताल कर चुके हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में दिन के समय गेट पर कोई चौकीदार नहीं होता। रात को एक चौकीदार आता है। वह भी गेट पर तैनात रहता है।
वर्जन
शनिवार को मैं छुट्टी पर था। स्कूल के गेट पर चौकीदार नहीं होता, लेकिन एक कर्मचारी को तैनात किया जाता है। तीनों बच्चे दीवार फांदकर गए हैं। स्कूल के अन्य बच्चों ने इसके बारे में बताया है। सूचना मिलने के बाद वे स्कूल पहुंचे थे। उनके परिजनों को इस बारे में अवगत करा दिया था। तीनों बच्चे अपने अपने घर गए हुए हैं।
महिपाल तोमर, मुख्याध्यापक, राजकीय अंध विद्यालय पानीपत

Spotlight

Most Read

National

तीन करोड़ वाले टेबल के चक्कर में फंसा AIIMS, प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत

आरोप है कि निविदा में दी गई शर्तों को केवल यूके की कंपनी ही पूरा कर सकती है। इस कंपनी ने टेबल की कीमत तीन करोड़ रुपये तय की है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

पानीपत में मेयर के भाई का अपहरण! एक किडनैपर दबोचा गया

पानीपत में मेयर सुरेश वर्मा के छोटे भाई नरेश को अगवा कर लिया गया। किडनैपर्स ने नरेश को यूपी में ले जाने की कोशिश की पर नाकेबंदी की वजह से नरेश को बबैल रोड पर ही छोड़कर भाग निकले।

10 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper