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सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
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राजस्थान की तरह किसानों का कर्जा माफ करेगी कांग्रेस, सैलजा और हुड्डा ने दिया आश्वासन

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष सैलजा ने कहा कि देश में इस समय भयंकर मंदी में है और सरकार कॉरपोरेट घरानों को रियायत देने में जुटी है।

22 सितंबर 2019

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पंचकूला

रविवार, 22 सितंबर 2019

ऑल इंडिया फुटबाल टूर्नामेंट, देश भर से 18 टीमों दमखम दिखाने पहुंचेंगी चंडीगढ़, देखने आएं मैच

एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर कप ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट 22 से 30 सितंबर तक सिटी में खेला जाएगा। इसके मुकाबले सेक्टर 7 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर 46 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सेक्टर 42 स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खेले जाएंगे। यूटी खेल विभाग इस बार अंडर 14 आयु वर्ग के लिए इस टूर्नामेंट को कराने जा रहा है। टूर्नामेंट ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के नियमाें के मुताबिक खेला जाएगा।

टूर्नामेंट संबंधी एक प्रेसवार्ता को आयोजन शुक्रवार को सुखना लेक स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में किया गया। इसमें यूटी खेल विभाग के डायरेक्टर स्पोर्ट्स तेजदीप सिंह सैनी पहुंचे। तेजदीप सिंह ने बताया कि ग्रास रूट से फुटबॉल खिलाड़ियाें को उभारने के लिए यूटी प्रशासन का खेल विभाग लगा है। इसी के अंतर्गत अंडर 14 आयु वर्ग के लिए यह टूर्नामेंट कराया जा रहा है। टूर्नामेंट में 36 मुकाबले खेले जाएंगे। टूर्नामेंट में देश से 18 फुटबॉल टीमें शिरकत कर रही हैं।

लाखों में मिलेगी इनामी की राशि
एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर कप ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट का 22 सितंबर से स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सेक्टर 7 में आगाज होगा। 30 सितंबर को समापन समारोह में यूटी के प्रशासक और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर मुख्य मेहमान होंगे। वे विजेता और उपविजेता खिलाड़ियाें को इनामी राशि देकर सम्मानित करेंगे। इस वर्ष विजेता टीम को 2 लाख, उपविजेता टीम को 1 लाख, तीसरे स्थान की टीम को 75 हजार रुपये की इनामी राशि दी जाएगी।

डॉक्टराें का पैनल करेगा जांच
टूर्नामेंट में ओवरएज की समस्या से निपटने के लिए यूटी के खेल विभाग ने कमर कसी है। टूर्नामेंट में खिलाड़ियाें की उम्र को जांचने के लिए डॉक्टरों के पैनल की मदद ली जाएगी।

ये टीमें लेंगी हिस्सा
एडमिनिस्ट्रेटर फुटबॉल टूर्नामेंट में चंडीगढ़ की दो टीमें चंडीगढ़ फुटबॉल अकादमी और चंडीगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन हिस्सा ले रहीं हैं। इसके अलावा टूनामेंट में फुटबॉल कोचिंग सेंटर आसाम, कुलजीत फुटबॉल अकादमी अमृतसर, सुखदेव अकादमी दिल्ली, फुटबॉल क्लब तेलंगाना, यूनाइटेड पंजाब फुटबॉल क्लब पठानकोट, बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल दिल्ली, फुटबॉल अकादमी मणिपुर, फुटबॉल अकादमी गुजरात, फुटबॉल क्लब अहमदाबाद, दिल्ली सॉकर एसोसिएशन, यूथ एसोसिएशन मणिपुर, स्पोर्ट्स अकादमी मणिपुर, साउथहॉल फुटबॉल अकादमी पंजाब, फुटबॉल क्लब चेन्नई, वेस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब, फुटबॉल स्कूल मुंबई की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
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पीजीआई चंडीगढ़ में रात के वक्त खुद से चलती व्हीलचेयर का वीडियो वायरल, 45 सेकेंड का है

पीजीआई के नवनिर्मित 334 बेड के हॉस्पिटल के गेट के सामने खुद से चलती व्हीलचेयर के एक वीडियो ने होश उड़ा दिए हैं। जिसने भी यह वीडियो देखा है, वह एक बार सोचने पर जरूर मजबूर हो गया है आखिर बिना किसी बल के वह व्हीलचेयर आगे कैसे बढ़ी। यह वीडियो एक दो दिन पुराना है।

वीडियो के मुताबिक, रात में गेट के साइड पर एक व्हीलचेयर है, जो खुद से आगे बढ़ती है और गेट के सामने से गुजर कर आगे निकल जाती है। उस दौरान सिक्योरिटी गार्ड गेट से बाहर निकलता है, जो यह देखकर दंग रह जाता है। वीडियो को देखकर एक बार लगा कि कहीं किसी ने शरारत तो नहीं की है या फिर कोई ऑटोमैटिक व्हीलचेयर तो नहीं थी।

पीजीआई के सिक्योरिटी ऑफिसर ने दोनों ही एंगल से जांच की, मगर कुछ भी नहीं मिला है। कुछ सिक्योरिटी अफसर का कहना है कि दो दिन पहले तेज हवाएं चली थीं। संभव है कि उससे व्हील चेयर आगे बढ़ी हो। अब सवाल यह है कि उसके आसपास भी व्हीलचेयर है, लेकिन वह आगे क्यों नहीं बढ़ी।

फिलहाल, शुक्रवार को यह वीडियो चंडीगढ़ के व्हाट्सऐप पर वायरल रहा और चर्चा का विषय बना रहा। कुछ साल पहले भी इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़ा स्ट्रेचर खुद से चल पड़ा था। काफी दूर तक वह चलता रहा और अपने ही मूव होता रहा। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
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ये कैसी व्यवस्थाः युवक हैरान...कोर्ट पहुंचा तो पता चला 189 बार पहले भी कट चुका है चालान

चंडीगढ़ सेक्टर 39 निवासी संजीव का 26 जुलाई को यू टर्न का चालान कटा था। शुक्रवार को उसका चालान अदालत पहुंचा। जब उस वाहन नंबर की जांच की तो पता चला कि उस नंबर की बाइक का 189 बार पहले चालान कट चुका है। ये सभी चालान पेंडिंग पड़े हैं। इस बारे में जब बाइक मालिक संजीव को पता चला तो उसके होश उड़ गए।

वह खुद हैरान था कि उसे इस बारे में क्यों नहीं पता चला। जांच में यह भी पता चला है कि ये सारे चालान सीसीटीवी कैमरे में कैद ट्रैफिक नियम वायलेशन करने पर काटे गए हैं। संजीव सेक्टर 34 में एक इश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं और उन्होंने डेढ़ साल पहले सेकेंड हैंड बाइक खरीदी थी। ये सभी चालान 2017 से लेकर जुलाई 2019 के बीच काटे गए हैं।

इस बारे में जब ट्रैफिक पुलिस से बात की गई तो उनका कहना था कि यह असंभव है। यदि किसी का इतनी बार चालान कटता है तो उसकी जानकारी हमारे पास होती है। ट्रैफिक पुलिस के पास जो रिकार्ड है, उसके मुताबिक एक दूध वाले का 35 बार से ज्यादा चालान कट चुका है। उससे ज्यादा किसी भी दूसरे व्यक्ति का चालान नहीं कटा है।

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जब भी किसी का सीसीटीवी के तहत ट्रैफिक नियमों के वायलेशन का चालान कटता है तो उसे मैसेज भेजकर उसकी जानकारी दी जाती है। जब रिस्पांस नहीं मिलता है तो उसे नोटिस भेजा जाता है। इतने में अधिकतर लोग आ ही जाते हैं।

ट्रैफिक पुलिस का यह भी कहना है कि आनलाइन चालान काटने की व्यवस्था साल 2018 से लागू हुई है, जबकि बाइक के चालान साल 2017 से पेंडिंग हैं। ऐसे में कोई न कोई तकनीक खामी जरूर है। संजीव अब सोमवार को चालान भरने जाएंगे, तभी इस संबंध में खुलासा हो सकेगा।

दूध वाले के नाम सबसे ज्यादा चालान
ट्र्रैफिक पुलिस के पास अब तक जिस शख्स के नाम सबसे ज्यादा चालान हैं, वह एक दूध वाला है। उसके अब तक 35 से ज्यादा चालान कट चुके हैं। सभी चालान हेलमेट नहीं पहनने पर काटे गए हैं। इतने चालान कटने के बावजूद वह हेलमेट नहीं पहनता था। बाद में ट्रैफिक पुलिस ने उसकी काउंसलिंग की, तब जाकर दूध वाला हेलमेट पहनने के लिए तैयार हुआ।
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संजय टंडन UTCA के दोबारा बने प्रधान

