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बजट में रसोई के लिए नहीं मिली राहत, आयकर में भी लाभ नहीं

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 02:44 AM IST
chandigarh, Women not happy, said - nothing to stop kitchen inflation in budget
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चंडीगढ़। बजट से शहर की महिलाएं ज्यादा खुश नजर नहीं आईं। गृहिणियों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। उम्मीद थी सरकार महंगाई कम करने और घर खर्च बचाने के लिए कोई घोषणा करेगी, लेकिन नहीं हुई। वहीं कामकाजी महिलाओं ने भी कहा कि बचत को लेकर भी कोई घोषणा नहीं हुई। एक मध्य वर्गीय परिवार के लिए तय सीमा तक बचत पर छूट दी जानी चाहिए थी ताकि लोग निडर होकर अपनी जमा पूंजी को बैंक में रख सकें। हालांकि कुछ महिलाओं ने सोने, चांदी पर कस्टम ड्यूटी कम होने को राहत की बात कही। कहा कि लगातार सोने, चांदी में तेजी से भविष्य में गहने बनवाने को लेकर संशय बना हुआ था।

बातचीत
राशन से लेकर सभी चीजें महंगी, कैसे करें बचत
यह बजट अच्छा नहीं तो इसे बहुत ज्यादा बुरा भी नहीं कह सकते लेकिन गृहिणियों के लिए इस बजट में ंकुछ नहीं है। खाद्य तेल काफी मंहगे हो गए हैं। दाल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कोरोना महामारी के दौरान लोगों को रोजगार छिन गया है इसलिए सरकार को रसोई का बजट कम करने के लिए कुछ कदम उठाने चाहिए थे।

-गीतांजलि वाधवा, वकील, जिला अदालत
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर होने चाहिए थे निर्णय
कामकाजी महिलाएं रात के समय घर जाते समय सुरक्षित रहें, इसके लिए बजट में कुछ बड़े निर्णय होने चाहिए थे। लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों के बावजूद बजट में इस क्षेत्र में निवेश कम दिखा। पिछले साल से न्यूट्रीशन बजट में केवल 300 करोड़ रुपये का ही इजाफा किया गया है।
-मंजीत कौर संधू, वकील, जिला अदालत
सोने-चांदी की कीमत में कमी से कुछ राहत मिलेगी
बजट में लोन की दरों में कटौती करना महिलाओं के लिए अच्छा संकेत है। महिलाओं के स्वास्थ्य पर सरकार ने अच्छा बजट पेश किया है। सोने और चांदी पर आयात शुल्क कम करने से कीमतें घटेंगी, जो महिलाओं के लिए बहुत बड़ी राहत है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी संख्या को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है।
-नेहा अरोड़ा, प्रेसिडेंट आरडब्लूए
ज्यादा निजीकरण की तरफ बढ़ना ठीक नहीं
बजट में कई क्षेत्रों का निजीकरण करने का प्रावधान है। यह ठीक नहीं। सरकारी तंत्र पर धीरे-धीरे निजी व्यवसायी हावी हो रहे हैं। बजट का आम लोगों तक न पहुंच पाना भी एक बड़ी समस्या है। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने अच्छे फैसले लिए हैं, लेकिन इसमें भी निजीकरण की बात कही गई है। महिलाओं के लिए थोड़ा और घोषणा करने की जरूरत थी।
-अर्पण मंजनीक, पीजीआई नर्सिंग ऑफिसर
मोबाइल व लैपटॉप मंहगा करना ठीक नहीं
सोना-चांदी सस्ता करना ठीक है, लेकिन मोबाइल और लैपटॉप मंहगे करने का निर्णय किया गया है। कोरोना महामारी के बाद मोबाइल व लैपटॉप अब शौक के लिए नहीं बल्कि अनिवार्य चीजें हो गई हैं। कुछ लोगों की इतनी आमदनी नहीं कि वह इन चीजों को खरीद सकें। बावजूद इसके इन चीजों को मंहगा करना ठीक नहीं।
रोशनी राय, वकील जिला अदालत

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