कानून की कमी नहीं, पुलिस जांच सही करे : जस्टिस जैन

Panchkula Updated Sun, 23 Dec 2012 05:31 AM IST
पंचकूला। भारत में कानून की कोई कमी नहीं है। कानून में गंभीर से गंभीर अपराध की सजा का प्रावधान है। चाहे वह दुराचार हो या फिर कोई अन्य अपराध। जरूरी यह है कि जांच एजेंसी अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से करे। जांच कमजोर होने पर अपराधियों को फायदा पहुंचता है। जांच में सभी तथ्य हों तो अपराधी कभी भी बच नहीं सकता। स्वतंत्र जांच एजेंसी बनाने की जरूरत है। साथ ही पुलिस की भी जांच और मजबूत बनाने की जरूरत है। दिल्ली में सामूहिक दुराचार के मामले को खुद हाईकोर्ट देख रहा है। यह बात सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस और राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण नई दिल्ली के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस डीके जैन ने सेक्टर-14 में पत्रकार वार्ता में कही। वे शनिवार को सेक्टर-14 में हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मुख्यालय भवन की आधारशिला रखने पहुंचे थे।
उन्होंने पैरा लीगल वालंटियरों को परामर्श देते हुए कहा कि वे भी कानूनी सहायता केन्द्रों में लोगों को जागरूक करें। वालंटियर्स लोगों के बीच यह न दिखाने की कोशिश करें कि वे उनकी मदद के लिए आए हैं अपितु लोगों को यह विश्वास दिलाएं कि वे मित्रभाव से उनकी सेवा करने आए हैं। ऐसा करने से उन्हें अपने कार्य की दिशा में संतुष्टि प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह भवन 2400 वर्ग मीटर में बनेगा। इस पर करीब 7.5 करोड़ की लागत आएगी। उन्होंने जजों को भरोसा दिलाया कि विधिक सेवा प्राधिकरण हरियाणा सरकार से जो भी मदद मांगेगी, उसे हर संभव सहायता दी जाएगी।
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पंजाब विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस जसबीर सिंह, पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पंचकूला सेशन डिवीजन के प्रशासनिक न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया, जिला सेशन जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष अनीता चौधरी, सीजेएम जयबीर सिंह, उपायुक्त आशिमा बराड़, पुलिस उपायुक्त पारुल कुश जैन, विधायक डीके बंसल, नगर परिषद के पूर्व प्रधान रविंदर रावल मौजूद रहे।

कोर्ट से पहले एडीआर में जाएं लोग
इससे पूर्व सेक्टर एक स्थित न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण नई दिल्ली के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस डीके जैन ने जिला वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र की आधारशिला रखी। पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के पैटरन इन चीफ जस्टिस एके सिकरी ने बताया कि तीन करोड़ से ज्यादा केस अदालतों में पेंडिंग हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एडीआर का कंसेप्ट लाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली न्याय लोक अदालत एडीआर से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि विवाद के एक नहीं बल्कि कई हल निकल सकते हैं और यह हल सिर्फ एडीआर से ही निकल सकता है। अदालत से फैसला मिलता है, लेकिन एडीआर दिलों को मिलाता है।
पंचकूला सहित 18 जिलों में खुलेंगे एडीआर
जस्टिस एसके मित्तल ने कहा कि प्रदेश में 18 के करीब वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्रों के निर्माण की ग्रांट मिली है। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश के स्कूलों में कानूनी जानकारी के लिए लेसन इन लॉ नामक पुस्तक भी एक विषय के रूप में लाई जाएगी। यह पुस्तक अगले सेशन में स्कूलों में लागू कर दी जाएगी।

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