चंडीगढ़। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को यूटी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) का सर्वसम्मति से दोबारा अध्यक्ष चुना गया है। लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू किए जाने की दिशा में बीसीसीआई के निर्देश पर देश भर के राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव करवाए जा रहे हैं। दो महीने पूर्व बीसीसीआई से मान्यता हासिल करने वाले यूटीसीए के चुनाव करवाए गए। इस मान्यता के बाद यूटीसीए ने चुनाव करवाकर नए सिरे से नई कार्यकारिणी का गठन किया है। संजय टंडन को 2016 में पहली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना गया था। पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल कुमार चुनाव पर्यवेक्षक रहे।
संजय टंडन के अलावा देश दीपक खन्ना को सचिव, देविंदर शर्मा को कोषाध्यक्ष, हरि सिंह खुराना को उपाध्यक्ष और युवराज महाजन को संयुक्त सचिव पद के लिए निर्विरोध चुना गया। वहीं, विभा-रे को एपेक्स मेंबर के तौर पर चुना गया है। चुनाव प्रक्रिया क्रिकेट स्टेडियम सेक्टर-16 की बजाय एक निजी होटल में 60 सदस्यों की मौजूदगी में पूरी की गई। इस मौके पर हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले युवराज सिंह के अलावा पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज चेतन शर्मा और वीआरवी सिंह भी मौजूद रहे।
यूटीसीए के दूसरे गुट ने लगाए आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और यूटीसीए के अध्यक्ष रहे प्रदीप छाबड़ा की अगुवाई वाले यूटीसीए के दूसरे गुट ने इस चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भाई-भतीजावाद से ग्रस्त होने के आरोप लगाए। उन्होंने चुनाव से पहले तक बीसीसीआई सीईओ को चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर इस पर रोक लगाने की मांग की थी। इन्होंने चुनाव प्रक्रिया, एसोसिएशन के साथ जुड़े सदस्यों के नामों की सूची और उनकी उम्र तक पर सवाल उठाए।
विजय हजारे ट्राफी के लिए टीम का चयन
यूटीसीए ने प्रधान पद के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के साथ विजय हजारे ट्राफी के लिए टीम का चयन किया है। टीम की कमान मनन वोहरा को सौंपी गई है। टीम अपने सभी मैच देहरादून में खेलेगी। पहला मैच उसका उत्तराखंड के साथ होगा। इसके बाद 28 सितंबर को मेघालय, 30 सितंबर को असम, 3 अक्तूबर को नागालैंड, 7 अक्तूबर को अरुणाचल प्रदेश, 10 अक्तूबर को मणिपुर, 12 अक्तूबर को सिक्किम, 14 अक्तूबर को पुड्डूचेरी से खेलेगी। यूटीसीए टीम के अन्य खिलाड़ियाें में विपुल शर्मा, अर्जुन आजाद, शिवम ज़ांबरी, उदय कौल, प्रीतकमल, गुरिंदर सिंह, अर्पित पन्नू, बरिंदर संरा, एस निरमोही, अनिरुद्ध, जसकरन बुट्टर, गौरव पूरी, अंकित कौशिक और जसकरन सोही। टीम में स्टैंड बाई खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। इनमें कुणाल महाजन को मध्यक्रम, अमित पराशर को सलामी बल्लेबाज, मनदीप सिंह को तेज गेंदबाज, गौरव को ऑफ स्पिनर, गुरकीरत वालिया को मध्यक्रम और करनवीर को लेग स्पिनर को तौर पर जगह दी गई है।
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साइकिल से जाने पर आज मिलेगा डिस्काउंट

वीआइपी नंबर के लिए चंडीगढिय़ों का क्रेज, 16 लाख में बिका 0009

चंडीगढ़। शहर में जहां लोगों को एक से बढ़कर एक लग्जरी गाड़ियां रखने का शौक है। वहीं, फैंसी नंबरों का क्रेज भी काफी ज्यादा है। चंडीगढ़ प्रशासन के रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) ने वीआईपी नंबरों की बोली से मोटी कमाई की है। आरएलए को शुक्रवार को एक ही दिन में 87 लाख 71 हजार रुपये की कमाई हुई है। ऑक्शन में 0009 नंबर 16 लाख 3 हजार में बिका तो 0001 के लिए बोली महज एक लाख रुपये तक ही लगी।
शनिवार को सीएच01-वीवाई सीरीज के फैंसी नंबरों की ई-ऑक्शन की गई। 12 सितंबर से ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और शनिवार को बोली लगाने का अंतिम दिन था। ऐसा पहली बार हुआ जब 0001 के प्रति ज्यादातर लोगों ने रुचि नहीं दिखाई, इसलिए बेस प्राइज 50 हजार होने के बाद भी यह बोली एक लाख तक ही पहुंच पाई। ऑक्शन में कुल 286 बोलीदाताओं ने भाग लिया, जिससे विभाग को 87.71 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। ऑक्शन में 0009 को दिल्ली बहादुर बसनेत कंपनी ने उच्चतम बोली लगाकर अपने नाम किया है, वहीं 0001 के लिए प्रीत मशीन्स लिमिटेड ने सबसे अधिक बोली लगाई। 0007 फैंसी नंबर के लिए दूसरी सबसे ऊंची बोली लगाई गई। 0007 नंबर 5,25,000 रुपये में पुष्पिंदर सिंह ने खरीदा। तीसरी सबसे ऊंची बोली 0005 फैंसी नंबर के लिए लगाई गई। यह नंबर 3,89,000 रुपये में जुबली जॉय होम्स एलएलपी फर्म ने खरीदा। इस संबंध में आरएलए के एक अधिकारी ने बताया कि फैंसी नंबरों के लिए इस बार उन्हें अच्छा रिस्पांस मिला है, इसलिए अब बाकी बचे नंबरों की भी जल्द ही ऑक्शन रखेंगे। उन्होंने कहा कि अन्य सीरीज के बाकी बचे नंबरों को भी साथ में ही ऑक्शन में रखा जाएगा, ताकि अधिकतम लोग ऑक्शन में भाग लेकर अपना पसंदीदा नंबर प्राप्त कर सकें।
चंडीगढ़ में रहने वालों ने ही बोली में लिया हिस्सा
इस सीरीज के नंबरों की लिए 12 सिंतंबर से रजिस्टरेशन शुरू हुई थी, जो 18 सिंतबर तक चली थी। इसके बार ही वीरवार से नंबरों के लिए बोली लगनी शुरू हुई थी। शनिवार को पसंदीदा नंबरों के लिए ई-ऑक्शन में सबसे ऊंची बोली लगाने का अंतिम दिन था। आरएलए की इस ऑक्शन में सिर्फ वही लोग भाग ले सकते हैं, जिन्होंने अपना वाहन चंडीगढ़ पते पर खरीदा हो। दूसरे राज्यों के एड्रेस पर वाहन खरीदने वाले लोग इस ऑक्शन में भाग नहीं ले सकते हैं और ये विभाग पहले ही क्लीयर कर चुका है। ऑक्शन में भाग लेने के लिए ट्रांसपोर्ट की वेबसाइट पर जाकर पर अपने आप को रजिस्टर्ड करना होता है और आरएलए आफिस में फीस जमा करवानी होती है।
नंबर कीमत
0001 1 लाख
0002 2 लाख 2 हजार
0003 2 लाख 4 हजार
0004 2 लाख 17 हजार
0005 3 लाख 89 हजार
0006 1 लाख 10 हजार
0007 5 लाख 25 हजार
0008 1 लाख 10 हजार
0009 16 लाख 3 हजार
0010 3 लाख 55 हजार
0786 1 लाख 80 हजार
1111 1 लाख 17 हजार
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बिग बाजार ने फिर लिए केरीबैग के 18 रुपये, अब देने होंगे 11 हजार 500 रुपये

चंडीगढ़। कैरी बैग का अतिरिक्त चार्ज करने पर उपभोक्ता फोरम की ओर से सुनाए जा रहे आदेश के बावजूद कई कंपनियां बाज नहीं आ रही हैं। ऐसे ही एक मामले में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित बिग बाजार को कैरीबैग के लिए चार्ज करना महंगा पड़ गया है।
फोरम ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी के देश भर में कई स्टोर होंगे, जिससे वह काफी पैसे भी कमाते होंगे। इस तरह भोले-भाले लोगों को कैरीबैग के लिए अलग से पे करने पर मजबूर करना सेवा में कोताही है, क्योंकि शिकायतकर्ता के लिए अपने हाथों में नई चीजें लेकर जाना काफी अजीब लगेगा। उपभोक्ता फोरम ने निर्देश दिए हैं कि वह शिकायतकर्ता को कैरीबैग के लिए चार्ज 18 रुपये रिफंड करे। मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए शिकायतकर्ता को एक हजार रुपये मुआवजा और 500 रुपये मुकदमा खर्च भी देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सेक्रेटरी, माननीय राज्य आयोग यूटी चंडीगढ़ के कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में 10 हजार रुपये जमा करवाने के भी निर्देश दिए हैं।
यह है मामला
सेक्टर-34 चंडीगढ़ निवासी भारत डावर ने फोरम में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के बिग बाजार के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने स्टोर से कुछ चीजें खरीदीं। काउंटर पर कैशियर ने उन्हें बताया कि क्लॉथ कैरीबैग के लिए अलग से 18 रुपये चार्ज किए जाएंगे। शिकायतकर्ता ने इसका विरोध भी किया, क्योंकि स्टोर पर कहीं भी ये लिखा हुआ नहीं था कि कैरीबैग के लिए अलग से चार्ज किया जाएगा। शिकायतकर्ता ने स्टोर पर सेवा में कोताही का आरोप लगाते हुए फोरम में शिकायत दी। दूसरे पक्ष ने फोरम में अपना जवाब दायर करते हुए कहा कि सेवा में कोई कोताही नहीं बरती। हालांकि, अपना जवाब दायर करने के लिए दूसरे पक्ष से कोई पेश नहीं हुआ, जिसके चलते केस को एक्सपार्टी (एकतरफा) करार दिया गया।
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निगम से पहले ही एनजीटी के पास चले गये जेपी प्लांट के अफसर

चंडीगढ़। नगर निगम जेपी प्लांट के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में जाने की सोच रहा है जबकि जेपी प्लांट के अफसर निगम के खिलाफ एनजीटी चले गए हैं। जेपी के अफसरों का आरोप है कि एनजीटी के निर्देश के बावजूद नगर निगम गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके नहीं दे रहा। इससे कचरा प्रोसेस करने में काफी समस्या हो रही है। इस मामले में एनजीटी की ओर से निगम को एक माह में जवाब देने के लिए कहा गया है।
नगर निगम कमिश्नर केके यादव के निर्देश पर पूरे शहर का लगभग साढ़े तीन सौ टन कचरा जेपी प्लांट को दिया जा रहा है। कमिश्नर का कहना है 30 सितंबर तक एनजीटी की ओर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करके देने के लिए कहा गया था, जिसे पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जेपी प्लांट जो कि डंपिंग ग्राउंड पर कचरा फेंक रहा है, वह गलत है। कॉन्ट्रेक्ट के अनुसार, पूरा कचरा जेपी प्लांट को लेना होगा इसलिए यह जेपी प्लांट की समस्या है कि कचरा कैसे प्रोसेस करेगा, लेकिन अब डंपिंग ग्राउंड में कचरा नहीं डाला जाएगा। हालांकि नगर निगम भी जेपी प्लांट के खिलाफ एनजीटी में जाने की तैयारी में है। कमिश्नर का कहना है कि जेपी प्लांट अभी भी पूरी तरह से न कचरा प्रोसेस नहीं कर रहा है। क्योंकि प्लांट के अंदर कचरे के ढेर लगे हैं। कुछ दिन पूर्व कचरा दीवार तोड़कर फोरेस्ट एरिया में गिर गया है। इससे भी काफी समस्या हो रही है इसलिए कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सूखा व गीला अलग-अलग कर के दिया जाए।
10 गांवों में गीला व सूखा कचरा अलग अलग ले रहे
नगर निगम के सब डिवीजनल इंजीनियर अमित शर्मा ने बताया कि अब तक नगर निगम में शामिल 13 गावों में से 10 गांवों में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग ले रहा है। जल्द ही तीन अन्य गावों में भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी। उसके बाद शहर के प्रमुख मार्केट जैसे सेक्टर 22, 17, 15, 23, 10, 11 में भी यह व्यवस्था लागू कर देंगे। बताया कि स्वच्छता अभियान में इसके भी नंबर होते हैं।
एनजीटी ने बनाई सात सदस्यीय टीम, एक माह में देनी होगी रिपोर्ट
जेपी प्लांट ने जैसे ही एनजीटी में नगर निगम से आ रही समस्याओं के बारे में बताया तो एनजीटी ने सात लोगों की एक टीम बनाई है, जिसमें पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं। टीम प्लांट पर आने वाले कचरे की जांच करेगी। उसके बाद एक माह में एनजीटी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद एनजीटी मामले में आगे कोई निर्णय लेगी।
सेग्रीगेट कचरा दें तो 500 नहीं 600 टन कचरा प्रोसेस कर दें : जेपी
जेपी कंपनी के सीनियर मैनेजर एनके बोहरा ने बताया कि निगम को कई बार कहने के बावजूद गीला और सूखा कचरा अलग नहीं मिल रहा। कुछ दिन पहले किसी उखड़ी हुई सड़क का सॉलिड वेस्ट प्लांट में आ गया। इससे मशीन में कचरे को काटने वाले 12 दांत टूट गए। एक दांत 2 लाख रुपये का आता है और जर्मनी से मंगवाया जाता है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। वहीं हार्टिकल्चर वेस्ट भी निगम हमें दे रहा है। यदि नगर निगम हमें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग दे तो हम 500 नहीं 600 टन कचरा प्रतिदिन प्रोसेस करना शुरू कर दें।
कोट
नगर निगम चाहता है कि हम प्रतिदिन 500 टन कचरा प्रोसेस करें। यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग नहीं मिलेगा तो यह संभव नहीं क्योंकि दुनिया में कोई ऐसी मशीन नहीं जो मिक्स कचरा प्रोसेस कर सके।
-एनके वोहरा, सीनियर मैनेजर, जेपी प्लांट
एनजीटी की ओर से एक माह में जवाब देने को कहा गया है। हम तैयार हैं। ज्यादातर गांवों से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लेने लगे हैं। जल्द शहर के अन्य क्षेत्रों से भी लेने लगेंगे। रही बात कचरा देने की तो कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार प्लांट को इतना कचरा लेना ही है।
-केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
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आठ दिन पहले दुकान पर काम करने आए युवक को मारी गोली

चंडीगढ़। सेक्टर 28 सी में शनिवार शाम पत्नी से अफेयर के शक में एक युवक ने दुकान पर ड्राइवरी का काम करने वाले कर्मचारी को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपनी दुकानों के अंदर दौड़ पड़े। वहीं, गोली मारने के बाद आरोपी युवक भी मौके से भाग निकला। दुकानदारों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को पीजीआई पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल की पहचान दड़वा में गली नंबर एक निवासी पप्पू (30) के रूप में हुई है। दुकानदार के अनुसार पप्पू आठ दिन पहले ही दुकान पर काम करने आया था। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम, ऑपरेशन सेल की टीम, ईस्ट डिवीजन डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सेक्टर 26 थाने की पुलिस ने दड़वा निवासी आरोपी प्रवेश के खिलाफ आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
सेक्टर 28 सी में प्रतिदिन की तरह ही दुकानदार अपनी दुकान में बैठे थे। शाम केसमय लोग घरों से खरीदारी करने पहुंच रहे थे। मार्केट में अच्छी खासी चहल पहल थी। एससीओ नंबर 38 में हरप्रीत सिंह की ऑटो पार्ट्स की दुकान है। हरप्रीत सिंह अपने कर्मचारियों के साथ दुकान में अंदर थे। शाम सात बजकर 28 मिनट पर अचानक बाहर से गोली चलने की आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो दुकान में ड्राइवर का काम करने वाला पप्पू जमीन पर लहूलुहान पड़ा था। देखा कि पप्पू को गोली लगी है। आसपास के दुकानदार पहले तो डर के कारण अंदर छिप गए, लेकिन गोली मारने वाला आरोपी जैसे ही मौके से भागा तो लोग भी इकट्ठे हो गए। दुकानदार ने तत्काल पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। दुकानदार हरप्रीत सिंह ने बताया कि घायल युवक ने अपना नाम पप्पू ही बताया था और कहा था कि दड़वा में परिवार के साथ रहता है। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि दड़वा में ही रहने वाले प्रवेश की पत्नी सुषमा से पप्पू का अफेयर था। इसको लेकर प्रवेश काफी रंजिश भी रखता था। मौका देखकर उसने पप्पू को गोली मार दी। पुलिस सुषमा, प्रवेश और उसके भाई कालू की तलाश कर रही है।
दो साल पहले सुषमा ने ही पप्पू के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत
सूत्रों के अनुसार पुलिस को प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दो साल पहले सेक्टर 31 थाने में सुषमा ने पप्पू के खिलाफ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। उसके बाद पप्पू जमानत पर चल रहा था। सुषमा का पति प्रवेश और उसका भाई कालू दोनों पप्पू से काफी रंजिश रखते थे। कई बार दोनों की पप्पू से बहस भी हो चुकी थी। प्रवेश को शक था कि सुषमा का पप्पू से अफेयर है। इससे तंग आकर उसने मौका देखा और पप्पू को गोली मार दी। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह तीनों दड़वा में ही रहते हैं। पुलिस तीनों की तलाश में जगह जगह छापेमारी कर रही है।
सीसीटीवी कैमरे कैद हुई प्रवेश की तस्वीर
ऑटो पार्ट्स की दुकान के बगल से ही जनरल स्टोर की दुकान है। इसमें सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ। घटना के बाद दुकानदार ने सीसीटीवी कैमरा देखा तो आरोपी की तस्वीर साफ नजर आ गई। उसके बाद पुलिस ने भी फुटेज देखी है। इसमें पुलिस को भी प्रवेश का चेहरा नजर आ रहा है। आरोपी अपने बगल में तमंचा छिपाए हुए था। जैसे ही वह पप्पू के बगल से पहुंचा तो सटाकर गोली चला दी और मौके से भाग निकला। पुलिस ने दुकान से सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है।
काम मांगने आया था तो रख लिया, नहीं कराया वेरिफिकेशन
दुकानदार हरप्रीत सिंह ने बताया पप्पू आठ दिन पहले दुकान पर काम मांगने आया था। ऑटो पार्ट्स शहर में अलग-अलग जगह भेजने के लिए गाड़ी के ड्राइवर की जरूरत थी। हमने रख लिया। सोचा कई बार कर्मचारी भाग जाते हैं। कुछ दिन रुकेगा तो उसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन करा देंगे। दुकानदार ने कहा कि पप्पू की भाषा से लगता था कि वह उत्तर प्रदेश की तरफ का रहने वाला है।
कुछ दिन बाद पता चला कि पप्पू का बच्चा भी है
दुकानदार ने बताया कि दो दिन पहले पप्पू थोड़ी देरी से दुकान पर आया। उससे देरी से आने का कारण पूछा तो बताया कि बच्चे की तबीयत खराब है। उसे डॉक्टर के पास लेकर गया था। दवा दिलवाकर घर छोड़कर आया हूं, इसलिए देरी हो गई। दुकानदार ने बताया कि उसके बाद पता चला कि उसका बच्चा भी है। इससे ज्यादा पप्पू से कभी ज्यादा बात नहीं हुई, इसलिए बहुत ज्यादा उसके बारे में जानकारी नहीं है।
कोई सामान छोड़कर भागा तो कोई दुकान में ही छिप गया
शाम को सेक्टर की मार्केट में अच्छी खासी भीड़ थी। लोग दुकानों से अपना सामान भी ले रहे थे। ऑटो पार्ट्स की दुकान के दोनों ओर जनरल स्टोर की दुकानें भी हैं। लोग वहां भी खरीदारी कर रहे थे। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। जो लोग बाहर थे वह तो तुरंत इधर उधर भाग गए और जो लोग दुकानों के अंदर थे वह भी दुकानों के अंदर ही छिप गए। कुछ देर बाद जब बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठी हुई तब जाकर लोग दुकानों से बाहर निकले।
कभी किसी झगड़े के बारे में नहीं किया जिक्र
दुकानदार ने बताया कि वैसे तो पप्पू बहुत कम ही बोलता था। इसलिए उसकेबारे में बहुत ज्यादा बात नहीं हुई। उसके व्यवहार से भी कभी ऐसा नहीं लगा कि किसी से दुश्मनी होगी। यह सब अचानक हुआ। इसलिए हम लोग सदमे में हैं। अब पप्पू का यह पुराना झगड़ा है या यहां किसी से कोई बात हुई। इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
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जज नोट कांडः सुनवाई के दौरान अपने पुराने बयानों से मुकरे दो गवाह

