लाल डोरे के बाहर बसे लोगों को मिलेगा मालिकाना हक : कैप्टन

Panchkula Bureauपंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 18 Oct 2020 02:18 AM IST
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कांग्रेसी नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर यह संकल्प लिया कि किसान विरोधी काले खेती कानूनों को रद्द करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाला जाएगा। इन कानूनों पर सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में गहराई से बहस की जाएगी ताकि इन कानूनों के किसानों पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का ठोस रूप में मुकाबला किया जाए। कैप्टन ने यह एलान भी किया कि लंबे समय से लाल डोरे की जमीन में रहते आ रहे लोगों को मालिकाना हक दिए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की तरफ से जल्द ही मिशन ‘लाल लकीर’ शुरू किया जाएगा और लाल डोरे से बाहर बसे लोगों को उनकी मलकीयत वाली रिहायशी संपत्तियों के लिए ‘सनद’/प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार की तरफ से इन काले कानूनों का मुकाबला करने और पंजाब की किसानी के हितों की रक्षा करने के लिए सभी जरुरी कदम उठाए जाएंगे और उनके शेष जीवन का हर दिन पंजाब के पुनर्जीवन को समर्पित होगा। उन्होंने एलान किया कि जितना समय मेरे पास बचा है, मैं किसानों और राज्य के प्रत्येक दूसरे वर्ग के लोगों के लिए लड़ता रहूंगा।
कृषि कानूनों के खिलाफ विशेष सत्र का राहुल गांधी ने किया स्वागत
विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संसद में किसानों की आवाज को दबा दिया गया था, लेकिन अब यह आवाज पंजाब विधानसभा और मुल्क के हर हिस्से में तब तक गूंजेगी जब तक केंद्र सरकार इन खेती कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर नहीं हो जाती। यदि यह कानून किसानों के हित में थे तो फिर केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में इन पर बहस की इजाजत क्यों नहीं दी?
लाल डोरे के बाहर बसी आबादी का बनेगा मानचित्र
उल्लेखनीय है कि सूबे में लाल डोरे से बाहर बसी आबादी को लेकर राज्य सरकार ने इस साल जुलाई माह में स्वामित्व नामक योजना का एलान किया था, जिसके तहत राज्य के ग्रामीण इलाकों में लाल डोरे के बाहर आबादी वाले क्षेत्र का ड्रोन आधारित मानचित्र तैयार किया जाएगा और उसी के आधार पर लाल डोरा क्षेत्र में सभी संपत्तियों की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी। राज्य सरकार इस कार्य के लिए सर्वे आफ इंडिया और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय का सहयोग लेगी। इस मामले में पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग और सर्वे आफ इंडिया के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। पंजाब के ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा का कहना है कि इससे लाल डोरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संपत्तियों के स्वामित्व के अधिकार देने का मार्ग प्रशस्त होगा।
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