प्राध्यापक धरने पर, कक्षाएं प्रभावित

Panipat Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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पानीपत। एडिड कालेजों के शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया और डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों के धरने से एडिड कालेजों में पूरा दिन कक्षाएं प्रभावित रहीं। कुछ विद्यार्थी कालेज छुट्टी के समय से पहले ही अपने घर निकल गए। शिक्षकों की 25 अगस्त को राज्य स्तर के एक दिवसीय अनशन पर बैठने के फैसले से पढ़ाई की चिंता बढ़ गई है।
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हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी और कालेज टीचर आर्गनाइजेशन और हरियाणा कालेज टीचर एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के तीनों एडिड कालेजों में प्राध्यापकों ने सोमवार को एक दिन का सांकेतिक धरना दिया और सरकार से मांगे लागू करने की मांग की। कालेज शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने 21 जुलाई 2011 को सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन को लागू करने की मांग को लेकर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। जिसका नेतृत्व यूनियन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और केयूके कार्यकारिणी परिषद के सदस्य डा. आरपी सैनी ने किया। इस मौके पर राकेश सिंगला प्रधान, नरेश सैनी, नीरज ठाकुर, पीके निरुला मौजूद रहे।
10 से डेढ़ बजे तक धरना
तीनों कालेजों के शिक्षकों ने सोमवार को यूनिट (कालेज स्तर) पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। कालेज शिक्षकों ने खाली पीरियड में धरने को समर्थन दिया। कालेज शिक्षकों के धरने पर बैठने का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ा। कालेजों में विद्यार्थी अपनी पूरी कक्षाएं नहीं लगा पाए। कुछ विद्यार्थी पहले ही कालेज छोड़कर घर चले गए। हालांकि कालेज शिक्षक एसोसिएशन व प्राचार्य कालेजों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देने का दावा कर रहे हैं।
एसडी पीजी कालेज की स्थिति
एसडी पीजी कालेज में सोमवार को शिक्षक प्रात: 10 बजे धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने खाली पीरियड में धरने को समर्थन दिया। पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष डा. आरपी सैनी और यूनिट प्रधान राकेश सिंगला ने कहा कि सरकार कालेज शिक्षकों की समस्याओं को जानती है, लेकिन समाधान नहीं करती। सरकार की अनदेखी से शिक्षकों को परेशानी हो रही है। इस मौके पर एसएन शर्मा, रविकांत, आईसी गोयल, बालकिशन शर्मा, सुरेंद्र सिंह, प्रवीण खेरड़े, नवीन गोयल, उषा कुच्छल, सरिता दलाल, इंदु बाला, भारती गुप्ता, मोनिका खुराना, कुसुम लता, हरविंद्र कौर और गीता परुथी मौजूद रहे।
आईबी कालेज में किया रोष व्यक्त
आईबी पीजी कालेज में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। यूनिट प्रधान पीके नरुला और महासचिव डा. रामेश्वर दास ने सरकार यूजीसी की सिफारिश लागू नहीं कर रही। इससे कालेज शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके डीके सिंघल, डा. प्राणनाथ, मधु शर्मा, रेणू शर्मा, वीके गुप्ता, सुनीत शर्मा, विनय वाधवा, किरण मदान, पूनम और आशा अग्रवाल मौजूद रहे।
आर्य पीजी कालेज दिया धरना
आर्य पीजी कालेज में शिक्षकों ने मांगाें के समर्थन में सांकेतिक धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधान नरेश सैनी और पूर्व प्रधान नीरज ठाकुर ने कहा कि सरकार कालेज शिक्षकों की मांगों को लागू करने को लेकर गंभीर नहीं है। जिससे शिक्षकों में रोष बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर रानी रजनी, मधु गाबा, मीनल बतरा, शिखा गर्ग, सुदेश रानी, डा. सतवीर शर्मा, डा. रामनिवास, डा. बीबी शर्मा, डा. अरुण शर्मा, संदीप गुप्ता, शिवनारायण और सुश्रुत मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्राध्यापक सेवानिवृत्ति की आयु केंद्रीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर 65 साल होनी चाहिए।
पीएचडी और एमफिल करने वालों को इंक्रीमेंट मिलनी चाहिए, लेकिन सरकार नहीं दे रही।
2006 के बाद शिक्षकों की पेंशन पुराने कर्मचारियों की तर्ज पर दी जानी चाहिए। 2006 के बाद शिक्षकों पीएफ सेविंग खाते में पड़ा है। सरकार का अंश नहीं डाला गया।
अकादमिक प्रोग्रेस इंडेक्स (एपीआई) सिस्टम तीनों यूनिवर्सिटी में बनाया जाना है। विश्वविद्यालय द्वारा इसे लागू नहीं किया गया।
कालेज टीचर को छठे वेतन आयोग के फोर्थ बैंड को नहीं दिया गया।
एडिड कालेज में शिक्षकों की बंद भरती खोली जाएं।
महिला शिक्षकों की चाइल्ड केयर छुट्टियां लागू की जाए, जबकि ये छुट्टियां अन्य विभागों में लागू है।
यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने जाने वाले शिक्षक को छुट्टियां दी जाए और उन पर लगाई सभी शर्तों को खत्म किया जाए।
सरकार 21 जुलाई 2011 के नोटिफिकेशन को पूरी तरह से लागू करें।
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