चंडीगढ़। सीबीआई अदालत में शनिवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जज निर्मल यादव के दिल्ली के एक व्यापारी से 15 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान डॉ. मारकंडे आहुजा और एडवोकेट पंकज भारद्वाज अपने पहले दिए बयानों से मुकर गए। डॉ. आहुजा आरोपी रविंद्र सिंह और संजीव बंसल के करीबी दोस्त हैं। डॉ. मारकंडे ने सीबीआई को सितंबर 2008 में अपने बयान में बताया था कि अगस्त 2008 में जब संजीव बंसल भगौड़ा था तो उन्हें फोन कर सारी कहानी बताई थी कि कैसे रविंद्र सिंह ने जज निर्मल यादव के घर पैसे भेजे थे और मुंशी की गलती की वजह से वह पैसे जज निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए थे। संजीव बंसल ने फोन पर मारकंडे को रविंद्र सिंह को साथ लेकर दिल्ली आने को भी कहा था, लेकिन शनिवार को डॉ. मारकंडे ने कोर्ट में बयान दिया कि वह रविंद्र सिंह को जानते ही नहीं हैं।
एडवोकेट पंकज भारद्वाज ने सीबीआई को पहले दिए अपने बयान में कहा था कि जज निर्मल यादव के बारे में जानकारी के लिए उसे संजीव बंसल की कॉल आई थी, लेकिन कोर्ट में पंकज ने कहा कि उन्होंने कभी निर्मल यादव का जिक्र नहीं किया। इस दौरान गवाह सौरव दीप सिंह ने कोर्ट में अलग-अलग आरोपियों की कॉल डिटेल को पेश किया। इसके बाद गवाह वीके गुप्ता का क्रॉस एग्जामिनेशन चीफ हुआ। उन्होंने अपने बयान में कहा कि 2 अगस्त 2008 को जज निर्मल यादव ने चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए फ्लाइट ली थी और उस फ्लाइट की टिकट संजीव बंसल ने बुक कराई थी। इससे साबित होता है कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे। अब मामले की अगली सुनवाई 5 अक्तूबर को होगी।
चार्जशीट के अनुसार 13 अगस्त 2008 को हाईकोर्ट के जज निर्मलजीत कौर के घर दिल्ली के एक व्यापारी रविंद्र की ओर से 15 लाख रुपये भेजे गए थे। जज ने इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रकाश राम नाम के एक व्यक्ति ने पैकेट उन्हें दिया था। चंडीगढ़ पुलिस के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की जांच में सामने आया कि वह रुपये जज निर्मल यादव को देने थे। गलती से निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए। उसके बाद सीबीआई ने प्रकाश राम को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। बाद में यह मामला जज नोट कांड के नाम से चरचा में आया था।
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बस में ड्राइवर कंडक्टर बीड़ी सिंगरेट पीते पाए गए हो होगी कार्रवाई

बस का संचालन करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर अगर बीड़ी, सिगरेट और मोबाइल पर बात करते मिले तो उन पर सख्त कार्रवाई होगी। सेक्टर-5 बस स्टैंड के जीएम ओर से सर्कुलर निकालकर सभी रोडवेज के कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है। इसमें पहली बार जो ड्राइवर, कंडक्टर पकड़ा जाएगा उस पर 200 रुपये का जुर्माना होगा। अगर वह दूसरी बार बीड़ी, सिगरेट और मोबाइल पर बात करते मिले तो उनका एक हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। जीएम की ओर से सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों को सख्त हिदायत देते हुए ट्रैफिक नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।
पंचकूला सेक्टर-5 बस स्टैंड के जीएम भंवरजीत सिंह ने बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर की बीड़ी, सिगरेट और मोबाइल पर बात करने के दौरान बस नहीं रोकने की शिकायत आई थी। इसे लेकर मीटिंग कर ड्राइवर और कंडक्टर को अच्छा व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया गया।
इन रूटों पर चलती है पंचकूला की बसें
पंचकूला के सेक्टर-5 बस स्टैंड से कालका, पिंजौर, बद्दी, जीरकपुर, मोरनी, शहजादपुर, बरवाला, रायपुररानी लोकल रूट पर बसों का संचालन होता है। वहीं, लांग रूट की बसें दिल्ली, जालंधर के लिए पंचकूला बस स्टैंड से चलाई जाती हैं। बस स्टैंड से 64 बसों का संचालन होता है। डिपो और बस स्टैंड में 130 ड्राइवर और इतने ही कंडक्टर तैनात किए गए हैं।
यह दी यात्रियों ने शिकायत
लोकल और लांग रूट पर चलने वाले यात्रियों ने शिकायत दी है कि ड्राइवर और कंडक्टर बस का संचालन करते हुए बीड़ी, सिगरेट पीते है और बस को भी स्टैंड पर नहीं रोकते हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए यह सर्कुलर निकाला गया है। जिला पुलिस के अलावा रोडवेज के तैनात इंस्पेक्टर भी चेकिंग करेंगे। वहीं, बस के ड्राइवरों को पूरे नियम का पालन करने के लिए कहा गया है।
बस के संचालन में अगर जो भी ड्राइवर और कंडक्टर ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेगा। उसका जुर्माना किया जाएगा। अगर वह बार-बार इस तरह ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करेगा तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- भंवरजीत सिंह, जीएम, सेक्टर-5, पंचकूला बस स्टैंड।
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अवैध शराब की 101 पेटी जब्त, एक आरोपी अरेस्ट

शुक्रवार को सेक्टर-26 पुलिस ने अवैध शराब की कुल 101 पेटी शराब बरामद की गई। इन पेटियों में से कुल 1212 बोतल शराब रिकवर की गई। आरोपी शिमला के थाना नेरवा के अंतर्गत गांव ईडा निवासी सुनील है। पंचकूला की क्राइम ब्रांच टीम ने उसे सेक्टर-1 स्थित माजरी चौक के समीप से उस समय अरेस्ट किया, जब वह ट्रक से अवैध शराब की तस्करी के लिए जा रहा था। पुलिसकर्मियों को डीआई कट की तरफ से एक कैटर आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब कैंटर चालक को रुकने का इशारा किया तो चालक पुलिस को देख कैटर रोककर नीचे उतरकर भागने लगा। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पीछा कर आरोपी को कुछ ही कदमों की दूरी पर पकड़ लिया। पूछताछ में पुलिस को आरोपी पर शक हुआ और फिर कैटर को चैक करने पर पीछे की लाइन में ईंटें लगी दिखाई दी। पुलिस ने उनके ऊपर चढ़कर देखा तो अंदर शराब की पेटियां लोड मिली। गिनती करने पर 101 पेटी शराब में कुल 1212 बोतल रिकवर की गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एक्साइज एक्ट के खिलाफ केस दर्ज कर उससे पूछताछ में जुट गई है। ... और पढ़ें
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