विज्ञापन

गंगा दशहरा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक

Rohtak Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पानीपत/सनौली। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के दशहरा पर गंगा और यमुुना में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने अपनी कामना मांगी। स्नान के लिए गंगा और यमुना के घाटों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
रविवारी गंगा दशहरा होने के कारण सुबह से ही लोग हरिद्वार और यमुना की तरफ जाने लगे। सनौली और समालखा के गांवों में स्थित यमुना के घाटों पर भीड़ लग गई। यमुना में पर्याप्त पानी न होने पर भी श्रद्धालुुओं ने डुबकी लगाई। मान्यता है कि महाराजा सागर ने विश्व विजय की कामना से अश्वमेध यज्ञ किया। यज्ञ के घोड़े की रक्षा के लिए राजा सागर के साठ हजार पुत्र घोड़े के साथ थे। इंद्र देव किसी भी तरह इस कार्य में विघ्न डालना चाहता था। उन्होेंने यज्ञ के घोड़े को तपस्यारत कपिल मुनि के आश्रम में छिपा दिया। सागर के पुत्रों ने समझा की कपिल मुनि ने घोड़े को बंदी बनाकर उनको चुनौती दी है। फलस्वरूप उन्होंने कपिल मुनि की तपस्या भंग कर दी। कपिल मुनि ने क्रोध में आकर सागर के सभी पुत्रों को भस्म कर दिया। इन सभी मृत आत्माओं की मुक्ति के लिए किसी पवित्र नदी की आवश्यकता थी। उस समय अगस्त ऋषि ने सभी तरह के जल को सोख लिया था। सागर, अंशुमान और दिलीप ने मां गंगा को धरती पर लाने के लिए घोर तप किए, लेकिन असफल रहे। भगीरथ की तपस्या से गंगा जी का अवतरण धरती में हुआ। इससे उनके पुरखों को मोक्ष प्राप्त हुआ।
श्रद्धालुओं ने गंगा पूजन कर मंत्रों का किया उच्चारण
गंगा दशहरा के दिन श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान कर गंगा और यमुना के मंत्रों का पाठ किया। स्नान के समय दस दीपों का दान भी किया गया। मंत्र उच्चारण करते हुए यमुना नदी में पुष्प अर्पित किए। स्नान के बाद जौ और तिल सोलह मुठ्ठी लेकर तर्पण किया गया। गंगा दशहरा को पितरों को मोक्ष और वंशवृद्धि के लिए अति उत्तम माना गया है।
गंगा दशहरा का महत्व
गीता मंदिर के पंडित विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि गंगा दशहरा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों से एक है। ज्येष्ठ शुक्ला दशमी को दशहरा कहते हैं। इस दिन स्नान, दान रूपात्मक व्रत रखा जाता है। इसके बारे में स्कंदपुराण में लिखा हुआ है कि ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है। इसमें स्नान और दान तो विशेष करके करें। किसी भी नदी पर जाकर स्नान आदि करने के बाद पूजा अवश्य करे। वराह पुराण में लिखा हुआ है कि, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी बुधवारी में हस्त नक्षत्र में श्रेष्ठ नदी स्वर्ग से अवतीर्ण हुई थी वह दस पापों को नष्ट करती हैं। इस कारण उस तिथि को दशहरा कहते हैं। ज्येष्ठ मास, शुक्ल पक्ष, बुधवार, हस्त नक्षत्र, गर, आनंद, व्यतिपात, कन्या का चंद्र, वृषभ के सूर्य इन दस योगों में मनुष्य स्नान करके सब पापों से छूट जाता है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

खुलासाः लोकसभा चुनाव 2019 जीतने के लिए बीजेपी खेल सकती है बड़ा दांव शुरू हुई तैयारी

लोकसभा चुनाव 2019 जीतने के लिए बीजेपी की रणनीति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बीजेपी इस बार एक ऐसा दांव खेल सकती है, जिससे विरोधियों को नुकसान होगा।

25 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

पानीपत: ड्यूटी के दौरान ताश खेल रहे थे दो पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल

हरियाणा के पानीपत से पुलिसकर्मियों का ड्यूटी के दौरान ताश खेलने का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि हरियाणा पुलिस के ASI जयपाल और हवलदार संदीप वर्दी में लोगों के साथ ताश खेल रहे हैं।

20 मार्च 2018

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree